Maharashtra: अजित डोभाल की युवाओं से अपील- राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखें; गृहमंत्री अमित शाह ने की NSA की सराहना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को युवाओं को सलाह दी कि वे जीवन में गलतियां करने से बचने के लिए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रसिद्ध किताब 'गीता रहस्य' पढ़ें। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना जगाने में तिलक की अहम भूमिका को भी याद किया। अमित शाह ने छात्रों से कहा कि वे लोकमान्य तिलक के दिखाए रास्ते पर चलें। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद वह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सबसे पहला महत्वपूर्ण फैसला अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करने का लिया था। उन्होंने कहा कि डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री के हर महत्वपूर्ण फैसले के पीछे उनका मार्गदर्शन और सलाह रही है।
#WATCH | Maharashtra: Union Home Minister Amit Shah presents Lokmanya Tilak National Award to NSA Ajit Doval, in Pune. pic.twitter.com/sXq0UmkA4j
— ANI (@ANI) August 1, 2026
'रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका'
गृह मंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में लंबे समय तक सेवा दी और बाद में एनएसए बनने के बाद कई रणनीतिक योजनाओं को जमीन पर उतारा। उन्होंने कहा कि डोभाल ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, नई तकनीक को बढ़ावा देने, सेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शाह ने यह भी कहा कि खुफिया एजेंसियों से जुड़े कामों की प्रकृति ऐसी होती है कि डोभाल के कई योगदान कभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने भारत की रक्षा व्यवस्था की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं को मजबूत किया है, जिसमें अजीत डोभाल का बड़ा योगदान रहा है।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Conferring the ‘Lokmanya Tilak National Award 2026’ to NSA Ajit Doval, Union Home Minister Amit Shah says, "It was from this very land that Shivaji Maharaj proclaimed 'Swaraj'... Tilak Maharaj also worked to mobilise the masses for the movements of… pic.twitter.com/uH0Nn7P2de
— ANI (@ANI) August 1, 2026
लोकमान्य तिलक के दिखाए रास्ते पर चलें छात्र- अमित शाह
इस दौरान अमित शाह ने छात्रों से कहा कि वे लोकमान्य तिलक के दिखाए रास्ते पर चलें। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हटाने के लिए पुलिस ने शॉक बैटन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। देशभर में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा था। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इस मुद्दे को लेकर संसद में भी जमकर हंगामा हुआ था। इन घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर युवाओं को संबोधित किया था।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Conferring the ‘Lokmanya Tilak National Award 2026’ to NSA Ajit Doval, Union Home Minister Amit Shah says, "It was from this very land that Shivaji Maharaj proclaimed 'Swaraj'... Tilak Maharaj also worked to mobilise the masses for the movements of… pic.twitter.com/uH0Nn7P2de
— ANI (@ANI) August 1, 2026
लोकमान्य तिलक के विचार आज भी प्रासंगिक- अमित शाह
गृह मंत्री ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख शिल्पकार बताते हुए कहा कि उनका प्रसिद्ध नारा 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस नारे ने लोगों को यह एहसास कराया कि स्वशासन उनका अधिकार है, किसी की कृपा नहीं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव के माध्यम से लोगों को एकजुट किया और स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत आज तिलक द्वारा दिखाए गए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा को कोई पीछे नहीं मोड़ सकता। उन्होंने कहा कि तिलक के विचार और उनका जीवन आज भी देश के युवाओं को प्रेरित करते हैं।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Conferring the ‘Lokmanya Tilak National Award 2026’ to NSA Ajit Doval, Union Home Minister Amit Shah says, "The Tilak Award conferred upon Ajit Doval will serve as a tremendous source of inspiration for citizens across all sectors who live and work… pic.twitter.com/Gs2xa07z5y
— ANI (@ANI) August 1, 2026
युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखने की अपील
इस दौरान पुरस्कार स्वीकार करते हुए एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जीवन का लक्ष्य केवल राष्ट्रहित रखें और छोटे-छोटे व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठें। उन्होंने कहा, 'आज के युवाओं को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे केवल देश के हित में काम करेंगे। यदि कभी निजी हित और राष्ट्रहित के बीच चुनाव करना पड़े, तो वे राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें'।
#WATCH | Pune, Maharashtra | NSA Ajit Doval says, "Young people today might assume that India has always been the way it is now, or they might mistake freedom for the mere liberty to do whatever one desires. But that is not what freedom truly means."
— ANI (@ANI) August 1, 2026
After being conferred with… pic.twitter.com/HEVqbdUeNq
'भारत के पास सुनहरा अवसर, इसे गंवाना नहीं चाहिए'
अजित डोभाल ने कहा कि भारत इस समय अपने इतिहास के बेहद महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के सामने विकास और राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अवसर है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमारे देश के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता राष्ट्र निर्माण होनी चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस मिशन में सफल होंगे और नया इतिहास रचेंगे'।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सराहना
अजित डोभाल ने कहा कि देश सौभाग्यशाली है कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे नेतृत्व का मार्गदर्शन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अमित शाह के साथ काम करने का अवसर मिला है और उनकी स्पष्ट सोच तथा देश के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।
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लोकमान्य तिलक के त्याग को किया याद
अजीत डोभाल ने कहा कि लोकमान्य तिलक केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और दार्शनिक भी थे। उन्होंने बताया कि जब पुणे में प्लेग फैला और उनके 21 वर्षीय बेटे की मृत्यु हो गई, तब भी तिलक शहर छोड़कर नहीं गए, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा करते रहे। अजित डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शायद यह समझती है कि आजादी का मतलब केवल अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीना है, लेकिन आजादी उन लोगों के त्याग और बलिदान का परिणाम है जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को भी समझना जरूरी है और उनका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक का स्वराज का संदेश केवल एक नारा नहीं था, बल्कि वह चाहते थे कि देश का हर नागरिक आत्मसम्मान, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ जीवन जिए।