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सदन में हंगामे पर सख्ती: निलंबित सांसदों के दैनिक भत्ता से समितियों तक एंट्री पर रोक; और क्या नहीं कर पाएंगे?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 04 Feb 2026 02:23 AM IST
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सार

लोकसभा में हंगामे और अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर एक बार फिर सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। कांग्रेस और माकपा के आठ सांसदों को बजट सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में अब निलंबित सांसद पर कुछ रोक भी लगाए गए हैं। आइए जानते है कि ये सांसद अब क्या-क्या नहीं कर पाएंगे?

Parliament action against disruption Suspended LS MPs cant attend parliamentary panel meet draw allowances
लोकसभा (File Photo) - फोटो : ANI
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विस्तार
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लोकसभा में मंगलवार का दिन हंगामा और शोरगुल का रहा। इस दौरान संसद की मर्यादा टूटने की खबर भी खूब चर्चा में रही। इसके बाद संसद में हंगामे और अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर एक बार फिर सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। जब कांग्रेस और माकपा के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से सस्पेंड किया गया है। लोकसभा सचिवालय ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है।

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जारी सर्कुलर के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान ये सांसद लोकसभा कक्ष, लॉबी और दर्शक दीर्घा (गैलरी) में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, वे संसद की किसी भी स्थायी या अस्थायी समिति की बैठकों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे और न ही समिति से जुड़े किसी चुनाव में वोट कर सकेंगे।

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सांसद इन चिजों से भी रहेंगे वंचित
मामले में लोकसभा सचिवालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबित सांसद अपने नाम से कोई नोटिस, प्रश्न या अन्य संसदीय कार्य सूचीबद्ध नहीं करवा सकेंगे। इस अवधि में उनके द्वारा दिया गया कोई भी नोटिस स्वीकार नहीं किया जाएगा।


सांसदों को दैनिक भत्ता भी नहीं मिलेगा
अधिकारियों की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार निलंबन के दौरान इन सांसदों को दैनिक भत्ता भी नहीं मिलेगा। नियमों का हवाला देते हुए सर्कुलर में कहा गया है कि जब किसी सांसद को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया जाता है, तो संसद में उनकी मौजूदगी को 'ड्यूटी पर निवास' नहीं माना जाता, इसलिए वे भत्ते के हकदार नहीं होते।

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कौन-कौन से सांसद निलंबित हुए?
बता दें कि निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोसे, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, मणिकम टैगोर, प्रशांत पाडोले और चमाला किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं। वहीं, माकपा के सांसद एस. वेंकटेशन को भी निलंबित किया गया है। इन सभी सांसदों को लोकसभा के नियम 374 के तहत निलंबित किया गया है, जो सदन में गंभीर अव्यवस्था या अनुशासनहीन आचरण की स्थिति में लागू किया जाता है। इस नियम के तहत निलंबन का मतलब यह है कि संबंधित सदस्य सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही से पूरी तरह बाहर माने जाते हैं।

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