{"_id":"6a06b34f475fc92e8c0b6b63","slug":"not-a-trade-deal-but-a-deal-for-adani-s-release-rahul-gandhi-s-big-allegation-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"'ट्रेड डील नहीं अदाणी की रिहाई का सौदा किया': राहुल का बड़ा आरोप, कांग्रेस बोली- US के दबाव में झुकी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'ट्रेड डील नहीं अदाणी की रिहाई का सौदा किया': राहुल का बड़ा आरोप, कांग्रेस बोली- US के दबाव में झुकी सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: रिया दुबे
Updated Fri, 15 May 2026 11:17 AM IST
विज्ञापन
सार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता देशहित नहीं, बल्कि गौतम अदाणी को राहत दिलाने के लिए किया गया सौदा है। आइए विस्तार से जानते हैं।
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता देशहित में नहीं, बल्कि उद्योगपति गौतम अदाणी को राहत दिलाने के लिए किया गया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि समझौता करने वाले प्रधानमंत्री ने व्यापार समझौता नहीं किया, बल्कि अदाणी की रिहाई का सौदा किया है।
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें कहा गया कि अमेरिकी सरकार गौतम अदाणी के खिलाफ दायर मुकदमे को सुलझाने पर सहमत हो गई है। दरअसल, अमेरिका में दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने भारत में अपनी बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कथित रिश्वतखोरी योजना को छिपाया और निवेशकों को गुमराह किया। गुरुवार को प्रकाशित अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार इस मामले के निपटारे के लिए तैयार हो गई है।
जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि अब यह भी स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री ने 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया। उन्होंने राष्ट्रीय हित के बजाय राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के आगे झुककर फैसला लिया।
उन्होंने आगे दावा किया कि ट्रंप प्रशासन अदाणी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े सभी आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। रमेश ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री और कितने समझौता करेंगे?
मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने अमेरिकी कंपनियों समेत विभिन्न संस्थानों से करीब 2 अरब डॉलर के लोन और बॉन्ड जुटाए, जबकि कंपनी ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों और प्रक्रियाओं को लेकर झूठे और भ्रामक दावे किए थे। हालांकि अदाणी समूह ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
Trending Videos
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें कहा गया कि अमेरिकी सरकार गौतम अदाणी के खिलाफ दायर मुकदमे को सुलझाने पर सहमत हो गई है। दरअसल, अमेरिका में दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने भारत में अपनी बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कथित रिश्वतखोरी योजना को छिपाया और निवेशकों को गुमराह किया। गुरुवार को प्रकाशित अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार इस मामले के निपटारे के लिए तैयार हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जयराम रमेश ने पूछे तीखे सवाल
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री ने एकतरफा और अमेरिका के पक्ष में झुके भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को क्यों स्वीकार किया।जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि अब यह भी स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री ने 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया। उन्होंने राष्ट्रीय हित के बजाय राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के आगे झुककर फैसला लिया।
उन्होंने आगे दावा किया कि ट्रंप प्रशासन अदाणी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े सभी आरोप हटाने की तैयारी कर रहा है। रमेश ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री और कितने समझौता करेंगे?
क्या है मामला?
यह मामला 2024 के आखिर में अमेरिका की सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा दायर मुकदमे से जुड़ा है। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी। आरोपों के अनुसार, यह रिश्वत भारत में सौर ऊर्जा आपूर्ति के लाभदायक ठेके हासिल करने के लिए दी गई थी, जिनसे 20 वर्षों में करीब 2 अरब डॉलर का मुनाफा होने की उम्मीद थी।मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने अमेरिकी कंपनियों समेत विभिन्न संस्थानों से करीब 2 अरब डॉलर के लोन और बॉन्ड जुटाए, जबकि कंपनी ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों और प्रक्रियाओं को लेकर झूठे और भ्रामक दावे किए थे। हालांकि अदाणी समूह ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन