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'कांग्रेस की विचारधारा मजबूत': राहुल गांधी बोले- RSS-BJP से लड़ने में यही सबसे सक्षम; बिखर रहीं बाकी पार्टियां
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:22 PM IST
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सार
राहुल गांधी ने कहा कि टीएमसी जैसी पार्टियां बिखर रही हैं, जबकि कांग्रेस वैचारिक रूप से मजबूत है। उन्होंने देश की खराब आर्थिक स्थिति के लिए सरकार को कोसा और पीएम से जवाब मांगा। इसके साथ ही उन्होंने पांच राज्यों में आदिवासियों के अधिकार छीनकर पसंदीदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
दिल्ली में कांग्रेस की एक बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के नेताओं में नया जोश भरा। उन्होंने कहा कि आज के समय में कांग्रेस ही देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो विचारधारा के स्तर पर मजबूती से खड़ी है और बिल्कुल नहीं टूट रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इसी वैचारिक मजबूती के कारण कांग्रेस ही आरएसएस और भाजपा का मुकाबला करने के लिए सबसे सही और सक्षम पार्टी है।
'अर्थव्यवस्था की हालत खराब, पीएम दें जवाब'
इस बैठक में कांग्रेस के सभी बड़े पदाधिकारी, महासचिव और राज्यों के अध्यक्ष शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि कांग्रेस आने वाले दो साल में और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था बहुत नाजुक मोड़ पर है। इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कारणों को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुद जवाब देना चाहिए।
आदिवासियों के हक पर बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने आदिवासियों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खास राज्यों में आदिवासियों के सांविधानिक अधिकारों को जानबूझकर कुचला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह का नाम लिया। उन्होंने कहा कि नियमों को इसलिए तोड़ा जा रहा है ताकि प्रधानमंत्री के पसंदीदा उद्योगपतियों को सीधे फायदा पहुंचाया जा सके।
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यह भी पढ़ें: MP Rajya Sabha: एमपी की तीन सीटों पर BJP के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, रिटर्निंग अफसर ने सौंपा प्रमाण पत्र
संकट में घिरी ममता बनर्जी की पार्टी
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भारी संकट से गुजर रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के अंदर बड़ी बगावत हो गई है। इससे पार्टी बेहद कमजोर हो गई है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 80 विधायकों में से 58 विधायक टूट चुके हैं। इन बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के साथ मिलकर विधानसभा में नया विपक्षी गुट बना लिया है। बागी नेताओं का दावा है कि उनके साथ और भी विधायक आ रहे हैं।
यह झगड़ा अब संसद तक पहुंच गया है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट ने दावा किया है कि उन्हें 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों का समर्थन हासिल है। इसी बिखराव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बाकी पार्टियां टूट रही हैं, लेकिन कांग्रेस वैचारिक रूप से पूरी तरह एकजुट है।
'अर्थव्यवस्था की हालत खराब, पीएम दें जवाब'
इस बैठक में कांग्रेस के सभी बड़े पदाधिकारी, महासचिव और राज्यों के अध्यक्ष शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि कांग्रेस आने वाले दो साल में और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था बहुत नाजुक मोड़ पर है। इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कारणों को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को खुद जवाब देना चाहिए।
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आदिवासियों के हक पर बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने आदिवासियों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खास राज्यों में आदिवासियों के सांविधानिक अधिकारों को जानबूझकर कुचला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह का नाम लिया। उन्होंने कहा कि नियमों को इसलिए तोड़ा जा रहा है ताकि प्रधानमंत्री के पसंदीदा उद्योगपतियों को सीधे फायदा पहुंचाया जा सके।
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संकट में घिरी ममता बनर्जी की पार्टी
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भारी संकट से गुजर रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के अंदर बड़ी बगावत हो गई है। इससे पार्टी बेहद कमजोर हो गई है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 80 विधायकों में से 58 विधायक टूट चुके हैं। इन बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के साथ मिलकर विधानसभा में नया विपक्षी गुट बना लिया है। बागी नेताओं का दावा है कि उनके साथ और भी विधायक आ रहे हैं।
यह झगड़ा अब संसद तक पहुंच गया है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट ने दावा किया है कि उन्हें 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों का समर्थन हासिल है। इसी बिखराव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बाकी पार्टियां टूट रही हैं, लेकिन कांग्रेस वैचारिक रूप से पूरी तरह एकजुट है।