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FIP: एअर इंडिया-171 विमान हादसे की जांच में नए सिम्युलेटर टेस्ट की मांग, पायलट संगठन ने AAIB को लिखा पत्र
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:54 PM IST
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सार
एअर इंडिया की एआई171 विमान दुर्घटना की जांच के बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने AAIB से बोइंग 787 सिम्युलेटर परीक्षण कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरएटी सिस्टम, फ्यूल कंट्रोल स्विच और संभावित विद्युत या सॉफ्टवेयर गड़बड़ियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जाए।
एआई171 विमान हादसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
एअर इंडिया की फ्लाइट एआई171 के भीषण विमान हादसे की जांच के बीच पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) से बोइंग 787 विमान पर विशेष सिम्युलेटर परीक्षण कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन परीक्षणों से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि हादसे से पहले विमान में हुई कुछ तकनीकी घटनाओं का आपस में क्या संबंध था।
यह भी पढ़ें- भारत में ही बनेंगे 94 राफेल लड़ाकू विमान: फ्रांस के साथ ₹3.25 लाख करोड़ की डील, मेक इन इंडिया को मिली रफ्तार
एएआईबी से एफआईपी ने क्या की मांग?
एफआईपी ने रविवार को एएआईबी को भेजे पत्र में कहा कि बोइंग 787 के सिम्युलेटर पर विस्तृत परीक्षण किए जाएं और इन परीक्षणों के दौरान संगठन द्वारा नामित एक पर्यवेक्षक को भी मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। संगठन चाहता है कि जांच एजेंसी यह सत्यापित करे कि प्रारंभिक रिपोर्ट में दर्ज विमान की गति बढ़ने के आंकड़े सही हैं या नहीं, साथ ही यह भी जांचा जाए कि रैम एयर टरबाइन (आरएटी) के सक्रिय होने, उससे मिलने वाली हाइड्रोलिक शक्ति और फ्यूल कंट्रोल स्विच की स्थिति में बदलाव के बीच क्या संबंध था।
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आरएटी के सक्रिय होने की स्वतंत्र जांच जरूरी- FIP
एफआईपी ने यह मांग उस पत्र का हवाला देते हुए उठाई है जो हादसे से प्रभावित यात्रियों और उनके परिवारों की ओर से एक कानूनी फर्म ने भेजा था। संगठन का कहना है कि संभव है कि आरएटी का सक्रिय होना ईंधन प्रणाली में हुए बदलावों से सीधे तौर पर जुड़ा न हो, इसलिए इस पहलू की स्वतंत्र जांच जरूरी है। रैम एयर टरबाइन एक आपातकालीन प्रणाली होती है, जो विमान के दोनों इंजन बंद हो जाने या पूरी तरह बिजली अथवा हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने की स्थिति में स्वतः सक्रिय हो जाती है। यह हवा की गति से आपातकालीन बिजली पैदा करती है, जिससे विमान की जरूरी प्रणालियां कुछ समय तक काम करती रहती हैं।
एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर को लेकर की ये मांग
एफआईपी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि हादसे से बचे एकमात्र यात्री द्वारा तेज धमाके की आवाज सुनने और केबिन की रोशनी मंद पड़ने के दावों, ACARS में दर्ज रखरखाव संबंधी संदेशों तथा प्रारंभिक रिपोर्ट में दिखाई गई एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (ईएएफआर) की क्षति का संयुक्त रूप से अध्ययन किया जाना चाहिए। संगठन का मानना है कि इन सभी तथ्यों को विमान के रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ मिलाकर देखा जाए, ताकि घटनाओं का सही क्रम स्थापित हो सके और यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी विद्युत प्रणाली की खराबी या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या ने दुर्घटना में भूमिका तो नहीं निभाई।
यह भी पढ़ें- 'ज्यादा सैलरी के भूखे हैं शिक्षक': गुजरात के मंत्री रमेश कटारा के बयान पर विवाद, संगठन ने की माफी की मांग
एक साल पहले भीषण हादसे दहला था भारत
गौरतलब है कि एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान वीटी-एएनबी, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी। केवल एक यात्री जीवित बचा था। विमान में मौजूद सभी 12 चालक दल के सदस्य भी इस दुर्घटना में मारे गए थे। हादसे में भारत, ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के नागरिकों की मौत हुई थी। एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी और अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। एफआईपी ने मांग की है कि सिम्युलेटर परीक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों को अंतिम जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाए।
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एएआईबी से एफआईपी ने क्या की मांग?
एफआईपी ने रविवार को एएआईबी को भेजे पत्र में कहा कि बोइंग 787 के सिम्युलेटर पर विस्तृत परीक्षण किए जाएं और इन परीक्षणों के दौरान संगठन द्वारा नामित एक पर्यवेक्षक को भी मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। संगठन चाहता है कि जांच एजेंसी यह सत्यापित करे कि प्रारंभिक रिपोर्ट में दर्ज विमान की गति बढ़ने के आंकड़े सही हैं या नहीं, साथ ही यह भी जांचा जाए कि रैम एयर टरबाइन (आरएटी) के सक्रिय होने, उससे मिलने वाली हाइड्रोलिक शक्ति और फ्यूल कंट्रोल स्विच की स्थिति में बदलाव के बीच क्या संबंध था।
आरएटी के सक्रिय होने की स्वतंत्र जांच जरूरी- FIP
एफआईपी ने यह मांग उस पत्र का हवाला देते हुए उठाई है जो हादसे से प्रभावित यात्रियों और उनके परिवारों की ओर से एक कानूनी फर्म ने भेजा था। संगठन का कहना है कि संभव है कि आरएटी का सक्रिय होना ईंधन प्रणाली में हुए बदलावों से सीधे तौर पर जुड़ा न हो, इसलिए इस पहलू की स्वतंत्र जांच जरूरी है। रैम एयर टरबाइन एक आपातकालीन प्रणाली होती है, जो विमान के दोनों इंजन बंद हो जाने या पूरी तरह बिजली अथवा हाइड्रोलिक सिस्टम फेल होने की स्थिति में स्वतः सक्रिय हो जाती है। यह हवा की गति से आपातकालीन बिजली पैदा करती है, जिससे विमान की जरूरी प्रणालियां कुछ समय तक काम करती रहती हैं।
एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर को लेकर की ये मांग
एफआईपी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि हादसे से बचे एकमात्र यात्री द्वारा तेज धमाके की आवाज सुनने और केबिन की रोशनी मंद पड़ने के दावों, ACARS में दर्ज रखरखाव संबंधी संदेशों तथा प्रारंभिक रिपोर्ट में दिखाई गई एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (ईएएफआर) की क्षति का संयुक्त रूप से अध्ययन किया जाना चाहिए। संगठन का मानना है कि इन सभी तथ्यों को विमान के रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ मिलाकर देखा जाए, ताकि घटनाओं का सही क्रम स्थापित हो सके और यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी विद्युत प्रणाली की खराबी या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या ने दुर्घटना में भूमिका तो नहीं निभाई।
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एक साल पहले भीषण हादसे दहला था भारत
गौरतलब है कि एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान वीटी-एएनबी, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी। केवल एक यात्री जीवित बचा था। विमान में मौजूद सभी 12 चालक दल के सदस्य भी इस दुर्घटना में मारे गए थे। हादसे में भारत, ब्रिटेन, पुर्तगाल और कनाडा के नागरिकों की मौत हुई थी। एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी और अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। एफआईपी ने मांग की है कि सिम्युलेटर परीक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों को अंतिम जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाए।