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छात्रों की गूंज: 22 अगस्त को पुणे में छात्राओं के लिए कार्यक्रम; राहुल ने कहा- अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा
Sun, 16 Aug 2026 06:49 PM IST
Devesh Tripathi
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 16 Aug 2026 06:49 PM IST
सार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन को लेकर पुणे में नए कार्यक्रम की घोषणा की है। ‘छात्रों की गूंज’ के तहत 22 अगस्त को होने वाला कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए आयोजित किया जाएगा। राहुल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिंसा का भी आरोप लगाया।
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राहुल गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को घोषणा की कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए होगा। उन्होंने जंतर-मंतर पर सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवा छात्रों का भी जिक्र किया।
गांधी ने प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के साहस और दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई और कथित दुर्व्यवहार, गाली-गलौज तथा हिंसा का सामना किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ऐसी घटनाओं का सामना करने वाली छात्राओं की खास तौर पर प्रशंसा की।
पीएम मोदी और भाजपा पर निशाना साधकर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के हिंसक शासन के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग करने वाले भारत के युवाओं का साहस और दृढ़ता सराहनीय है। उन्होंने शांति, प्रेम और हास्य के साथ अपनी आवाज उठाई। मुझे हर एक युवा पर गर्व है, खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों के दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।"
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पुणे में होने वाले कार्यक्रम की घोषणा करते हुए गांधी ने कहा कि यह छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए विशेष मंच देगा। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज पूरे देश में सुनी जाएगी। उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने की भी अपील की। उन्होंने कहा, "22 अगस्त को ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंच रही है और इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से लड़कियों के लिए होगा। अब लड़कियां बोलेंगी और देश सुनेगा। इसमें शामिल होने के लिए पंजीकरण करें।"
क्या है छात्रों की गूंज कार्यक्रम?
‘छात्रों की गूंज’ को "पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और बढ़ती फीस के खिलाफ" देशव्यापी छात्र आंदोलन बताया गया है। यह घोषणा जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में की गई है। इन प्रदर्शनों में युवा प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंताएं उठाईं और सरकार से जवाबदेही की मांग की थी।
20 जुलाई को कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से संसद मार्च का आयोजन किया गया था। यह मार्च जंतर-मंतर पर कई सप्ताह तक चले प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बाद निकाला गया था। इसमें हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
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गांधी ने प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के साहस और दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई और कथित दुर्व्यवहार, गाली-गलौज तथा हिंसा का सामना किया। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ऐसी घटनाओं का सामना करने वाली छात्राओं की खास तौर पर प्रशंसा की।
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पीएम मोदी और भाजपा पर निशाना साधकर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के हिंसक शासन के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग करने वाले भारत के युवाओं का साहस और दृढ़ता सराहनीय है। उन्होंने शांति, प्रेम और हास्य के साथ अपनी आवाज उठाई। मुझे हर एक युवा पर गर्व है, खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों के दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।"
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पुणे में होने वाले कार्यक्रम की घोषणा करते हुए गांधी ने कहा कि यह छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए विशेष मंच देगा। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज पूरे देश में सुनी जाएगी। उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने की भी अपील की। उन्होंने कहा, "22 अगस्त को ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंच रही है और इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से लड़कियों के लिए होगा। अब लड़कियां बोलेंगी और देश सुनेगा। इसमें शामिल होने के लिए पंजीकरण करें।"
क्या है छात्रों की गूंज कार्यक्रम?
‘छात्रों की गूंज’ को "पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और बढ़ती फीस के खिलाफ" देशव्यापी छात्र आंदोलन बताया गया है। यह घोषणा जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में की गई है। इन प्रदर्शनों में युवा प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंताएं उठाईं और सरकार से जवाबदेही की मांग की थी।
20 जुलाई को कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से संसद मार्च का आयोजन किया गया था। यह मार्च जंतर-मंतर पर कई सप्ताह तक चले प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बाद निकाला गया था। इसमें हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।