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वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी के बचाव में उतरीं TMC और डीएमके; माकपा ने पूछा- कांग्रेस का रुख क्या?
Sun, 16 Aug 2026 06:54 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 16 Aug 2026 06:54 PM IST
सार
सोनिया गांधी पर लगे आरोपों के बाद विपक्षी दल एकजुट होकर उनके समर्थन में आ गए हैं। सहयोगियों का कहना है कि भाजपा बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह विवाद गढ़ रही है। वहीं, सीपीआई-एम के सवालों ने कांग्रेस को अपनी नीति स्पष्ट करने की चुनौती दे दी है।
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वंदे मातरम विवाद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
वंदे मातरम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत का अनादर करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर अब राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके एक सुर में सोनिया गांधी के बचाव में उतर आई हैं। दूसरी ओर, सीपीआई-एम ने कांग्रेस से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
क्या सोनिया गांधी को जानबूझकर बनाया जा रहा निशाना?
कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। पार्टी सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अपनी घटती लोकप्रियता से ध्यान भटकाने के लिए यह बनावटी विवाद खड़ा कर रही है। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सोनिया गांधी ने तो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तारीफ की थी, क्योंकि वह वंदे मातरम पूरी निष्ठा से गा रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि सोनिया गांधी गीत रोकने की कोशिश नहीं कर रही थीं। उन्होंने बस मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा किया था, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे।
यह भी पढ़ें: ‘बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाए गए’: आशीष बनर्जी की मौत पर पूर्व CM ममता का छलका दर्द, शुभेंदु सरकार को घेरा
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क्या वंदे मातरम न गा पाना राष्ट्रविरोधी होने का सबूत है?
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने भाजपा को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कितने सांसद वंदे मातरम के पूरे छह छंद गा सकते हैं? उन्होंने कहा कि किसी को राष्ट्रगीत न आने से वह देशविरोधी नहीं हो जाता। डीएमके प्रवक्ता टीके एस एलंगोवन ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर छोटी बात में कमियां ढूंढने की आदी है। सोनिया गांधी के इशारे का गलत मतलब निकाला गया है।
क्या कांग्रेस में ही वंदे मातरम को लेकर मतभेद हैं?
इस बीच, सीपीआई-एम के वरिष्ठ नेता एमए बेबी ने इस विवाद पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में ही वंदे मातरम को लेकर एक जैसा नियम नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल में केवल राष्ट्रगान बजाया गया, जबकि तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में पूरा वंदे मातरम गाया गया। इसलिए, कांग्रेस नेतृत्व को देश के सामने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। इसी दौरान सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करते और इशारा करते देखा गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने का संकेत दिया और इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी गीत रुकवाने के लिए नहीं, बल्कि काफी देर से खड़े खरगे के लिए कुर्सी मंगाने का इशारा कर रही थीं। अब इसी पर बवाल कटा है।
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क्या सोनिया गांधी को जानबूझकर बनाया जा रहा निशाना?
कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। पार्टी सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अपनी घटती लोकप्रियता से ध्यान भटकाने के लिए यह बनावटी विवाद खड़ा कर रही है। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सोनिया गांधी ने तो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तारीफ की थी, क्योंकि वह वंदे मातरम पूरी निष्ठा से गा रहे थे। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि सोनिया गांधी गीत रोकने की कोशिश नहीं कर रही थीं। उन्होंने बस मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा किया था, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे।
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क्या वंदे मातरम न गा पाना राष्ट्रविरोधी होने का सबूत है?
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने भाजपा को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कितने सांसद वंदे मातरम के पूरे छह छंद गा सकते हैं? उन्होंने कहा कि किसी को राष्ट्रगीत न आने से वह देशविरोधी नहीं हो जाता। डीएमके प्रवक्ता टीके एस एलंगोवन ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर छोटी बात में कमियां ढूंढने की आदी है। सोनिया गांधी के इशारे का गलत मतलब निकाला गया है।
क्या कांग्रेस में ही वंदे मातरम को लेकर मतभेद हैं?
इस बीच, सीपीआई-एम के वरिष्ठ नेता एमए बेबी ने इस विवाद पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में ही वंदे मातरम को लेकर एक जैसा नियम नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल में केवल राष्ट्रगान बजाया गया, जबकि तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में पूरा वंदे मातरम गाया गया। इसलिए, कांग्रेस नेतृत्व को देश के सामने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। इसी दौरान सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बात करते और इशारा करते देखा गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने का संकेत दिया और इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी गीत रुकवाने के लिए नहीं, बल्कि काफी देर से खड़े खरगे के लिए कुर्सी मंगाने का इशारा कर रही थीं। अब इसी पर बवाल कटा है।