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'शिक्षा व्यवस्था युवा पीढ़ी को कर रही निराश': राहुल गांधी ने उठाए सवाल, छात्रों से पूछा- क्यों उठा भरोसा?
Fri, 11 Sep 2026 03:35 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, नांदेड़
पीटीआई, नांदेड़
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:35 PM IST
सार
राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे उनके अनुभव जानने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, बढ़ती फीस और खराब आधारभूत सुविधाओं जैसी समस्याएं युवाओं को प्रभावित कर रही हैं। कांग्रेस नेता ने लोगों से शिक्षा व्यवस्था की खामियों से जुड़े अनुभव, प्रमाण और सुझाव साझा करने को कहा है।
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राहुल गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था उस युवा पीढ़ी को ही निराश कर रही है, जिसके विकास के लिए इसे तैयार किया गया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से पूछा कि उनका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा क्यों उठ गया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत की शिक्षा व्यवस्था उसी पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए इसे बनाया गया था। पेपर लीक। भारी फीस। खराब होती आधारभूत सुविधाएं। लाखों युवा भारतीय ईमानदारी से मेहनत करते हैं और फिर भी व्यवस्था उन्हें निराश करती है।'
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से की क्या अपील?
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'इसे ठीक करने की शुरुआत उन लोगों की बात सुनने से होगी, जो हर दिन इसकी खामियों का सामना करते हैं। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मुझे बताइए: आपका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा क्यों उठ गया है?' राहुल गांधी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से उनके अनुभव, इससे जुड़े प्रमाण और सुझाव साझा करने को कहा। इसके लिए उन्होंने एक ऑनलाइन लिंक भी साझा किया। उन्होंने कहा, 'मिलकर हम फिर से उम्मीद जगाएंगे।'
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छात्रों की गूंज कार्यक्रम के पांचवें संस्करण से पहले राहुल की टिप्पणी
कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी उनके 'छात्रों की गूंज' अभियान के पांचवें संस्करण से पहले आई है। इसका आयोजन 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा। राहुल गांधी का कहना है कि व्यवस्था में बदलाव के लिए देश के हर छात्र की आवाज सुनना जरूरी है। राहुल गांधी अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में 'छात्रों की गूंज' के चार कार्यक्रम कर चुके हैं। 22 अगस्त को पुणे में हुआ पिछला कार्यक्रम छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था।
जेन जी से जुड़ने की कोशिश में जुटे कांग्रेस सांसद
इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा था, ''मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के जेन जी, आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
'छात्रों की गूंज' के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।''
उन्होंने आगे कहा, ''मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी जरूरी है। दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।''
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत की शिक्षा व्यवस्था उसी पीढ़ी को निराश कर रही है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए इसे बनाया गया था। पेपर लीक। भारी फीस। खराब होती आधारभूत सुविधाएं। लाखों युवा भारतीय ईमानदारी से मेहनत करते हैं और फिर भी व्यवस्था उन्हें निराश करती है।'
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छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से की क्या अपील?
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'इसे ठीक करने की शुरुआत उन लोगों की बात सुनने से होगी, जो हर दिन इसकी खामियों का सामना करते हैं। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मुझे बताइए: आपका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा क्यों उठ गया है?' राहुल गांधी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से उनके अनुभव, इससे जुड़े प्रमाण और सुझाव साझा करने को कहा। इसके लिए उन्होंने एक ऑनलाइन लिंक भी साझा किया। उन्होंने कहा, 'मिलकर हम फिर से उम्मीद जगाएंगे।'
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छात्रों की गूंज कार्यक्रम के पांचवें संस्करण से पहले राहुल की टिप्पणी
कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी उनके 'छात्रों की गूंज' अभियान के पांचवें संस्करण से पहले आई है। इसका आयोजन 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा। राहुल गांधी का कहना है कि व्यवस्था में बदलाव के लिए देश के हर छात्र की आवाज सुनना जरूरी है। राहुल गांधी अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में 'छात्रों की गूंज' के चार कार्यक्रम कर चुके हैं। 22 अगस्त को पुणे में हुआ पिछला कार्यक्रम छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था।
जेन जी से जुड़ने की कोशिश में जुटे कांग्रेस सांसद
इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा था, ''मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के जेन जी, आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
'छात्रों की गूंज' के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।''
उन्होंने आगे कहा, ''मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी जरूरी है। दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।''