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‘तिरंगे वाली तस्वीरें भी हटाने को कहा’: रेहान वाड्रा ने लगाया आरोप, प्रदर्शनी को लेकर विवाद क्यों?
Thu, 22 Oct 2026 09:54 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 22 Oct 2026 09:54 AM IST
सार
रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उनकी कला प्रदर्शनी से दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों और तिरंगे से जुड़ी तस्वीरें हटाने को कहा। रॉबर्ट वाड्रा, पवन खेड़ा, कार्ति चिदंबरम और युवा कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं। रेहान ने तिरंगे की तस्वीरें हटाने से इनकार करते हुए प्रदर्शनी सीमित रूप में आयोजित करने की बात कही है।
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रेहान वाड्रा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस सांसदों ने बीकानेर हाउस प्रबंधन पर रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाने का दबाव बनाने के आरोपों का समर्थन किया है। रेहान का दावा है कि प्रबंधन ने दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों और तिरंगे वाली कुछ तस्वीरों को हटाने के लिए कहा था। कांग्रेस नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और सेंसरशिप से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
रेहान वाड्रा ने प्रदर्शनी को लेकर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी कला प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाने के लिए कहा। उनकी प्रदर्शनी का नाम ‘नो आइडिया इज फाइनल’ है। रेहान के मुताबिक, तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शनों को दिखाया गया था। प्रबंधन ने इन तस्वीरों की सामग्री को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के निर्देश दिए गए।
रेहान ने तिरंगे की तस्वीरों को लेकर क्या कहा?
रेहान ने कहा कि प्रदर्शनी शुरू होने से करीब पांच घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे ज्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए बोला। उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरों को हटाने से इनकार कर दिया। रेहान के मुताबिक, फिलहाल प्रदर्शनी सीमित रूप में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों का पूरा संग्रह प्रदर्शित करने के लिए किसी दूसरे स्थान की तलाश करेंगे।
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यह भी पढ़ें: फिर सरकार को घेरने की तैयारी?: इंडिया गठबंधन की अहम बैठक आज, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज करेगा विपक्ष
रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस सांसदों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बेटे के बयान को साझा करते हुए बीकानेर हाउस प्रबंधन पर सवाल उठाए। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों से भी खतरा महसूस कर रही है।
वहीं, पवन खेड़ा ने कहा कि जब तिरंगा भी सेंसरशिप की कैंची से सुरक्षित नहीं है, तो समस्या कला में नहीं, बल्कि व्यवस्था में है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनी की 74 कलाकृतियों में से करीब आधी को राजनीतिक बताकर हटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शनों को दर्ज किया गया था और उनमें कुछ भी अपमानजनक या भड़काऊ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि तिरंगे की एक तस्वीर को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रेहान को संघर्ष करना पड़ा।
कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने इस मामले में क्या कहा?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि बीकानेर हाउस को नियंत्रित करने वाले प्रबंधन का व्यवहार बेहद संकीर्ण सोच वाला और बचकाना है। भारतीय युवा कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। संगठन ने एक्स पर लिखा, 'आप तस्वीर के फ्रेम को सेंसर कर सकते हैं, सच को नहीं।' पोस्ट में आगे कहा गया, 'साहेब डरा हुआ है।'
प्रदर्शनी कब शुरू होनी थी और अब क्या होगा?
‘नो आइडिया इज फाइनल’ नाम की यह प्रदर्शनी गुरुवार को शाम सात बजे शुरू होनी थी। रेहान के आरोप के मुताबिक, प्रबंधन ने प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले ही कई कलाकृतियां हटाने के लिए कहा। उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने से इनकार किया है। फिलहाल प्रदर्शनी सीमित रूप में आगे बढ़ाने और बाकी तस्वीरों को दिखाने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने की बात कही गई है।
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रेहान वाड्रा ने प्रदर्शनी को लेकर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी कला प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाने के लिए कहा। उनकी प्रदर्शनी का नाम ‘नो आइडिया इज फाइनल’ है। रेहान के मुताबिक, तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं की ओर से किए गए विरोध प्रदर्शनों को दिखाया गया था। प्रबंधन ने इन तस्वीरों की सामग्री को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के निर्देश दिए गए।
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रेहान ने तिरंगे की तस्वीरों को लेकर क्या कहा?
रेहान ने कहा कि प्रदर्शनी शुरू होने से करीब पांच घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे ज्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए बोला। उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरों को हटाने से इनकार कर दिया। रेहान के मुताबिक, फिलहाल प्रदर्शनी सीमित रूप में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों का पूरा संग्रह प्रदर्शित करने के लिए किसी दूसरे स्थान की तलाश करेंगे।
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रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस सांसदों ने क्या प्रतिक्रिया दी?
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बेटे के बयान को साझा करते हुए बीकानेर हाउस प्रबंधन पर सवाल उठाए। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों से भी खतरा महसूस कर रही है।
वहीं, पवन खेड़ा ने कहा कि जब तिरंगा भी सेंसरशिप की कैंची से सुरक्षित नहीं है, तो समस्या कला में नहीं, बल्कि व्यवस्था में है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनी की 74 कलाकृतियों में से करीब आधी को राजनीतिक बताकर हटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शनों को दर्ज किया गया था और उनमें कुछ भी अपमानजनक या भड़काऊ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि तिरंगे की एक तस्वीर को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रेहान को संघर्ष करना पड़ा।
कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने इस मामले में क्या कहा?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि बीकानेर हाउस को नियंत्रित करने वाले प्रबंधन का व्यवहार बेहद संकीर्ण सोच वाला और बचकाना है। भारतीय युवा कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। संगठन ने एक्स पर लिखा, 'आप तस्वीर के फ्रेम को सेंसर कर सकते हैं, सच को नहीं।' पोस्ट में आगे कहा गया, 'साहेब डरा हुआ है।'
प्रदर्शनी कब शुरू होनी थी और अब क्या होगा?
‘नो आइडिया इज फाइनल’ नाम की यह प्रदर्शनी गुरुवार को शाम सात बजे शुरू होनी थी। रेहान के आरोप के मुताबिक, प्रबंधन ने प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले ही कई कलाकृतियां हटाने के लिए कहा। उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने से इनकार किया है। फिलहाल प्रदर्शनी सीमित रूप में आगे बढ़ाने और बाकी तस्वीरों को दिखाने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने की बात कही गई है।