संसद में टूटी मर्यादा: लोकसभा स्पीकर के आसन की ओर कागज उछालने वाले आठ सांसद निलंबित, कार्यवाही कल तक स्थगित
लोकसभा में भारी हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंके, जिसके बाद उन्हें सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री ने ये प्रस्ताव रखा था, जिसे सदन ने मंजूर किया। राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने पर विपक्ष भड़क गया था। मामले पर कुल आठ सांसदों पर कार्रवाई हुई।
विस्तार
दोपहर तीन बजे जब चौथी बार लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने वाले सदस्यों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसे सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बावजूद हंगामा थमता नहीं दिखा।
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#WATCH | Delhi: Congress MPs, including Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra and other MPs protest at Makar Dwar of the Parliament, against the suspension of 8 Congress MPs from Lok Sabha and against the India-US trade agreement.
The suspended MPs include Hibi Eden,… pic.twitter.com/I4yWvc1hew — ANI (@ANI) February 3, 2026
सदन में क्या कार्रवाई हुई?
- आठ विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई की गई।
- इन सभी को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है।
- लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
किन सासंदो को किया गया निलंबित?
- डीन कुरियाकोस
- किरण रेड्डी
- अमरिंदर सिंह राजा वड़िग
- मणिकम टैगौर
- गुरजीत औजला
- हिबी इडेन
- वेंकेट रमन
- प्रशांत पडोले
कार्रवाई के बाद क्या बोले सभी सांसद?
- राजा वड़िंग... सत्र के शेष समय के लिए लोकसभा से निलंबित किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष को ही बोलने नहीं दिया जाएगा तो बाकी विपक्षी सांसदों को कौन सुनेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कल से बोलना चाहते थे और एक पत्रिका या किताब का हवाला देना चाहते थे, जिसकी प्रामाणिकता भी उन्होंने आज अपने लेटरहेड पर हस्ताक्षर करके दे दी थी। वड़िंग के अनुसार राहुल गांधी ने जैसे ही चीन, डोकलाम, पाकिस्तान और प्रधानमंत्री का जिक्र शुरू किया, सत्ता पक्ष ने शोर मचाना शुरू कर दिया और माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी विपक्षी नेता को बोलने नहीं दिया गया। वड़िंग ने कहा कि लोकतंत्र में यह गलत है। उन्होंने कहा कि लगातार रोके जाने के बाद विपक्ष वेल में गया। उनका कहना है कि वे मर्यादा में विश्वास रखते हैं, लेकिन जब आवाज दबाई जाती है तो विरोध करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राहुल गांधी से इतना डर क्यों है और उनकी बात सुनने में हिचक क्यों है।
- प्रशांत पडोले... निलंबन के बाद कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने कहा कि जो भी जनहित की बात करता है, उसे निलंबित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में देश के आसपास के देशों की गतिविधियों और भारत के रुख का मुद्दा उठाया था, जिसे सदन को जानना जरूरी है। पडोले के मुताबिक सरकार ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। जब विपक्ष ने इसका विरोध किया तो कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना उनका कर्तव्य है और वे इसे जारी रखेंगे।
- गुरजीत सिंह औजला... कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि संसद में देश के सामने खड़े मुद्दे उठाना विपक्ष का कर्तव्य है और सरकार का काम है कि वह जवाब दे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को किताबों या बाहरी स्रोतों का हवाला देने से रोका जा रहा है। औजला ने कहा कि चीन का असर बाजार में बढ़ रहा है और विदेशी सामान तेजी से आ रहा है। उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार और टैरिफ फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले किसानों की आजीविका की चिंता की बात होती थी, लेकिन अब वह चिंता नजर नहीं आती। उनके अनुसार देश को केवल बाजार बनाकर नहीं चलाया जा सकता, संसद में खुली चर्चा जरूरी है।
- मणिकम टैगौर... निलंबन के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगौर ने कहा कि आठ सांसदों को निलंबित किया गया है, जिनमें सात कांग्रेस और एक माकपा सांसद हैं। उन्होंने कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग कर रहे थे। टैगौर के अनुसार राहुल गांधी को बार-बार रोका गया और प्रामाणिकता देने को कहा गया। आज उन्होंने दस्तावेज देकर वह औपचारिकता भी पूरी की, फिर भी उनका भाषण रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चीन और अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा उठाया था। माइक्रोफोन बंद किए जाने के बाद विरोध हुआ और उसी कारण निलंबन किया गया।
- हिबी इडेन... कांग्रेस सांसद हिबी इडेन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने साफ बताया कि उन्हें संसद में बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा। उनके अनुसार मुद्दा अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और उससे जुड़े फैसलों का है, जिन पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों और विवादों पर भी संसद में बहस जरूरी है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। इडेन ने कहा कि आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया, फिर भी विपक्ष का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन
इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस सदस्यों ने लोकसभा से पार्टी सदस्यों के सस्पेंशन के खिलाफ संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार दोपहर से ही सदन में हंगामा हो रहा है, जब गांधी को 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के अंशों पर आधारित एक लेख का हवाला देने से रोक दिया गया था।
#WATCH | Delhi: Congress MPs, including Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra and other MPs protest at Makar Dwar of the Parliament, against the suspension of 8 MPs from Lok Sabha and against the India-US trade agreement.
— ANI (@ANI) February 3, 2026
The suspended MPs include Hibi Eden,… pic.twitter.com/iXQx8SAP5Q
क्यों बढ़ा विवाद?
कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी ने राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद अगले वक्ताओं के नाम पुकारे। इस पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने भी बोलने से इनकार कर दिया। इससे सदन में तनाव और बढ़ गया।
विपक्षी सांसद विरोध जताते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी की और स्पीकर के आसन की ओर कागज उछाले। हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया। बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इसके बाद उन सभी पर कार्रवाई की गई। फिलहाल संसद का सत्र बुधवार तक के लिए स्थगति कर दिया गया है।
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