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TMC Crisis: 'बागी सांसद लौट आएं, मैं एक घंटे में इस्तीफा दे दूंगा', टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती

Sat, 18 Jul 2026 08:42 PM IST
Pavan एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता Published by: Pavan Updated Sat, 18 Jul 2026 08:42 PM IST
सार

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सभी बागी सांसद और विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस लौट आते हैं तो वह एक घंटे के भीतर इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना से उनके कार्यालय पर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया और कहा कि मामले में हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।

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"I will resign within one hour if TMC rebels return": Abhishek Banerjee's open challenge to rebels
अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और सांसदों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोबारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में लौट आते हैं तो वह सिर्फ एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सौदा कर लिया है और अब उसी की भाषा बोल रहे हैं। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा के दबाव में कुछ नेता उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आपको पुलिस और जांच एजेंसियों से बचना है तो भाजपा की स्क्रिप्ट के मुताबिक अभिषेक बनर्जी को गाली देनी होगी। तभी आपको राहत मिलेगी'।
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'2024 की जीत का भी श्रेय मुझे मिलना चाहिए'
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी छोड़कर चले गए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उन्हें पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया जाता है तो 2024 में पश्चिम बंगाल में टीएमसी की 29 सीटों की जीत का श्रेय भी उन्हें मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर अभिषेक बनर्जी हार के लिए जिम्मेदार हैं तो फिर 2024 की जीत का श्रेय भी मुझे मिलना चाहिए। क्या मेरे विरोधी इसे स्वीकार करेंगे?'
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बागी सांसद-विधायकों को खुली चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि अब तक करीब 60 विधायक और 20 सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को मुझसे समस्या है तो मैं खुली चुनौती देता हूं। आप सभी ममता बनर्जी के पास वापस लौट आइए। आप दोपहर तीन बजे लौटिए, मैं शाम चार बजे इस्तीफा दे दूंगा। मुझे पद की नहीं, पार्टी और जनता की चिंता है'।

ईडी-सीबीआई के डर से पार्टी छोड़ने वालों पर निशाना
उन्होंने जांच एजेंसियों के डर से पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उसे जांच का सामना करना चाहिए। अभिषेक ने कहा, 'मुझे भी कई बार सीबीआई और दूसरी एजेंसियों ने बुलाया है। मेरे खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन मैं कभी नहीं भागा। हमारे लिए ईडी या सीबीआई से बचना महत्वपूर्ण नहीं है। सबसे बड़ा सुरक्षा कवच जनता का भरोसा है। लोकतंत्र में मैं सिर्फ जनता के सामने झुकूंगा, दिल्ली में बैठे ताकतवर लोगों के सामने नहीं'।

कार्यालय तोड़ने की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यालय को लेकर लगाए गए बूथ कैप्चरिंग के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि अगर कार्यालय का इस्तेमाल चुनाव में गड़बड़ी के लिए होता तो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग इसे साबित करता। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय को राजनीतिक बदले की भावना से गिराया गया। उनके अनुसार कार्रवाई के दौरान भाजपा के झंडे और भगवा गमछे लिए लोग परिसर में घुसे और वहां रखे फर्नीचर व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, 'हम पूरे मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके'।


सौगत रॉय ने भी जताया विरोध
टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने भी अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हुई कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाने की कोशिश है।

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प्रशासन ने क्या कहा?
इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्यालय को कथित अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद सरकारी नियमों के तहत बेदखली की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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