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RSS का इतिहास क्यों खंगाल रही कर्नाटक सरकार?: प्रियांक खरगे ने किया खुलासा; अवैध प्रवासियों पर कही ये बात
Sat, 08 Aug 2026 04:14 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 08 Aug 2026 04:14 PM IST
सार
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि सरकार कानूनी दायरे में रहते हुए आरएसएस के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अगला कदम उठाने से पहले संगठन और उसके 100 साल के इतिहास का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 लोगों को पकड़ा गया है।
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कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को कहा कि सरकार कानूनी दायरे में रहते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अगला कदम उठाने से पहले संगठन और उसके इतिहास का अध्ययन कर रही है।
बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा कि वह आरएसएस को "कानूनी दायरे" में लाएंगे। पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को संगठन के पंजीकरण समेत कई मुद्दों पर लिखे उनके पत्र का कोई जवाब मिला है, तो खरगे हंस पड़े। उन्होंने कहा कि उन्हें जवाब मिलने की उम्मीद ही नहीं थी।
क्या आरएसएस को कानूनी दायरे में लाएगी कर्नाटक सरकार?
प्रियांक खरगे ने कहा, "मैंने आपसे कहा था कि जवाब नहीं आएगा, है ना? मैंने यह भी कहा था कि हम इससे उचित तरीके से निपटेंगे। हम जो भी करेंगे, वह कानूनी दायरे में रहकर ही करेंगे।" खरगे ने कहा, "वे (आरएसएस) कानूनी दायरे से बाहर हैं। मैं उन्हें इसके दायरे में लाऊंगा।"
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उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को उठाए हुए करीब डेढ़ महीने हो चुके हैं। सरकार को आगे बढ़ने से पहले आरएसएस और उसके इतिहास का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए। खरगे ने कहा, "हमें उनके 100 साल के इतिहास का अध्ययन और उसे समझने की जरूरत है। उन्हें खुद अपने इतिहास की जानकारी नहीं है।"
मोहन भागवत पर निशाना साधकर क्या बोले खरगे?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा, "अब, ऐसा लगता है कि उन्होंने हाल ही में कुछ जेन जी के लोगों से मुलाकात की है। क्या यह उन्हें पीटने के बाद उनका समर्थन करने के लिए है?" उन्होंने आरएसएस के किसी व्यक्ति को देशभक्ति या देशद्रोह का प्रमाणपत्र देने के अधिकार पर भी सवाल उठाया।
खरगे ने कहा, "वे खुद पंजीकृत नहीं हैं। वे दूसरों को प्रमाणपत्र देते हैं।" उन्होंने सवाल किया, "क्या मैं तय कर सकता हूं कि कोई देशभक्त है या गद्दार? वे कौन होते हैं यह तय करने वाले? वे ऐसे प्रमाणपत्र बांटने वाले कौन होते हैं?"
पत्र का जवाब नहीं मिला तो क्या होगा?
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं मिलता है तो सरकार क्या कार्रवाई करेगी, खरगे ने कहा कि सरकार अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हां, हम ऐसा करेंगे। उन्हें पत्र देने के बाद मैं इस बारे में बात करूंगा। अगर मैं यहां सब कुछ बता दूंगा तो फिर इसमें क्या आश्चर्य या कानूनी पहलू रह जाएगा?"
अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई को लेकर क्या बोले प्रियांक खरगे?
खरगे ने कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इसमें बांग्लादेश से आए लोगों की भी जांच की जा रही है और इस मुद्दे से निपटने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। खरगे ने कहा कि सरकार सख्ती और गंभीरता से तलाशी और सत्यापन अभियान चला रही है।
1000 अवैध प्रवासियों को पुलिस ने पकड़ा
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 लोगों को पकड़ा गया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगलूरू सिटी पुलिस ने शहर की विभिन्न झुग्गी बस्तियों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। पुलिस ने कथित तौर पर यहां अवैध रूप से रह रहे 40 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है।
खरगे ने कहा कि पकड़े गए लोगों में अफ्रीकी देशों के नागरिक, बांग्लादेशी और अन्य लोग शामिल हैं। इनमें से कई के उत्तर भारत से आने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर बिल्कुल कोई समझौता नहीं होगा।" खरगे ने कहा कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारियों (एफआरओ) के संपर्क में है और लगातार निगरानी रखी जाएगी।
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बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा कि वह आरएसएस को "कानूनी दायरे" में लाएंगे। पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को संगठन के पंजीकरण समेत कई मुद्दों पर लिखे उनके पत्र का कोई जवाब मिला है, तो खरगे हंस पड़े। उन्होंने कहा कि उन्हें जवाब मिलने की उम्मीद ही नहीं थी।
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क्या आरएसएस को कानूनी दायरे में लाएगी कर्नाटक सरकार?
प्रियांक खरगे ने कहा, "मैंने आपसे कहा था कि जवाब नहीं आएगा, है ना? मैंने यह भी कहा था कि हम इससे उचित तरीके से निपटेंगे। हम जो भी करेंगे, वह कानूनी दायरे में रहकर ही करेंगे।" खरगे ने कहा, "वे (आरएसएस) कानूनी दायरे से बाहर हैं। मैं उन्हें इसके दायरे में लाऊंगा।"
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उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को उठाए हुए करीब डेढ़ महीने हो चुके हैं। सरकार को आगे बढ़ने से पहले आरएसएस और उसके इतिहास का अध्ययन करने के लिए समय चाहिए। खरगे ने कहा, "हमें उनके 100 साल के इतिहास का अध्ययन और उसे समझने की जरूरत है। उन्हें खुद अपने इतिहास की जानकारी नहीं है।"
मोहन भागवत पर निशाना साधकर क्या बोले खरगे?
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा, "अब, ऐसा लगता है कि उन्होंने हाल ही में कुछ जेन जी के लोगों से मुलाकात की है। क्या यह उन्हें पीटने के बाद उनका समर्थन करने के लिए है?" उन्होंने आरएसएस के किसी व्यक्ति को देशभक्ति या देशद्रोह का प्रमाणपत्र देने के अधिकार पर भी सवाल उठाया।
खरगे ने कहा, "वे खुद पंजीकृत नहीं हैं। वे दूसरों को प्रमाणपत्र देते हैं।" उन्होंने सवाल किया, "क्या मैं तय कर सकता हूं कि कोई देशभक्त है या गद्दार? वे कौन होते हैं यह तय करने वाले? वे ऐसे प्रमाणपत्र बांटने वाले कौन होते हैं?"
पत्र का जवाब नहीं मिला तो क्या होगा?
जब उनसे पूछा गया कि अगर उनके पत्र का कोई जवाब नहीं मिलता है तो सरकार क्या कार्रवाई करेगी, खरगे ने कहा कि सरकार अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी। हालांकि, उन्होंने इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हां, हम ऐसा करेंगे। उन्हें पत्र देने के बाद मैं इस बारे में बात करूंगा। अगर मैं यहां सब कुछ बता दूंगा तो फिर इसमें क्या आश्चर्य या कानूनी पहलू रह जाएगा?"
अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई को लेकर क्या बोले प्रियांक खरगे?
खरगे ने कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इसमें बांग्लादेश से आए लोगों की भी जांच की जा रही है और इस मुद्दे से निपटने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। खरगे ने कहा कि सरकार सख्ती और गंभीरता से तलाशी और सत्यापन अभियान चला रही है।
1000 अवैध प्रवासियों को पुलिस ने पकड़ा
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 लोगों को पकड़ा गया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगलूरू सिटी पुलिस ने शहर की विभिन्न झुग्गी बस्तियों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। पुलिस ने कथित तौर पर यहां अवैध रूप से रह रहे 40 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है।
खरगे ने कहा कि पकड़े गए लोगों में अफ्रीकी देशों के नागरिक, बांग्लादेशी और अन्य लोग शामिल हैं। इनमें से कई के उत्तर भारत से आने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर बिल्कुल कोई समझौता नहीं होगा।" खरगे ने कहा कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारियों (एफआरओ) के संपर्क में है और लगातार निगरानी रखी जाएगी।