फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ram Mandir Bhumi Pujan, Pm Modi gave message of peace by ending Article 370 and Ayodhya dispute

अनुच्छेद 370 व अयोध्या विवाद का अंत कर मोदी ने दिया शांति का संदेश 

Thu, 06 Aug 2020 03:41 AM IST
संजीव कुमार झा शेष नारायण सिंह
शेष नारायण सिंह Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 06 Aug 2020 03:41 AM IST
विज्ञापन
Ram Mandir Bhumi Pujan, Pm Modi gave message of peace by ending Article 370 and Ayodhya dispute
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई

अयोध्या में भव्य राममंदिर के  निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  मुख्य पूजा की। इसके साथ ही पिछले 35 साल के चल  रहा विवाद समाप्त हो गया । विश्व हिन्दू परिषद की अगुवाई में जब यह आंदोलन शुरू हुआ तो आज की मुख्य विपक्षी पार्टी सत्ता में थी। राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और उनके साथ सलाहकारों की जो टीम थी उन लोगों ने रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

विज्ञापन


आंदोलन का संचालन कर रहे  संगठन विश्व हिन्दू परिषद को मुंहमांगी मुराद मिल गई। विश्व हिन्दू परिषद ने देश की उस दौर की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को भगवान राम के खिलाफ प्रस्तुत कर दिया और तब की मात्र दो लोकसभा सीट वाली पार्टी को राम मंदिर की पक्षधर के रूप में पेश कर दिया।  
विज्ञापन


साल भर पहले इसी दिन हटा था अनुच्छेद 370...
यह संयोग ही है कि जिस दिन से राम मंदिर निर्माण की शुरुआत हुई ठीक एक साल पहले पांच अगस्त 2019 के दिन जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया था। यह भगवा खेमे में एजेंडे में बहुत पहले से था। जनसंघ के कानपुर अधिवेशन में 1952 में इस आशय का प्रस्ताव भी पास किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी ने कश्मीर से 370 तो हटा ही दिया, वहां पर पाकिस्तानी शह पर हिंसा करने वालों को भी औकात में ला दिया। सबसे बड़ी बात यह हुई कि देश में कहीं कोई हिंसा नहीं हुई बल्कि खुशी ही जाहिर की गई। देश में पिछले कई दशकों से अशांति की जड़ बनी समस्याओं को सुलझाकर नरेंद्र मोदी ने निश्चित ही कुशल राजनीति का परिचय दिया है। इसके लिए उनके विरोधियों के बीच भी उनका सम्मान बढ़ा है।

कांग्रेस ने भी दिया समर्थन 
मंदिर निर्माण के काम में नरेंद्र मोदी को मिलने वाले समर्थनों में सबसे दिलचस्प मामला कांग्रेस का है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि भगवान राम सब में हैं और सब के हैं। ऐसे में पांच अगस्त को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहा भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बनना चाहिए।

उन्होंने कबीर के राम, तुलसी के राम, रैदास के राम के साथ साथ कई महान आत्माओं के राम का ज़िक्र किया और एक तरह से ऐलान कर दिया कि राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस की तरफ से अब कोई बाधा नहीं आएगी। हालांकि उन्होंने अपने बयान में ऐसा नहीं कहा लेकिन उनकी भाषा के प्रवाह से ऐसा लगता है कि वे मोदी के राम को भी उसी श्रेणी में रख रही हैं।

जिन लोगों ने 1986 से राममंदिर निर्माण के आन्दोलन को देखा है उनको मालूम है कि अगर उनके पिताजी और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी शुरू में ही यही रवैया अपनाया होता तो ढांचा विध्वंस और राममंदिर निर्माण के आन्दोलन के नाम पर जितना खून बहा, वह न बहा होता। 

अधिकतम के कल्याण के मार्ग पर प्रधानमंत्री
राममंदिर निर्माण संविधान के दायरे में हो रहा है और उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय दिया जा रहा है। मोदी ने सबको यह संदेश दे दिया है कि वैमनस्य नहीं आपसी सौहार्द से ही देश का राजकाज चलाया जाना चाहिए। उन्होंने जे एस मिल के सिद्धांत ‘अधिकतम संख्या का अधिकतम कल्याण‘ को गवर्नेंस का मॉडल बनाकर काम करने का फैसला किया है। 

इकबाल अंसारी खुले दिल से साथ
बाबरी  मस्जिद के टाइटिल के मुक़दमे के मुख्य पैरोकार स्व हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने खुले दिल से मंदिर निर्माण के काम का समर्थन किया। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूमिपूजन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने एक टेलिविज़न कार्यक्रम में कहा कि देश के मुसलमान मंदिर निर्माण के अभियान का समर्थन करते हैं।


यह उनका अति उत्साह में दिया गया बयान है, क्योंकि मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी और पीस पार्टी के डॉ अयूब उनकी बात से सहमत नहीं होंगे। डॉ अयूब ने तो अखबार में विज्ञापन छपवा कर देश में निजाम-ए-मुस्तफा का संकल्प लिया है। इसका मतलब यह है कि उनकी पार्टी देश में संविधान को खारिज करके एक नया इस्लामी निजाम लाने की बात कर रही है जबकि रामजन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरी तरह से संविधान के दायरे में रहकर हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed