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अब ट्रेन-स्टेशन पर पानी को लेकर नहीं होगी लापरवाही: 20000 जगहों पर बदलेगा पानी का सिस्टम, इस वजह से हुआ फैसला

Sun, 16 Aug 2026 09:51 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 16 Aug 2026 09:51 PM IST
सार

सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद रेलवे ने फैसला किया है कि पानी की गुणवत्ता जांच के लिए स्रोत और आउटलेट, दोनों जगह नियमित टेस्ट होंगे। इसकी निगरानी के लिए केंद्रीकृत सिस्टम बनाया जाएगा।
 

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Railway minister orders immediate measures to ensure safe drinking water at stations
भारतीय रेल - फोटो : एएनआई

विस्तार

ट्रेनों और स्टेशनों पर पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर सीएजी की रिपोर्ट के बाद रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने रविवार को इस मामले की समीक्षा की। इसके बाद सुरक्षित पेयजल के लिए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
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रेलवे के मुताबिक, देशभर में करीब 20 हजार स्थानों पर नया ‘टैंक टू टैप’ जल फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाया जाएगा। वाटर कूलरों समेत इन स्थानों पर पानी की गुणवत्ता की निगरानी भी की जाएगी। इसके अलावा रेलवे ने पानी की पुरानी टंकियों को बदलने का भी फैसला किया है। स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
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नियमित टेस्ट के निर्देश
पानी की गुणवत्ता जांच के लिए स्रोत और आउटलेट, दोनों जगह नियमित टेस्ट होंगे। इसकी निगरानी के लिए केंद्रीकृत सिस्टम बनाया जाएगा।इसमें अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी। रेलवे बोर्ड इस पूरी व्यवस्था की सीधे निगरानी करेगा। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। रेलवे का कहना है कि यह कदम सीएजी रिपोर्ट में सामने आई कमियों को दूर करने के बड़े अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ उनका यात्रा अनुभव बेहतर करना है।
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सीएजी की हालिया रिपोर्ट में रेलवे की पेयजल व्यवस्था को लेकर कई कमियां सामने आई हैं।ऑडिट के दौरान 49 में से 8 स्टेशनों के पानी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला। रिपोर्ट में पानी की नियमित जांच नहीं होने, क्लोरीन की मात्रा की निगरानी में कमी और तय मानकों के मुताबिक पानी की गुणवत्ता जांच नहीं किए जाने पर सवाल उठाए गए। इसके बाद रेलवे ने सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। करीब 20 हजार स्थानों, जिनमें वाटर कूलर भी शामिल हैं, पर ‘टैंक टू टैप’ फिल्ट्रेशन और निगरानी सिस्टम लगाया जाएगा। पुरानी पानी की टंकियां भी बदली जाएंगी। पानी की जांच स्रोत और आउटलेट दोनों जगह नियमित होगी।



 
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