ISRO-NASA Next Mission: नासा के साथ इस वित्त वर्ष में एक और उपग्रह लॉन्च करेगा इसरो, जानें क्या है मिशन
इसरो ने बुधवार को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की जब उसने नासा के साथ मिलकर बनाए गए निसार उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस मिशन की सफलता के बाद इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल नौ बड़े अंतरिक्ष प्रक्षेपण की योजना बनाई गई है। इन मिशनों में से एक फिर से नासा के साथ सहयोग में होगा।
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'इसरो ने नौ प्रमुख प्रक्षेपणों की बनाई योजना'
निसार के प्रक्षेपण के बाद मिशन नियंत्रण कक्ष में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख ने कहा, इस वित्त वर्ष के अंत से पहले, नौ प्रमुख प्रक्षेपणों की योजना बनाई गई है। अगला प्रमुख प्रक्षेपण एलवीएम3-एम5 मिशन है, जहां एलवीएम3 रॉकेट एक संचार उपग्रह सीएमएस-02 को प्रक्षेपित करेगा।
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इसरो-नासा के अगला मिशन- ब्लू बर्ड ब्लॉक2
उन्होंने कहा, आगामी महत्वपूर्ण मिशनों में नासा के साथ एक और सहयोग शामिल है। एक्सिओम-4 और आज के जीएसएलवी-एफ16/निसार मिशन के बाद, इस साझेदारी के तहत इसरो का एलवीएम-3 यान अमेरिका के लिए एक संचार उपग्रह, ब्लू बर्ड ब्लॉक2 का प्रक्षेपण करेगा। इसके अलावा, इसरो का पीएसएलवी-सी61 ओशनसैट-3ए को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है, जबकि जीएसएलवी-एफ18 जीआईएसएटी-1ए उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा।
क्या इसरो की अगली योजना?
इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने आगे कहा, हम कुछ एसएसएलवी (लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान) मिशन भी प्रक्षेपित करने की योजना बना रहे हैं। एलवीएम3-एम5 मिशन के बाद, ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) सी63 के जरिए उपयोगकर्ता की तरफ से वित्त पोषित उपग्रह का प्रक्षेपण किया जाएगा। इसके बाद पहला पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) लॉन्च किया जाएगा, जिसे पीएसएलवी-एन1 नामक औद्योगिक कंसोर्टियम ने तैयार किया है।
इसरो के प्रमुख मिशन:
1. पीएसएलवी-सी61-
इससे ओशियनसैट-3ए नाम का उपग्रह को लॉन्च किया जाएगा, जो समुद्री निगरानी और मौसम अध्ययन में मदद करेगा।
2. जीएसएलवी-एफ18-
यह रॉकेट जीआईसैट-1ए नाम का उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित करेगा। यह एक भू-पर्यवेक्षण उपग्रह है।
3. एसएसएलवी मिशन-
इसरो इस साल दो छोटे रॉकेट मिशनों की भी योजना बना रहा है, जिनसे कम वजन वाले उपग्रह भेजे जाएंगे।
4. पीएसएलवी-सी63-
यह लॉन्च एक उपयोगकर्ता द्वारा वित्तपोषित सैटेलाइट के लिए होगा।
5. पीएसएलवी-एन1-
यह इसरो के निजीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों के विजन के तहत यह लॉन्च पूरी तरह निजी कंपनियों के सहयोग से किया जाएगा। इसमें 30 से अधिक तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा जैसे इलेक्ट्रिक प्रपल्शन, क्वांटम कम्युनिकेशन और कई उन्नत तकनीकें।
6. जीएसएलवी-एफ17-
इससे एनवीएस-03 नाम का नेविगेशन उपग्रह को लॉन्च किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री के विजन की तारीफ
इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों की बदौलत निजी क्षेत्र को भी अब लॉन्चिंग प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। पीएसएलवी-एन1 इसका एक जीवंत उदाहरण है।