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Rahul Gandhi: 'सरकार का रवैया कोरोना महामारी जैसा', राहुल गांधी ने एलपीजी संकट को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Mon, 06 Apr 2026 01:20 PM IST
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सार

राहुल गांधी ने एलपीजी संकट को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया कोरोना महामारी के जैसे ही है। सरकार सिर्फ केवल बड़ी-बड़ी घोषणा करती है।  

Rahul Gandhi targets the Centre over the LPG crisis saying the government's attitude is akin the coronavirus
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता - फोटो : एक्स/आईएनएसी इंडिया
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विस्तार

पश्चिम एशिया में तनाव चल रहे है। अब इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रही है।  इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी गैस संकट से उसी तरह निपटा है, जैसे उन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटा था। उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि यह नीति से रहित, केवल बड़ी-बड़ी घोषणाओं से भरा है। इसका पूरा बोझ गरीबों पर डाल दिया है।

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नीति का अभाव- राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने सवाल उठाया कि हर संकट में सबसे पहले गरीब ही क्यों मरते हैं? वहीं, लोगों से चुप न रहने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने एक्स के एक पोस्ट में कहा, "मोदी जी ने कहा था 'हम एलपीजी गैस संकट को उसी तरह संभालेंगे जैसे हमने कोविड को संभाला था।' और वास्तव में, उन्होंने ठीक वैसा ही किया। बिल्कुल कोविड की तरह - नीति का अभाव, बड़ी-बड़ी घोषणाओं से भरा हुआ, और सारा बोझ गरीबों पर डाल दिया गया।" उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 500-800 रुपये की मजदूरी कमाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए खाना पकाने की गैस पूरी तरह से महंगी हो गई है। उन्होंने कहा कि रात में घर लौट रहे एक मजदूर के पास चूल्हा जलाने के लिए भी पैसे नहीं होते।

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मजदूर टूटने की कगार पर- राहुल गांधी 
उन्होंने आरोप लगाया कि "परिणाम क्या हुआ? शहर छोड़कर गांव भाग जाना। कपड़ा मिलों और कारखानों की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले मजदूर आज खुद टूटने की कगार पर हैं।" उन्होंने आगे कहा, “वस्त्र क्षेत्र पहले से ही आईसीयू में है। विनिर्माण क्षेत्र सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहा है। और इस संकट की जड़ कहां है? उस कूटनीतिक चूक से - जो वार्ता की मेज पर हुई - जिसे सरकार आज तक स्वीकार करने से इनकार करती है।” राहुल गांधी ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब अहंकार नीति बन जाता है, तो अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है, मजदूर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं, उद्योग बर्बाद हो जाते हैं और पूरा देश दशकों पीछे चला जाता है।

सबसे पहले गरीब ही क्यों मरते हैं?
उन्होंने आगे कहा, “एक ही सवाल बाकी है, हर संकट में सबसे पहले गरीब ही क्यों मरते हैं? चुप मत रहो। यह सिर्फ गरीबों का सवाल नहीं है; यह हम सभी का सवाल है।” 23 मार्च को संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है। उन्होंने राष्ट्र से कोविड-19 महामारी के दौरान एकजुट रहने की तरह ही तैयार और एकजुट रहने का आह्वान किया था। पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रभाव से भारतीय नागरिकों की रक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रयास करने का आह्वान किया था। इसके साथ ही किसी भी गलत सूचना या अफवाह फैलाने से बचने के लिए एक समयबद्ध और प्रामाणिक सार्वजनिक सूचना प्रणाली पर जोर दिया था।

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उनकी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक में प्रधानमंत्री ने आम लोगों की महत्वपूर्ण जरूरतों की उपलब्धता का आकलन किया । वहीं, कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया था कि मोदी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया था कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।


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