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Manipur Unrest: मणिपुर में 20 घर जलने पर राहुल ने केंद्र को घेरा, महिलाओं में आक्रोश; कैसे हैं राज्य के हालात?
Thu, 02 Jul 2026 02:39 PM IST
Asmita Tripathi
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:39 PM IST
सार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में 20 घर जलाए गए और हिंसा लगातार जारी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में 20 घर जलाए गए और हिंसा लगातार जारी है।
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राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष लोकसभा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर की ताजा त्रासदी पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में नफरत और हिंसा की आग में कम से कम 20 घर जल गए हैं। एक एक्स पोस्ट में उन्होंने एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की आलोचना की।
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गांधी ने कहा कि दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद राज्य में संघर्ष गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा, 'मणिपुर वर्षों से जल रहा है, और आज फिर नफरत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए हैं।' हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है और अनगिनत परिवार बिखर गए हैं। मणिपुर जो असहनीय पीड़ा झेल रहा है, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। गांधी ने आगे कहा कि मोदी सरकार की विभाजनकारी नीति लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है। उन्होंने टिप्पणी की कि यह मोदी सरकार की विभाजनकारी विचारधारा का परिणाम है। आज केवल मणिपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश ने प्रधानमंत्री से सहानुभूति के दो शब्दों की भी उम्मीद छोड़ दी है। मणिपुर बेहतर का हकदार है, और इसके लिए भारत को एकजुट करना ही एकमात्र रास्ता है।
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महिला विक्रेताओं का विरोध
इससे पहले 23 जून को हजारों महिला विक्रेताओं ने धरना प्रदर्शन किया था। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गांव के स्वयंसेवकों की हालिया गिरफ्तारी पर अपना गुस्सा व्यक्त किया। मणिपुरी समाज में एक शक्तिशाली और प्रभावशाली समूह के रूप में, प्रदर्शनकारियों ने तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और मणिपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए स्वयंसेवकों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। उन्होंने तीन अराम्बई तेंगगोल (AT) स्वयंसेवकों को भी तुरंत रिहा करने की मांग की।
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NIA की कार्रवाई
यह विरोध NIA द्वारा मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े छह मामलों में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की घोषणा के कुछ दिनों बाद हुआ। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तारियां एक समन्वित अभियान के दौरान की गईं। यह अभियान मणिपुर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर कई जिलों में चलाया गया था। इन जिलों में इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चूड़ाचांदपुर, उखरुल, चंदेल और फेरजावल शामिल हैं।