PMO Shift: साउथ ब्लॉक में PM की आज आखिरी कैबिनेट बैठक, अब सेवा तीर्थ से चलेगा पीएमओ; पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। शाम चार बजे बैठक के बाद पीएमओ 'सेवा तीर्थ' में शिफ्ट हो जाएगा। दोपहर 1:30 बजे नाम अनावरण और उद्घाटन होगा। 'सेवा तीर्थ' में पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और एनएससीएस भी होंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह ब्रिटिश काल की उस ऐतिहासिक इमारत में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी जहां से आजादी के बाद से देश के बड़े फैसले लिए जाते रहे हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) नए परिसर 'सेवा तीर्थ' में स्थानांतरित हो जाएगा। यह बदलाव भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा कदम है। पीएमओ ने बताया कि यह आधुनिक और जन-केंद्रित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
शुक्रवार शाम चार बजे साउथ ब्लॉक में यह विशेष कैबिनेट बैठक होगी। 1900 के शुरुआती वर्षों में ब्रिटिश वास्तुकार हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन की गई इस इमारत में पीएमओ लंबे समय से काम कर रहा था। बैठक खत्म होने के तुरंत बाद पीएमओ 'सेवा तीर्थ' में शिफ्ट हो जाएगा। यह एक युग का अंत माना जा रहा है क्योंकि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को अब पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा। इन इमारतों को भारत राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने की योजना है।
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नए परिसर 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर करीब 1:30 बजे 'सेवा तीर्थ' परिसर का नाम अनावरण करेंगे। इसके बाद वे 'सेवा तीर्थ' और कर्तव्य भवन-1 व 2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। शाम को यहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम भी होगा जहां पीएम मोदी संबोधन देंगे। यह परिसर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें पीएमओ के अलावा कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय भी होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस नया पीएमओ
'सेवा तीर्थ' में डिजिटल रूप से जुड़े कार्यालय, जन-संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत रिसेप्शन जैसी सुविधाएं हैं। यह इमारत पर्यावरण-अनुकूल है और कर्मचारियों की भलाई पर ध्यान दिया गया है। विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय होगा। इससे शासन अधिक कुशल, सुलभ और पारदर्शी बनेगा। पुराने साउथ ब्लॉक से अलग यह नया परिसर आधुनिक भारत की छवि पेश करेगा।
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ऐतिहासिक महत्व और भावनात्मक विदाई
साउथ ब्लॉक आजादी के बाद से भारत की सत्ता का केंद्र रहा है। यहां से नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे बड़े फैसले हुए। अब इसकी जगह 'सेवा तीर्थ' लेगा जो सेवा और कर्तव्य पर आधारित है। यह बदलाव ब्रिटिश युग की यादों से मुक्ति का प्रतीक है। पीएम मोदी की यह पहल जन-केंद्रित और मजबूत प्रशासन की प्रतिबद्धता दिखाती है।
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