Rajya Sabha Polls: कर्नाटक में खरगे समेत कांग्रेस को तीन सीटें, जानें अन्य राज्यों की सीटों का हाल
Rajya Sabha Polls: संसद के उच्च सदन में संख्या बल को बढ़ाने के लिए देश के तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से सभी तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए आज नाम वापसी की अंतिम तारीख बीत गई। ऐसे में कई उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। 18 को मतदान की तारीफ है। इस दिन स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। भाजपा-कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं? इस रिपोर्ट में जानिए...
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BJP leader Tarun Chugh receives the certificate of election from Returning Officer Arvind Sharma after being elected to the Rajya Sabha from Madhya Pradesh. pic.twitter.com/qCxFecpNOG
— ANI (@ANI) June 11, 2026विज्ञापन
आज किन राज्यों में हो चुका निर्विरोध निर्वाचन
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MP Rajya Sabha: एमपी की तीन सीटों पर BJP के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, रिटर्निंग अफसर ने सौंपा प्रमाण पत्र
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गुजरात राज्यसभा चुनाव: चारों सीटों पर निर्विरोध जीते भाजपा उम्मीदवार, निर्वाचन आयोग ने की घोषणा
कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे समेत 4 निर्वाचित, भाजपा को मिली एक सीट
कर्नाटक के बंगलूरू में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत चार उम्मीदवारों को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना गया है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए केवल चार ही उम्मीदवार मैदान में थे, जिन्हें गुरुवार को विजेता घोषित कर दिया गया। निर्वाचित सदस्यों में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, एआईसीसी सचिव मंसूर अली खान और पवन खेड़ा शामिल हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से एम नागराजा को जीत मिली है। कार्यकाल समाप्त होने के कारण इन सीटों पर 18 जून को मतदान होना था, लेकिन एक निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने और नाम वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी को निर्विरोध चुन लिया गया।आंध्र प्रदेश: NDA के चार प्रत्याशी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित
आंध्र प्रदेश के अमरावती में NDA के सभी चार प्रत्याशी राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के तीन और जनसेना का एक उम्मीदवार शामिल है। रिटर्निंग ऑफिसर आर वनिता रानी ने भाषयम रामकृष्ण, चिंताकायाला विजय, सना सतीश बाबू (सभी तेदेपा) और लिंगामनेनी रमेश (जनसेना) के उच्च सदन के लिए चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने तक केवल चार ही उम्मीदवार मैदान में थे, जिसके बाद इन्हें विजयी घोषित कर दिया गया। इस चुनाव के बाद राज्यसभा में तेदेपा के चार, वाईएसआरसीपी के चार, भाजपा के दो और जनसेना का एक सदस्य हो गया है। निर्वाचित होने वालों में विधानसभा अध्यक्ष चिंताकायाला अय्यन्नापात्रुडु के पुत्र विजय भी शामिल हैं।
ओडिशा: भाजपा कैंडिडेट देवाशीष सामंतराय राज्यसभा निर्वाचित
ओडिशा के भुवनेश्वर में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष सामंतराय राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया क्योंकि मैदान में अन्य कोई प्रत्याशी नहीं था। बता दें कि बीजू जनता दल (बीजद) का साथ छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद देवाशीष ने राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते यह सीट रिक्त हुई थी। उनकी इस जीत के साथ ही ओडिशा से राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में 26 उम्मीदवार
बता दें कि, राज्यसभा की 24 सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराए जाने हैं। इस बार 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिनमें कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सीटों पर मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन शामिल हैं।
किन राज्यों में हो रहे चुनाव?
इसमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर चुनाव हो रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव हो रहा है।यह भी पढ़ें- Explainer: राज्यसभा चुनाव कहां निर्विरोध निर्वाचन और कहां मतदान की नौबत; जहां वोटिंग वहां किसके पक्ष में गणित?
राज्यसभा चुनाव में मध्य प्रदेश और झारखंड सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इन दोनों राज्यों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इन चुनावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) राज्यसभा में अपने दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच सकता है।
झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा है। इनके अलावा आंध्र प्रदेश से वर्तमान राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं। यहां जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी। भाजपा और उसके सहयोगियों के पास कुल 24 विधायक हैं। ऐसे में परिमल नथवानी को जीत के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। इसी वजह से यहां क्रॉस वोटिंग की संभावना पर चर्चा तेज है।
गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने राजूभाई शुक्ला, मुकेश राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र कंजारिया को उम्मीदवार बनाया है। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 161 विधायक हैं और विपक्ष ने अभी तक कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में भाजपा के चारों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
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अन्य राज्यों में क्या है स्थिति?
मणिपुर की एकमात्र सीट के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अधीकारिमयुम शारदा देवी ने नामांकन दाखिल किया है। अरुणाचल प्रदेश में भाजपा नेता ताई तागक, मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी के जेम्स के. संगमा और मिजोरम में सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट के के. लालत्लुआंगकिमा उम्मीदवार हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में राज्यसभा की एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होगा। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तमिलनाडु में कांग्रेस ने प्रवीण चक्रवर्ती को मैदान में उतारा है।
अनुच्छेद 84 के तहत भारत का नागरिक होने के अलावा राज्यसभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष तय की गई, जबकि निचले सदन लोकसभा के लिए यह 25 वर्ष है। संविधान के अनुच्छेद 102 में दिवालिया और कुछ अन्य वर्ग के लोगों को राज्यसभा सदस्य बनने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 154 के अनुसार राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। हर 2 साल में इसके एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं इसलिए राज्यसभा कभी भंग नहीं होती।
न्यूनतम 10 सदस्यों की सहमति आवश्यक
राज्य सभा में सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है जिसमें विधान परिषद् के सदस्य वोट नहीं डाल सकते। नामांकन फाइल करने के लिए न्यूनतम 10 सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है। सदस्यों का चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत के द्वारा निर्धारित कानून से होता है। इसके अनुसार राज्य की कुल विधानसभा सीटों को राज्यसभा की सदस्य संख्या में एक जोड़ कर उसे विभाजित किया जाता है फिर उसमें 1 जोड़ दिया जाता है।
इसे इस तरह समझें कि यूपी में कुल 403 विधायक हैं और 11 राज्यसभा सीट हैं जिन्हें 12 ( 11 + 1) से विभाजित करके फिर उसमे 1 जोड़ने पर 34 की संख्या आती है जो वहां चुनाव जीतने के लिए न्यूनतम वोटों की संख्या होगी। विधायक वरीयता के अनुसार अपना वोट देते हैं और पहली वरीयता के न्यूनतम वोट जिसे मिल जाते हैं वह व्यक्ति विजयी हो जाता है। इसके बाद यदि सदस्यों के लिए वोटिंग होती है तो सबसे कम वोट मिलने वाले उम्मीदवार के वोटों को दूसरी वरीयता के अनुसार अन्य उम्मीदवारों को ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह सिलसिला तब तक चलता है जब तक उम्मीदवार विजयी नहीं हो जाए। इसीलिए चुनाव होने की स्थिति में विधायकों द्वारा अन्य वरीयता के मतों का महत्व बहुत बढ़ जाता है।