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Hindi News ›   India News ›   MARCOS Foil Piracy Bid in Gulf of Aden How Indian Navy Saved Cargo Ship Bound for India

MARCOS: अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों की साजिश नाकाम, भारतीय नौसेना ने कैसे भारत आ रहे जहाज को बचाया?

Thu, 02 Jul 2026 03:27 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 02 Jul 2026 03:27 PM IST
सार

How Indian Navy Saved Cargo Ship:अदन की खाड़ी में भारत के लिए अहम सामान लेकर आ रहे जहाज पर समुद्री लुटेरों ने कब्जे की कोशिश की थी। हालांकि सुरक्षाबलों ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भारतीय नौसेना ने कैसे समय रहते कार्रवाई कर इस प्रयास को विफल किया और मरीन कमांडो (मार्कोस) ने जहाज को कैसे सुरक्षित किया? जानिए पूरे ऑपरेशन की कहानी...

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MARCOS Foil Piracy Bid in Gulf of Aden How Indian Navy Saved Cargo Ship Bound for India
अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना ने दिखाया अपना शौर्य - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत के लिए महत्वपूर्ण माल लेकर आ रहे एक मालवाहक जहाज पर अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों ने कब्जे की कोशिश की, लेकिन भारतीय नौसेना की त्वरित कार्रवाई से उनकी साजिश नाकाम हो गई। भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने संकट संदेश मिलते ही मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। नौसेना के पहुंचते ही संदिग्ध समुद्री लुटेरे वहां से भाग निकले। इसके बाद मरीन कमांडो (मार्कोस) ने जहाज पर चढ़कर पूरे पोत की तलाशी ली और उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया।
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समुद्री लुटेरों ने जहाज को कैसे निशाना बनाया?

जानकारी के अनुसार, एमवी गोल्डन आर्सेनल नाम का व्यापारी जहाज भारत के लिए महत्वपूर्ण माल लेकर आ रहा था। जहाज पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था। इसी दौरान संदिग्ध समुद्री लुटेरों ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की। खतरा महसूस होते ही चालक दल ने तुरंत समुद्री सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया। सभी सदस्य सुरक्षित कमरे में चले गए और आपातकालीन संचार प्रणाली के जरिए मदद की सूचना भारतीय नौसेना को भेजी।
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भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया?

संकट संदेश मिलते ही अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड तुरंत व्यापारी जहाज की ओर रवाना हुआ। जैसे ही नौसेना का युद्धपोत जहाज के करीब पहुंचा, संदिग्ध समुद्री लुटेरे वहां से भाग निकले और जहाज पर कब्जा करने की उनकी कोशिश विफल हो गई। इसके बाद भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) जहाज पर उतरे और पूरे पोत का सैनिटाइजेशन ऑपरेशन चलाया। हर हिस्से की तलाशी लेने के बाद जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया।
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क्या जहाज या चालक दल को कोई नुकसान हुआ?

इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य के घायल होने या जहाज को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। समय पर भारतीय नौसेना की कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा खतरा टल गया। जहाज सुरक्षित होने के बाद उसे आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दी गई। नौसेना ने यह भी सुनिश्चित किया कि जहाज पर किसी तरह का सुरक्षा खतरा बाकी न हो।

अदन की खाड़ी क्यों है संवेदनशील समुद्री क्षेत्र?

अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यह क्षेत्र अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के करीब होने के कारण लंबे समय से समुद्री डकैती की घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से भारतीय नौसेना लगातार इस इलाके में अपने अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत तैनात रखती है, ताकि भारतीय नाविकों और व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


पिछले दो वर्षों में भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में कई सफल एंटी-पायरेसी अभियान चलाए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य भारतीय नागरिकों, व्यापारी जहाजों और भारत के लिए जरूरी सामान लेकर आने वाले पोतों की सुरक्षा करना है। एमवी गोल्डन आर्सेनल को सुरक्षित बचाने का यह ताजा अभियान भी भारतीय नौसेना की उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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