मीडिया पर क्यों भड़के राहुल गांधी?: 'आप पूरी तरह से BJP के...', विशेषाधिकार प्रस्ताव के सवाल पर कही यह अहम बात
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को संसद के बाहर मीडियाकर्मियों पर भड़क गए। राहुल गांधी ने मीडिया पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने पत्रकारों को ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी।
विस्तार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार को उस समय मीडिया के एक वर्ग पर नाराज हो गए, जब उनसे बजट सत्र के दौरान सत्तारूढ़ दल की ओर से उनके खिलाफ संभावित विशेषाधिकार प्रस्ताव को लेकर सवाल किया गया।
'कम से कम थोड़ा तो निष्पक्ष होकर काम करने की कोशिश कीजिए'
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने के संबंध में संसद परिसर में राहुल गांधी ने एक प्रश्न के जवाब में मीडियाकर्मियों से कहा, आप (पत्रकार) पूरी तरह से भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं। कम से कम थोड़ा तो निष्पक्ष होकर काम करने की कोशिश कीजिए, यह बेहद शर्मनाक है... हद से ज्यादा हो रहा है। आप जिम्मेदार लोग हैं। मीडियाकर्मियों की निष्पक्षता आपकी जिम्मेदारी है। आप बस उनकी दी हुई बात को मानकर हर रोज अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते। आप इस देश का अपमान कर रहे हैं।
VIDEO | Parliament Session: Responding to a question regarding the government bringing a privilege motion against him, Congress MP and Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi (@RahulGandhi) says, "You are not totally employed by the BJP. At least try and do little bit of… pic.twitter.com/Qdxzl4F5TM— Press Trust of India (@PTI_News) February 12, 2026
आज के लिए यही कोड वर्ड दिया गया है?: राहुल गांधी
सवाल सुनकर राहुल गांधी स्पष्ट रूप से नाराज़ दिखे और पत्रकारों से तीखे अंदाज़ में पूछा, क्या आपको आज के लिए यही कोड वर्ड दिया गया है? साथ ही उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपने काम में निष्पक्ष रहने और पेशे की गरिमा बनाए रखने की नसीहत भी दी।
गुरुवार को संसद परिसर के बाहर अपनी कार की ओर जाते समय राहुल गांधी से विशेषाधिकार प्रस्ताव पर उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। मीडिया के सवाल पर नाराज हुए राहुल गांधी पत्रकारों से पूछ बैठे, क्या आज के लिए ‘प्रिविलेज’ ही कोड वर्ड है? क्या आपको आज के लिए यही शब्द दिया गया है?
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पत्रकारों पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, कल का शब्द 'ऑथेंटिकेशन' था, आज 'प्रिविलेज' है। आपको कुछ निष्पक्ष काम करने की कोशिश करनी चाहिए। आप पूरी तरह भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं; यह सच में शर्मनाक हो जाता है। उन्होंने आगे कहा, आप जिम्मेदार लोग हैं, मीडिया में हैं, आपकी जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष रहें। आप इस देश के साथ गलत कर रहे हैं। क्या आप यह पहचान नहीं पा रहे? हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार की ओर से उनके खिलाफ कोई प्रस्ताव लाया जाएगा या नहीं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि विशेषाधिकार प्रस्ताव की संभावना कम है, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस प्रस्ताव लाया जा सकता है।
घटनाक्रम के अहम बिंदु
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बुधवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार पर विदेशी ताकतों के सामने सरेंडर करने और “भारत माता को बेचने” का आरोप लगाया।
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सत्तापक्ष ने उनकी भाषा को असंसदीय बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और भाजपा नेताओं ने भाषण को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की भाजपा सांसदों ने कहा कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा, आरोप लगाया कि उन्होंने “बेबुनियाद और गलत इरादे वाले” दावे किए।
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कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संसदीय नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ कांग्रेस का तर्क: नेता प्रतिपक्ष को अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत की ऊर्जा और किसानों के हितों पर सरकार की आलोचना करने का अधिकार है।
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