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NIA: केरल में भारी मात्रा में विस्फोटक और डेटोनेटर बरामदगी का मामला, एनआईए ने संभाली जांच
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 14 May 2026 11:38 AM IST
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सार
केरल में बीती फरवरी में बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया था। अब इस मामले की जांच एनआईए ने संभाल ली है और जल्द ही एनआईए की टीम गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ करेगी।
एनआईए
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के मलप्पुरम जिले के तिरुरंगडी में बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बरामद होने के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। NIA ने पिछले महीने इस मामले की जांच शुरू की थी और हाल ही में परप्पनंगडी की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत से केस रिकॉर्ड को कोच्चि स्थित विशेष एनआईए अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की है।
क्या है मामला
यह मामला 7 फरवरी 2026 का है, जब तिरुरंगडी के पास चेम्माड इलाके में प्याज से लदे एक ट्रक से 89,600 जिलेटिन छड़ें और 10,500 नॉन-इलेक्ट्रिक शॉक ट्यूब डेटोनेटर बरामद हुए थे। विस्फोटकों को 448 बक्सों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक ईंट निर्माण इकाई पर छापा मारा, जहां प्याज से भरा ट्रक खड़ा था। जांच के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। तिरुरंगडी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।
एक अधिकारी ने बताया, 'हमने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में पता चला कि विस्फोटकों का इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जाना था, लेकिन भारी मात्रा में बरामदगी को देखते हुए एनआईए ने विस्तृत जांच का फैसला किया।' पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक सामग्री कर्नाटक के बीजापुर से लाई गई थी।
एनआईए जल्द करेगी आरोपियों से पूछताछ
मामला विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 (जीवन या संपत्ति को खतरे में डालने की मंशा से विस्फोटक रखने) और धारा 5 (संदिग्ध परिस्थितियों में विस्फोटक रखने) के तहत दर्ज किया गया है। NIA जल्द ही कोच्चि की विशेष अदालत में आवेदन देकर आरोपियों से पूछताछ करेगी। साथ ही विस्फोटकों की सप्लाई चेन और स्रोत की भी गहन जांच की जाएगी। गौरतलब है कि तिरुरंगडी में इस बरामदगी से कुछ दिन पहले भी पलक्कड़ में तरबूज से भरे एक ट्रक से भी 100 से अधिक बक्सों में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बरामद किए गए थे।
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क्या है मामला
यह मामला 7 फरवरी 2026 का है, जब तिरुरंगडी के पास चेम्माड इलाके में प्याज से लदे एक ट्रक से 89,600 जिलेटिन छड़ें और 10,500 नॉन-इलेक्ट्रिक शॉक ट्यूब डेटोनेटर बरामद हुए थे। विस्फोटकों को 448 बक्सों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक ईंट निर्माण इकाई पर छापा मारा, जहां प्याज से भरा ट्रक खड़ा था। जांच के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। तिरुरंगडी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है।
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एक अधिकारी ने बताया, 'हमने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में पता चला कि विस्फोटकों का इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जाना था, लेकिन भारी मात्रा में बरामदगी को देखते हुए एनआईए ने विस्तृत जांच का फैसला किया।' पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक सामग्री कर्नाटक के बीजापुर से लाई गई थी।
एनआईए जल्द करेगी आरोपियों से पूछताछ
मामला विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 (जीवन या संपत्ति को खतरे में डालने की मंशा से विस्फोटक रखने) और धारा 5 (संदिग्ध परिस्थितियों में विस्फोटक रखने) के तहत दर्ज किया गया है। NIA जल्द ही कोच्चि की विशेष अदालत में आवेदन देकर आरोपियों से पूछताछ करेगी। साथ ही विस्फोटकों की सप्लाई चेन और स्रोत की भी गहन जांच की जाएगी। गौरतलब है कि तिरुरंगडी में इस बरामदगी से कुछ दिन पहले भी पलक्कड़ में तरबूज से भरे एक ट्रक से भी 100 से अधिक बक्सों में जिलेटिन स्टिक और डेटोनेटर बरामद किए गए थे।