फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bombay high court clerk typing test glitches aspirants halt protest demand re examination

बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती विवाद: छात्रों ने खत्म किया आंदोलन, प्रशासन को दिया 7 दिन का समय; क्या रखी मांग?

Mon, 17 Aug 2026 01:38 PM IST
नवीन पारमुवाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नवीन पारमुवाल Updated Mon, 17 Aug 2026 01:38 PM IST
सार

बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ियों के बाद अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन को एक हफ्ते का समय देते हुए परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है और आंदोलन खत्म कर दिया है।

विज्ञापन
bombay high court clerk typing test glitches aspirants halt protest demand re examination
बॉम्बे हाई कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

Bombay HC Clerk Typing Test Controversy: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती की टाइपिंग परीक्षा में आई तकनीकी खामियों के खिलाफ उम्मीदवारों ने अपना विरोध प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया है। छात्रों ने प्रशासन को इन समस्याओं को सुधारने और दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। रविवार को परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर कंप्यूटर और कीबोर्ड काम न करने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद छात्रों ने भारी हंगामा किया।
विज्ञापन


कितने पदों पर हुई थी परीक्षा?
बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर और औरंगाबाद बेंच के तहत 1,300 पदों के लिए यह टाइपिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। पूरे महाराष्ट्र से लगभग 13,000 उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पात्र थे। छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा और विदर्भ के करीब 2,900 छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पीली पड़ गई और कीबोर्ड ने काम करना बंद कर दिया, जिससे वे अपना टेस्ट पूरा नहीं कर पाए।
विज्ञापन


किन केंद्रों पर आईं तकनीकी दिक्कतें?
बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) ने इस मामले में एक पत्र जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, टाइपिंग परीक्षा मुख्य रूप से सुचारू रूप से संपन्न हुई है। हालांकि, औरंगाबाद और कल्याण जैसे कुछ केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतें आने की रिपोर्ट मिली है। प्रशासन ने कहा है कि एजेंसी के स्तर पर हुई इन खामियों की जांच की जा रही है। जांच के बाद छात्रों को आधिकारिक तौर पर आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रों की मांग क्या?
कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को सिस्टम की विफलता बताया है। छात्रों की मांग है कि यह परीक्षा किसी तीसरी एजेंसी के बजाय सीधे हाई कोर्ट की देखरेख में दोबारा आयोजित की जाए। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि अगर सात दिनों के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

अभिजीत दिपके ने कहा, 'परीक्षा के दौरान कंप्यूटर और कीबोर्ड सही से काम नहीं कर रहे थे। सर्वर की भी समस्या थी। इसकी वजह से छात्र अपना टेस्ट पूरा किए बिना ही फेल हो गए। यह पूरी तरह से व्यवस्था की हार है। अगर एक हफ्ते में दोबारा परीक्षा का फैसला नहीं हुआ, तो छात्र फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।'


तीन सत्रों में आयोजित हुई थी परीक्षा
यह परीक्षा तीन सत्रों में आयोजित की गई थी। बड़ी संख्या में छात्र बिना किसी गलती के फेल घोषित कर दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद रविवार देर रात प्रदर्शन खत्म किया गया, लेकिन छात्रों ने अपनी मांगें पूरी करने के लिए एक हफ्ते की समय सीमा तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed