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Railway: रेलवे ने दो महीने में ढोया 145 मिलियन टन माल, जानिए देश में बिजली संकट टालने में कैसे की मदद?
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:52 PM IST
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सार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक लॉजिस्टिक्स व सप्लाई चेन पर पड़ रहे इसके असर के बावजूद भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में बढ़ोतरी दर्ज की है। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक अन्य वस्तु श्रेणी में माल ढुलाई 16 प्रतिशत बढ़ी है।
फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में माल ढुलाई में बढ़ोतरी दर्ज की है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान रेलवे ने कुल 145 मिलियन टन माल की ढुलाई की है। जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.3 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से लौह अयस्क , इस्पात, उर्वरक और अन्य वस्तुओं की ढुलाई में वृद्धि के कारण हुई है। इन क्षेत्रों से माल परिवहन की मांग बढ़ने से रेलवे का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
देश में ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने और थर्मल पावर प्लांटों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रेलवे ने कोयले की ढुलाई को प्राथमिकता दी। कोयला, जो रेलवे की कुल माल ढुलाई का सबसे बड़ा हिस्सा है, उसकी ढुलाई में भी लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि यात्री परिवहन के मोर्चे पर भी भारतीय रेलवे का प्रदर्शन मजबूत रहा है। मई 2026 में रेलवे ने 61 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या लगभग 59 करोड़ थी। गैर-उपनगरीय श्रेणी में यात्रियों की संख्या 28 करोड़ से बढ़कर 30 करोड़ हो गई, जो 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
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रेलवे का कहना है, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक लॉजिस्टिक्स व सप्लाई चेन पर पड़ रहे इसके असर के बावजूद भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में बढ़ोतरी दर्ज की है। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक अन्य वस्तु श्रेणी में माल ढुलाई 16 प्रतिशत बढ़ी है। जबकि लौह अयस्क की ढुलाई में 4.8 प्रतिशत और पिग आयरन एवं तैयार इस्पात की ढुलाई में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरकों की ढुलाई भी 6.2 प्रतिशत बढ़ी है। इससे कृषि क्षेत्र को आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिली।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई रूटों पर बड़ी संख्या में समर स्पेशल ट्रेनें चलाईं। इससे यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने और भीड़ कम करने में मदद मिली। रेलवे अपनी आधुनिक सेवाओं का भी लगातार विस्तार कर रहा है। वर्तमान में देशभर में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है और मई महीने में तीन नई अमृत भारत ट्रेनों को शुरू किया गया।