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BJP में पीढ़ी परिवर्तन की तैयारी: नितिन नवीन की टीम में युवाओं को कमान, कैबिनेट में भी बड़ी सर्जरी के संकेत
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सार
भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष नितिन नवीन अब अपनी नई टीम के गठन की तैयारी में हैं, जिसमें 'युवा और अनुभव' के मिश्रण पर जोर दिया जाएगा। इस नई टीम में महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर राज्यों के ऊर्जावान युवा चेहरों को मौका देकर पार्टी भविष्य के लिए नया नेतृत्व तैयार करना चाहती है। उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व कई बड़े फेरबदल कर सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल और असम में सरकार के गठन का काम पूरा होने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन पर मंथन शुरू हो गया है। इस क्रम में पार्टी के अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष की युवा टीम बनाने के लिए राज्यों के ऊर्जावान युवा चेहरों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि युवा एवं अनुभव के मिश्रण से तैयार होने जा रही नई टीम में महासचिव पद पर ज्यादातर युवा चेहरे नजर आएंगे, जबकि उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ नेताओं को अवसर दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक नितिन के 20 जनवरी को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नई टीम पर प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू तो हुई, लकिन इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनावों में व्यस्त हो गई। जीत वाले राज्यों में सरकारों के गठन के बाद अब नई टीम पर फिर से बातचीत शुरू हुई है। उक्त सूत्र के मुताबिक चूंकि नई टीम में केंद्रीय मंत्रिमंडल के भी कुछ चेहरों को जगह मिलेगी, ऐसे में नई टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी विस्तार होगा।
युवा और अनुभव का मिश्रण
पार्टी नेतृत्व और संघ दोनों चाहते हैं कि इसमें राज्यों के ऐसे ऊर्जावान युवाओं को मौका मिले, जिससे पार्टी आगामी डेढ़ से दो दशक तक नए नेतृत्व का सूखा न झेले। वैसे भी नितिन के रूप में अब तक के सबसे युवा को संगठन की कमान देकर पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि नई टीम का गठन 26 मई (मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने) से पहले किया जा सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत
पूरी संभावना है कि 9 जून को तीसरे कार्यकाल का दो साल पूरा होने के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा भी तय हो जाए। चूंकि अगले साल यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेतृत्व चुनावी राज्यों को संदेश देने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार में देरी नहीं करेगी। विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच जिस प्रकार कई अहम मंत्रालयों की नौकरशाही में अचानक और भारी बदलाव हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल में भी बड़ी सर्जरी के संदेश छिपे हैं। वैसे भी मोदी सरकार का हर विस्तार बड़े चेहरे का विकेट गिरने के कारण चर्चा में रहा है। नौकरशाही में बदलाव से संदेश गया है कि पीएम कई अहम मंत्रालयों के कामकाज से खुश नहीं हैं। इसके अलावा आप के सात राज्यसभा सांसदों के पाला बदल के बाद इनमें से एक को मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है।
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सूत्रों के मुताबिक नितिन के 20 जनवरी को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नई टीम पर प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू तो हुई, लकिन इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनावों में व्यस्त हो गई। जीत वाले राज्यों में सरकारों के गठन के बाद अब नई टीम पर फिर से बातचीत शुरू हुई है। उक्त सूत्र के मुताबिक चूंकि नई टीम में केंद्रीय मंत्रिमंडल के भी कुछ चेहरों को जगह मिलेगी, ऐसे में नई टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी विस्तार होगा।
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युवा और अनुभव का मिश्रण
पार्टी नेतृत्व और संघ दोनों चाहते हैं कि इसमें राज्यों के ऐसे ऊर्जावान युवाओं को मौका मिले, जिससे पार्टी आगामी डेढ़ से दो दशक तक नए नेतृत्व का सूखा न झेले। वैसे भी नितिन के रूप में अब तक के सबसे युवा को संगठन की कमान देकर पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि नई टीम का गठन 26 मई (मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने) से पहले किया जा सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत
पूरी संभावना है कि 9 जून को तीसरे कार्यकाल का दो साल पूरा होने के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा भी तय हो जाए। चूंकि अगले साल यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेतृत्व चुनावी राज्यों को संदेश देने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार में देरी नहीं करेगी। विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच जिस प्रकार कई अहम मंत्रालयों की नौकरशाही में अचानक और भारी बदलाव हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल में भी बड़ी सर्जरी के संदेश छिपे हैं। वैसे भी मोदी सरकार का हर विस्तार बड़े चेहरे का विकेट गिरने के कारण चर्चा में रहा है। नौकरशाही में बदलाव से संदेश गया है कि पीएम कई अहम मंत्रालयों के कामकाज से खुश नहीं हैं। इसके अलावा आप के सात राज्यसभा सांसदों के पाला बदल के बाद इनमें से एक को मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है।