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Pune Building Collapse: कचरे का पहाड़ बना काल; पुणे हादसे में गई नौ की जान, इसे किसने बताया एक्ट ऑफ गॉड?
Sun, 12 Jul 2026 10:46 AM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 12 Jul 2026 10:46 AM IST
सार
पुणे के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की प्रशासनिक इमारत गिरने के हादसे में लापता आखिरी व्यक्ति का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या नौ हो गई। कंपनी ने हादसे को 'एक्ट ऑफ गॉड' बताया है। इसके साथ ही घायलों के इलाज, मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है।
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घटनास्थल की फोटो
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पुणे के पास मोशी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में इमारत गिरने के हादसे में लापता आखिरी व्यक्ति का शव भी रविवार तड़के बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। बचाव दल ने तलाशी अभियान पूरा होने के बाद इसे समाप्त कर दिया।
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आखिर हादसा कैसे हुआ?
यह हादसा 8 जुलाई को पुणे जिले के मोशी में पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) द्वारा संचालित वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट में हुआ। यहां तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत उस समय ढह गई, जब उसके पास जमा कचरे का विशाल ढेर भूस्खलन की तरह इमारत पर आ गिरा। इस हादसे में कई लोग मलबे में दब गए थे।
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आखिरी लापता व्यक्ति का शव कहां मिला?
अधिकारियों के मुताबिक, लापता आखिरी व्यक्ति वामन कसबे का शव रविवार तड़के मलबे से निकाला गया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या नौ हो गई, जबकि 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद राहत और बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।
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कंपनी ने हादसे को 'दैवीय घटना' क्यों बताया?
शनिवार शाम पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद एंटनी वेस्ट ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट महेंद्र अनंतुला ने मीडिया से बातचीत में इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि मृतक और घायल सभी लोग 'हमारे परिवार का हिस्सा' थे। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से दैवीय घटना या प्राकृतिक आपदा थी। किसी ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी और न ही कोई कर सकता था। पिछले चार-पांच दिनों में हुई भारी बारिश का अंदाजा लगाना संभव नहीं था। पिछले एक सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
घायलों और पीड़ित परिवारों के लिए क्या घोषणा की गई?
महेंद्र अनंतुला ने कहा कि हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। इसके अलावा कंपनी के योगदान और बीमा पॉलिसी के जरिए प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
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मृतकों के परिवारों को और क्या मदद मिलेगी?
उन्होंने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को कंपनी में स्थायी नौकरी दी जाएगी। साथ ही मृतकों के नाबालिग बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी कंपनी वहन करेगी।