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Monsoon Session: सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी को साधने में जुटी सरकार, हर स्तर पर हो रही तैयारी
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सोनम वांगचुक
- फोटो : अमर उजाला
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संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। यह 13 अगस्त तक प्रस्तावित है। संसद के सत्र को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद के घेराव का आह्वान किया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के प्रकरण ने दिल्ली पुलिस के नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की अग्निपरीक्षा लेना आरंभ कर दिया है। केन्द्र सरकार भी इस चुनौती को साधने में जुट गई है। केन्द्र सरकार के रणनीतिकार हर स्तर की तैयारी में जुटे हैं।
कैसे निपटेंगे नए पुलिस कमिश्नर?
अनुराग कुमार लंबे समय तक खुफिया ब्यूरो में संयुक्त निदेशक रहे हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर का पद संभालने के बाद पहला निर्णय सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने का लिया। माना जा रहा है कि वह जंतर मंतर से उठ रही कॉकरोच जनता पार्टी की आवाज से संसद के मानसून सत्र को अलग रखने की ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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कैसे निपटेंगे नए पुलिस कमिश्नर?
अनुराग कुमार लंबे समय तक खुफिया ब्यूरो में संयुक्त निदेशक रहे हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर का पद संभालने के बाद पहला निर्णय सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने का लिया। माना जा रहा है कि वह जंतर मंतर से उठ रही कॉकरोच जनता पार्टी की आवाज से संसद के मानसून सत्र को अलग रखने की ठोस रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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क्यों संवेदनशील है सरकार?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से ज्यादा केन्द्र सरकार के सामने बड़ी चुनौती विपक्षी एकता के अवसर को रोकना है। तृममूल कांग्रेस, शिवसेना यूटीबी और आम आदमी पार्टी के नेताओं का बड़ी संख्या में साथ छोड़ने के बाद विपक्ष की ताकत पर असर पड़ा है। इसके बावजूद विपक्ष दल एक साथ खड़े होकर अपनी मजबूती बनाए रखना चाहते हैं। केन्द्र सरकार इसको लेकर संवेदनशील है और उन्हें इसका कोई अवसर नहीं देना चाहती। इसके बाबत शनिवार को विपक्ष और सत्ता के नेताओं ने मंत्रणा की है और रविवार को भी इस क्रम के जारी रहने के आसार हैं।
रविवार 19 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें संसद के मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा होगी। 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए के सांसदों की बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी ने भी बैठक बुलाई है। विपक्ष सहयोगी दलों से लगातार सरकार को घेरने के लिए मंत्रणा कर रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से ज्यादा केन्द्र सरकार के सामने बड़ी चुनौती विपक्षी एकता के अवसर को रोकना है। तृममूल कांग्रेस, शिवसेना यूटीबी और आम आदमी पार्टी के नेताओं का बड़ी संख्या में साथ छोड़ने के बाद विपक्ष की ताकत पर असर पड़ा है। इसके बावजूद विपक्ष दल एक साथ खड़े होकर अपनी मजबूती बनाए रखना चाहते हैं। केन्द्र सरकार इसको लेकर संवेदनशील है और उन्हें इसका कोई अवसर नहीं देना चाहती। इसके बाबत शनिवार को विपक्ष और सत्ता के नेताओं ने मंत्रणा की है और रविवार को भी इस क्रम के जारी रहने के आसार हैं।
रविवार 19 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें संसद के मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा होगी। 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए के सांसदों की बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी ने भी बैठक बुलाई है। विपक्ष सहयोगी दलों से लगातार सरकार को घेरने के लिए मंत्रणा कर रहा है।