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Maharashtra: 'मुगलों ने भी शिवाजी महाराज को कहा था चूहा', युवाओं को 'कॉकरोच' कहने पर भड़के उद्धव-राज ठाकरे
Thu, 30 Jul 2026 02:26 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, मुंबई।
एएनआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:26 PM IST
सार
शिवसेना-यूबीटी प्रवक्ता हर्षल प्रधान की पुस्तक विमोचन पर उद्धव और राज ठाकरे ने मंच साझा करते हुए युवाओं के प्रति अभद्र भाषा और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उद्धव ने मुगलों द्वारा शिवाजी महाराज को 'चूहा' कहे जाने का उदाहरण देकर छात्रों को 'कॉकरोच' कहे जाने का कड़ा विरोध किया, जबकि दोनों नेताओं ने सांसद सीटें बढ़ाने से पहले रोजगार देने की वकालत की।
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उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ (फाइल फोटो)
- फोटो : manifesto
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विस्तार
शिवसेना-यूबीटी के प्रवक्ता हर्षल प्रधान की लिखी किताबों के लॉन्च के मौके पर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने शिवसेना उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन्हें कॉकरोच कहा जा रहा है, वे 16-17 साल के हैं। मुगलों ने तो शिवाजी महाराज को भी 'चूहा' कहा था। और आप आज के युवाओं को कॉकरोच कह रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। इस दौरान दोनों ठाकरे भाइयों ने युवाओं के अपमान, केंद्र सरकार की नीतियों, बेरोजगारी और देश में गिरते लोकतांत्रिक मूल्यों पर सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया।
अधिकार और असहमति पर रुख
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज अगर कोई व्यक्ति अपने अधिकार या न्याय मांगता है, तो उसे तुरंत 'देशविरोधी' या 'आतंकवादी' कह दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो मौजूदा दौर में उन्हें भी 'हिंदू-विरोधी' कह दिया जाता, क्योंकि वे हमेशा कहते थे कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
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यह भी पढ़ें: Congress: हॉकी इंडिया की जर्सी का रंग बदलने पर भड़कीं प्रियंका गांधी, सरकार और RSS पर साधा निशाना; क्या कहा?
संसद की सीटों में बढ़ोतरी पर सवाल
131वां संविधान संशोधन के तहत सांसदों की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर दोनों नेताओं ने सवाल उठाए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का कहना था कि संसद का आकार बढ़ाने से अधिक महत्वपूर्ण देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार पहले रोजगार की व्यवस्था करें।
नितिन गडकरी पर भी साधा निशाना
राज ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के '200 साल तक बिना गड्ढों वाली सड़कें' वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दूसरी तरफ कुछ पुल 15 दिन में ही गिर जाते हैं। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दों और लोकतंत्र के कमजोर होने पर भी अपनी चिंता व्यक्त की।
बताते चलें कि हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने आंदोलन किया। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा। विपक्ष इसे जहां युवाओं की जीत बता रहा है, वहीं समाज में कुछ लोग कॉकरोच कहकर तंज भी कस रहे हैं।
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शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। इस दौरान दोनों ठाकरे भाइयों ने युवाओं के अपमान, केंद्र सरकार की नीतियों, बेरोजगारी और देश में गिरते लोकतांत्रिक मूल्यों पर सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया।
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अधिकार और असहमति पर रुख
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज अगर कोई व्यक्ति अपने अधिकार या न्याय मांगता है, तो उसे तुरंत 'देशविरोधी' या 'आतंकवादी' कह दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज बालासाहेब ठाकरे जीवित होते, तो मौजूदा दौर में उन्हें भी 'हिंदू-विरोधी' कह दिया जाता, क्योंकि वे हमेशा कहते थे कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
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संसद की सीटों में बढ़ोतरी पर सवाल
131वां संविधान संशोधन के तहत सांसदों की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर दोनों नेताओं ने सवाल उठाए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का कहना था कि संसद का आकार बढ़ाने से अधिक महत्वपूर्ण देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार पहले रोजगार की व्यवस्था करें।
नितिन गडकरी पर भी साधा निशाना
राज ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के '200 साल तक बिना गड्ढों वाली सड़कें' वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दूसरी तरफ कुछ पुल 15 दिन में ही गिर जाते हैं। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दों और लोकतंत्र के कमजोर होने पर भी अपनी चिंता व्यक्त की।
बताते चलें कि हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने आंदोलन किया। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा। विपक्ष इसे जहां युवाओं की जीत बता रहा है, वहीं समाज में कुछ लोग कॉकरोच कहकर तंज भी कस रहे हैं।