द्रौपदी मुर्मू: 'महिलाओं का सम्मान ही सच्ची भक्ति', दुर्गा पूजा पर राष्ट्रपति ने क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुर्गा पूजा को नारी शक्ति के सम्मान और भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना ही मां दुर्गा के प्रति सच्ची भक्ति है। राष्ट्रपति ने देशवासियों के सुख-समृद्धि और विकास की कामना भी की। लेकिन दुर्गा पूजा का नारी शक्ति से क्या संबंध है? मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय समाज को क्या संदेश देती है?
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुर्गा पूजा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नारी शक्ति का सम्मान करने की भारत की परंपरा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा देश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय बुराई पर अच्छाई और दैवीय शक्तियों की जीत का प्रेरक उदाहरण है। राष्ट्रपति ने कहा कि मां दुर्गा की सच्ची भक्ति तभी पूरी होगी, जब महिलाओं को व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में सम्मान दिया जाएगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने रविवार को अपने संदेश में देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को दुर्गा पूजा की बधाई दी। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी नागरिकों के जीवन में सुख और समृद्धि लाए तथा देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे। राष्ट्रपति का संदेश केवल धार्मिक शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें महिलाओं के सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और देश की सांस्कृतिक एकता का भी उल्लेख किया गया।
दुर्गा पूजा को नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक क्यों बताया?
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दुर्गा पूजा भारत की उस परंपरा को दिखाती है, जिसमें महिलाओं की शक्ति का सम्मान किया जाता है। मां दुर्गा को शक्ति और बुराई पर विजय का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के अनुसार, इस पर्व का संदेश केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। यह समाज को महिलाओं के महत्व और उनके सम्मान की याद भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान देना केवल त्योहार के दौरान की जाने वाली बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का क्या संदेश है?
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उल्लेख करते हुए इसे बुरी शक्तियों पर दैवीय शक्तियों की जीत का प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की पूजा लोगों को दूसरों के कल्याण के लिए काम करने की बुद्धि और प्रेरणा देती है। इस संदेश के जरिए उन्होंने समाज में अच्छे कार्यों, सकारात्मक सोच और दूसरों की भलाई के महत्व पर जोर दिया। दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश भी जुड़ा है।
दुर्गा पूजा देश की सांस्कृतिक एकता को कैसे दर्शाती है?
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि दुर्गा पूजा भारतीयों को एक साथ लाने वाला पर्व है। इसके आयोजन में देश की परंपराओं, रहन-सहन, कला और संस्कृति की झलक दिखाई देती है। त्योहार के दौरान लोग धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। इससे सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। राष्ट्रपति ने दुर्गा पूजा को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा बताते हुए इसकी एकजुट करने वाली भूमिका को रेखांकित किया।
महिलाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ने कहा कि मां दुर्गा के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का एक तरीका यह है कि महिलाओं को निजी और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में सम्मान मिले। उनके संदेश में महिलाओं के प्रति व्यवहार और समाज की जिम्मेदारी पर विशेष जोर रहा। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा से सभी नागरिकों को सुख-समृद्धि मिले और देश तेजी से विकास करता रहे। राष्ट्रपति ने भारत और विदेश में रह रहे भारतीयों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए त्योहार के अवसर पर एकता, सम्मान और कल्याण का संदेश दिया।