‘मोदी जी, अफसर उलझन में हैं मैं समझा दूं’: रुबियो के दौरे पर राहुल का तंज, कहा- कुछ कहेंगे या मुझसे जवाब लेंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। रुबियो के इस यात्रा में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी ही इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि अगर वे चाहें तो इस मामले को समझाने के लिए राहुल खुद तैयार हैं।
Mr Rubio has summoned his employee to Mumbai. Modi ji, your officials in the External Affairs Ministry are confused about what's going on. You might want to explain. Unless, of course, you want me to.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 16, 2026
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है। बेहतर होगा कि आप ही समझा दें। या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं।'
मुंबई और जामनगर जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर रहेंगे। भारत में वे मुंबई और जामनगर जाएंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात भारतीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से होगी। बातचीत का मुख्य मकसद दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशना है। दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुंबई में रुबियो से मिलने की भी संभावना है।
व्यापार से लेकर तकनीक तक पर रहेगी नजर
अमेरिकी प्रतिनिधि सर्जियो गोर ने बताया कि रुबियो का यह दौरा काफी हद तक व्यापार पर केंद्रित रहेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग मजबूत करने, तकनीक में साझेदारी और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी। रुबियो कारोबारी नेताओं से भी मिलेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को आगे बढ़ाया जा सके।
रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बढ़ रहा सहयोग
सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी रिश्तों को मजबूती दे रहे हैं। तकनीक के क्षेत्र में भी दोनों तरफ निवेश बढ़ रहा है और कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में बड़े उत्पादन केंद्र स्थापित किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की भूमिका का जिक्र करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं खरीदता है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले सप्ताह हुई बातचीत के बाद भी दोनों देशों के रिश्तों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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भारत से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे रुबियो
भारत पहुंचने से पहले रुबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे। वहां वे C5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और मध्य एशियाई देशों के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इस बैठक में अमेरिका और मध्य एशिया के बीच रणनीतिक सहयोग और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा होगी।