‘चुनाव के रास्ते ही बदलेगी सरकार’: राजनाथ सिंह के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा ने 1977 की दिलाई या
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने सरकार से जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने की अनुमति फिर से बहाल करने की मांग की।
विस्तार
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उन आरोपों पर पलटवार किया जिसमें उन्होनें आरोप लगाया था कि विपक्ष बांग्लादेश जैसी घटनाओं से प्रेरित होकर देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ को सत्ता से जाने का डर सता रहा है। विपक्ष का मकसद चुनाव के जरिए सरकार बदलना है। लोकतंत्र में चुनाव के जरिए सत्ता बदलने की बात को गलत कैसे ठहराया जा सकता है? इसके साथ ही उन्होंने 1977 में हुए सत्ता परिवर्तन का भी जिक्र किया।
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— Congress (@INCIndia) October 16, 2026
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान से गरमाई सियासत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान चला रही है। देश में इस मुद्दे पर आवाज उठ रही है और विपक्ष भी साफ कह रहा है कि मौजूदा सरकार को चुनाव में हराकर सत्ता से हटाना है। विपक्ष का इरादा सरकार बदलने का है और इसमें कुछ भी छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष खुद अपनी बात खुलकर रख रहा है, तो राजनाथ सिंह को इस तरह के आरोप लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
‘लोकतंत्र में चुनाव से ही बदलती है सरकार’
पवन खेड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम ही सरकार की नीतियों का विरोध करना और चुनाव के जरिए उसे सत्ता से बाहर करने की कोशिश करना है। उन्होंने 1977 का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या उस समय देश में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ था? खेड़ा के मुताबिक, जब विपक्ष सड़कों पर उतरता है और कोई आंदोलन खड़ा होता है, तो सरकार बदलने की मांग उठना स्वाभाविक है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव ही है।
राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश से की थी तुलना
दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर युवाओं के विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल राजनीतिक अशांति फैलाने के लिए करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष भारत में भी बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करते हुए सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंह ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाएं कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
युवाओं को राजनीतिक टकराव का जरिया बनाने का आरोप
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठन युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश निर्माण के बजाय राजनीतिक टकराव और अव्यवस्था फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अशांति की राजनीति में मोहरा बनाया जा रहा है। यह बयान निर्वाचन प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। इन प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो गया है।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष
चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सरकार बदलने की राजनीति तक पहुंच गया है। एक तरफ राजनाथ सिंह विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने की अपनी राजनीतिक मंशा बता रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।
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'जंतर मंतर पर लगा प्रतिबंध हटाए सरकार'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने सरकार से जंतर मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जंतर मंतर से प्रतिबंध हटाए, क्योंकि कोई खान मार्केट या दूसरे स्थान पर जाकर धरना प्रदर्शन नहीं करेगा।