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प्रज्ञा सैटेलाइट सिस्टम: गृह मंत्रालय को मिली पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रणाली, DRDO ने किया विकसित

ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 22 Apr 2026 07:20 AM IST
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सार

डीआरडीओ ने पूरी तरह स्वदेशी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक उपग्रह प्रणाली 'प्रज्ञा' गृह मंत्रालय को सौंप दी है, जो वास्तविक समय में डाटा विश्लेषण कर सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी। इस प्रणाली से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आतंकवाद-नक्सलवाद विरोधी अभियानों में खुफिया जानकारी का विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा। पढ़िए रिपोर्ट-

Prajna satellite system indigenous ai based system handed over to home ministry drdo
डीआरडीओ के सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को उपग्रह इमेजिंग प्रणाली 'प्रज्ञा' सौंपी - फोटो : पीआईबी
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विस्तार

देश की सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एआई से लैस आधुनिक सैटेलाइट सिस्टम प्रज्ञा को केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया है। इसके जरिये निगरानी, विश्लेषण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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कर्तव्य भवन-3 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीआरडीओ के सचिव समीर वी कामत ने यह प्रणाली केंद्रीय गृह सचिव को सौंपी। अधिकारियों ने बताया कि प्रज्ञा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसे देश में ही विकसित किया गया है। यह आधुनिक इमेजिंग सैटेलाइट सिस्टम डीआरडीओ की प्रयोगशाला सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स की ओर से तैयार किया गया है। इसकी सबसे अहम विशेषता यह है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली है, जो वास्तविक समय में डाटा विश्लेषण कर सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत निर्णय लेने में मदद करती है।
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अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी अधिक सटीक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। आतंकवाद और नक्सलवाद से जुड़े अभियानों में भी यह तकनीक उपयोगी साबित होगी, जिससे ऑपरेशन की योजना और क्रियान्वयन दोनों में सहायता मिलेगी। इस सिस्टम से मिली जानकारी का उपयोग गृह मंत्रालय और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां रणनीतिक निर्णय लेने में कर सकेंगी। इससे खुफिया तंत्र को मजबूत करने और संभावित खतरों की पहचान समय रहते करने में मदद मिलेगी।

एआई आधारित सिस्टम रियल टाइम डाटा विश्लेषण में सक्षम
■ पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर विकसित इमेजिंग सैटेलाइट सिस्टम
■ डीआरडीओ की सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स प्रयोगशाला द्वारा तैयार
■ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित, रियल टाइम डेटा विश्लेषण में सक्षम
■ सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद
■ संवेदनशील व रणनीतिक क्षेत्रों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाता है
■ आतंकवाद और नक्सल विरोधी अभियानों में उपयोगी
■ खुफिया जानकारी के विश्लेषण व खतरे की समय रहते पहचान में सहायक
■ आंतरिक सुरक्षा तंत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका

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नौसेना को जल्द मिलेगा एडीसी-150
डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने हाल में ही गोवा के तट पर स्वदेशी रूप से विकसित एयर-ड्रॉपेबल कंटेनर (एडीसी)-150 के चार सफल इन-फ्लाइट रिलीज ट्रायल किए हैं। यह एक ऐसी तकनीक का सफल परीक्षण है, जिससे समुद्र के बीच तैनात नौसैनिकों जहाजों तक जरूरी सामान पहुंचाना काफी सरल हो जाएगा। इसी स्वदेशी कंटेनर का नाम 'एडीसी-150' रखा गया है। यह नौसेना को विभिन्न मिशन व अभियानों में महत्वपूर्ण मदद देगा।


 
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