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Ayodhya Donation: पुलिस को VHP का पत्र, कांग्रेस बोली- उल्टा चोर कोतवाल को डांटे; 1400 करोड़ का जिक्र क्यों?
Mon, 06 Jul 2026 03:57 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 06 Jul 2026 03:57 PM IST
सार
कांग्रेस ने वीएचपी पर आरोप लगाया कि वह राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। वीएचपी ने पुलिस से मांग की थी कि आरोप लगाने वाले विपक्षी नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए।
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केसी वेणुगोपाल, आईसीसी महासचिव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
कांग्रेस ने सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर हमला बोला। वीएचपी ने अयोध्या पुलिस को पत्र लिखकर उन विपक्षी नेताओं के बयानों की जांच करने की मांग की थी, जिन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे (दान) की कथित चोरी का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने कहा कि यह 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' जैसी बात है। पार्टी ने कहा कि वीएचपी सवालों से ध्यान हटाना चाहती है, ताकि उसके अपने नैतिक पतन की बात सामने न आए।
वीएचपी ने की थी विपक्षी नेताओं के बयानों की जांच की मांग
कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया तब आई, जब वीएचपी ने अयोध्या पुलिस से कहा कि वह कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच करे। वीएचपी ने कहा कि इन नेताओं को बुलाकर अपने आरोपों के समर्थन सबूत देने के लिए कहा जाए।
केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
'विपक्षी नेताओं का इस मामले से क्या संबंध?'
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, वीएचपी के उपाध्यक्ष और आरएसएस के प्रचारक हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव हैं, जिन्हें भाजपा सरकार ने पद्म भूषण सम्मान दिया है। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव या दूसरे विपक्षी नेताओं का इस मामले से क्या संबंध है?
ये भी पढ़ें: पहलगाम आतंकी हमला: NIA ने पेश की पूरक चार्जशीट, हाफिज सईद को बनाया आरोपी; लश्कर प्रमुख पर क्या-क्या आरोप?
'राजनीति के लिए करते हैं भगवान राम के नाम का इस्तेमाल'
वेणुगोपाल ने दावा किया कि वीएचपी और संघ परिवार की साख पूरी तरह खराब हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन पर लंबे समय से चंदे की चोरी के आरोप लगते रहे हैं। अब सामने आई नई खबरों से फिर यह बात उजागर हुई है कि खुद को हिंदुओं का रक्षक बताने वाले लोगों का धर्म या भगवान राम से कोई लेना-देना नहीं है। वे सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाते हैं और भगवान राम के नाम का इस्तेमाल राजनीति और पैसे कमाने के लिए करते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर वीएचपी सच में राम मंदिर की पवित्रता को लेकर चिंतित है, तो उसने अपने ही संगठन के उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की, जिन पर इस कथित बड़े घोटाले का आरोप है? उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले पर चुप क्यों है? मंदिर बनने का पूरा श्रेय लेने वाले नेता अब तब सामने क्यों नहीं आ रहे, जब उनके द्वारा बनाए गए ट्रस्ट पर ही सवाल उठ रहे हैं?
वेणुगोपाल ने कहा कि गंभीर सवालों से घिरने और शर्मिंदा होने के बाद वीएचपी अब तमाशा खड़ा कर रही है। वह खुद को निर्दोष दिखाने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने, आलोचकों को डराने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, ताकि उसके अपने नैतिक पतन और गलत काम सामने न आएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिर से मांग करती है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा एसआईटी केवल राम मंदिर को लूटने वालों को बचाने का तरीका बन गई है।
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार को कहा था कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर हर दिन नए आरोप और नए सबूत सामने आ रहे हैं। खेड़ा ने एक्स पर जारी वीडियो में कहा कि वीएचपी के आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि चोरी के सबूत प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि चोरी कोई और करे और उसके सबूत कोई दूसरा लाकर दे।
खेड़ा ने कहा कि सच्चाई यह है कि उनकी चोरी करने वालों को पकड़ने में कोई रुचि नहीं है। हमेशा की तरह उनका मकसद केवल हिंदू समाज की भावनाओं का इस्तेमाल करके अपना राजनीतिक फायदा उठाना है। वीएचपी पर हमला करते हुए खेड़ा ने कहा कि उसे हिंदू समाज का ठेकेदार बनना बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वीएचपी अपने संगठनों के नाम से 'हिंदू' शब्द हटा दे और उसके बाद जितनी चाहे लूट करे। लेकिन हिंदू समाज का नाम खराब न करे और उसकी आड़ में अपनी दुकान न चलाए। खेड़ा ने कहा कि उनका मकसद चोरी की जांच करना या चोरों को पकड़ना नहीं है। पहले उन्होंने मंदिर के नाम पर हिंदू समाज की भावनाओं का इस्तेमाल किया, फिर वोट लिए और अब लोगों से पैसे भी लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सच में चोरों को पकड़ना होता, तो वे प्रियंका गांधी से जवाब नहीं मांग रहे होते।
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वीएचपी ने की थी विपक्षी नेताओं के बयानों की जांच की मांग
कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया तब आई, जब वीएचपी ने अयोध्या पुलिस से कहा कि वह कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच करे। वीएचपी ने कहा कि इन नेताओं को बुलाकर अपने आरोपों के समर्थन सबूत देने के लिए कहा जाए।
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केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
- कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर में कथित चोरी के मामले में विपक्षी नेताओं पर हमला करने वाला वीएचपी का पत्र 'चोरी ऊपर से सीनाजोरी' का उदाहरण है।
- उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यही वीएचपी पहले निर्मोही अखाड़ा की ओर से लगाए गए 1,400 करोड़ रुपये के कथित राम मंदिर घोटाले के आरोपों का सामना कर चुका है। अब वही संगठन उन विपक्षी नेताओं से पूछताछ की मांग कर रहा है, जिन्होंने कथित लूट पर सवाल उठाए हैं।
- वेणुगोपाल ने कहा कि वीएचपी की यह मांग जितनी बेबुनियाद है, उतनी ही शर्मनाक भी है। उन्होंने कहा कि जब खुद वीएचपी पर सवाल उठ चुके हैं, तो उसके पास विपक्ष पर उंगली उठाने का न तो नैतिक अधिकार है और न ही भरोसेमंद छवि।
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'विपक्षी नेताओं का इस मामले से क्या संबंध?'
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, वीएचपी के उपाध्यक्ष और आरएसएस के प्रचारक हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव हैं, जिन्हें भाजपा सरकार ने पद्म भूषण सम्मान दिया है। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। ऐसे में प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव या दूसरे विपक्षी नेताओं का इस मामले से क्या संबंध है?
ये भी पढ़ें: पहलगाम आतंकी हमला: NIA ने पेश की पूरक चार्जशीट, हाफिज सईद को बनाया आरोपी; लश्कर प्रमुख पर क्या-क्या आरोप?
'राजनीति के लिए करते हैं भगवान राम के नाम का इस्तेमाल'
वेणुगोपाल ने दावा किया कि वीएचपी और संघ परिवार की साख पूरी तरह खराब हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन पर लंबे समय से चंदे की चोरी के आरोप लगते रहे हैं। अब सामने आई नई खबरों से फिर यह बात उजागर हुई है कि खुद को हिंदुओं का रक्षक बताने वाले लोगों का धर्म या भगवान राम से कोई लेना-देना नहीं है। वे सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाते हैं और भगवान राम के नाम का इस्तेमाल राजनीति और पैसे कमाने के लिए करते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर वीएचपी सच में राम मंदिर की पवित्रता को लेकर चिंतित है, तो उसने अपने ही संगठन के उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की, जिन पर इस कथित बड़े घोटाले का आरोप है? उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा नेतृत्व इस मामले पर चुप क्यों है? मंदिर बनने का पूरा श्रेय लेने वाले नेता अब तब सामने क्यों नहीं आ रहे, जब उनके द्वारा बनाए गए ट्रस्ट पर ही सवाल उठ रहे हैं?
वेणुगोपाल ने कहा कि गंभीर सवालों से घिरने और शर्मिंदा होने के बाद वीएचपी अब तमाशा खड़ा कर रही है। वह खुद को निर्दोष दिखाने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने, आलोचकों को डराने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, ताकि उसके अपने नैतिक पतन और गलत काम सामने न आएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिर से मांग करती है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा एसआईटी केवल राम मंदिर को लूटने वालों को बचाने का तरीका बन गई है।
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार को कहा था कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर हर दिन नए आरोप और नए सबूत सामने आ रहे हैं। खेड़ा ने एक्स पर जारी वीडियो में कहा कि वीएचपी के आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि चोरी के सबूत प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव से लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि चोरी कोई और करे और उसके सबूत कोई दूसरा लाकर दे।
खेड़ा ने कहा कि सच्चाई यह है कि उनकी चोरी करने वालों को पकड़ने में कोई रुचि नहीं है। हमेशा की तरह उनका मकसद केवल हिंदू समाज की भावनाओं का इस्तेमाल करके अपना राजनीतिक फायदा उठाना है। वीएचपी पर हमला करते हुए खेड़ा ने कहा कि उसे हिंदू समाज का ठेकेदार बनना बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वीएचपी अपने संगठनों के नाम से 'हिंदू' शब्द हटा दे और उसके बाद जितनी चाहे लूट करे। लेकिन हिंदू समाज का नाम खराब न करे और उसकी आड़ में अपनी दुकान न चलाए। खेड़ा ने कहा कि उनका मकसद चोरी की जांच करना या चोरों को पकड़ना नहीं है। पहले उन्होंने मंदिर के नाम पर हिंदू समाज की भावनाओं का इस्तेमाल किया, फिर वोट लिए और अब लोगों से पैसे भी लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सच में चोरों को पकड़ना होता, तो वे प्रियंका गांधी से जवाब नहीं मांग रहे होते।