कोलकाता से चल रहा था पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क?: बंगाल में STF का बड़ा एक्शन, राणा रऊफ का सहयोगी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंट राणा रऊफ के सहयोगी इमरान को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इमरान ने जाली दस्तावेजों के जरिए रऊफ को भारतीय पासपोर्ट दिलाने में मदद की।
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पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने सोमवार को कथित पाकिस्तानी खुफिया एजेंट राणा रऊफ के एक संदिग्ध सहयोगी को गिरफ्तार किया। जिसे पहले कोलकाता से संचालित होने वाले एक कथित जासूसी नेटवर्क के संबंध में पकड़ा गया था। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
अधिकारी ने क्या बताया?
उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है और उसे शहर के टॉपसिया इलाके में एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ अधिकारी के अनुसार, इमरान ने कथित तौर पर रऊफ को जाली दस्तावेजों का उपयोग करके भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने के प्रयासों में मदद की थी।
क्या इस ऑपरेशन में और लोग भी शामिल हैं?
अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ को संदेह है कि इस ऑपरेशन में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और वे उनका पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी रऊफ की ओर से कोलकाता में कथित तौर पर बनाए जा रहे नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
जांच में क्या पता चला?
अधिकारी ने कहा, 'जांच में पता चला है कि इमरान कथित तौर पर रऊफ को भारतीय पासपोर्ट के लिए दस्तावेज जुटाने में मदद कर रहा था। हम नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ उसके संबंधों की जांच कर रहे हैं और जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री का सत्यापन कर रहे हैं।'
क्या है पूरा मामला?
पिछले सप्ताह बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा में गिरफ्तार किए गए रऊफ के बारे में एसटीएफ को संदेह है कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद का मूल निवासी है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसके संबंध पाकिस्तान की अंतर-सेवा खुफिया एजेंसी (आईएसआई) से थे। इसके साथ ही उसने नेपाल में कई साल बिताने के बाद 2012 में जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भारत में प्रवेश किया था।
एसटीएफ को क्या संदेह है?
उन्होंने कहा कि एसटीएफ को संदेह है कि रऊफ भारतीय सेना और रेलवे से संबंधित जानकारी पाकिस्तान में अपने कथित आकाओं को दे रहा था। एसटीएफ को रऊफ द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए एक पाकिस्तानी पासपोर्ट का जानकारी भी मिला। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, ढाका से कराची की प्रस्तावित यात्रा के इंतजाम के लिए यह पासपोर्ट ढाका भेजा गया था।
उन्होंने कहा, 'पासपोर्ट की जानकारी से जांचकर्ताओं को और सुराग मिले हैं, क्योंकि वे रऊफ की गतिविधियों और दूसरों के साथ उसके कथित संबंधों की जांच कर रहे हैं।' एसटीएफ उन आरोपों की भी जांच कर रही है कि रऊफ राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू होने से पहले भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास कर रहा था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इमरान और कई अन्य लोग इस प्रक्रिया में उसकी सहायता कर रहे थे।
इस समूह का क्या मकसद था?
पुलिस को यह भी संदेह है कि इमरान जाली दस्तावेजों का उपयोग करके पासपोर्ट तैयार करने में शामिल था। यह समूह कथित तौर पर कोलकाता को आधार बनाकर आतंकवादियों के स्लीपर सेल स्थापित करने का प्रयास कर रहा था।
वरिष्ठ एसटीएफ अधिकारी ने कहा, 'हम इस व्यापक साजिश और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच कर रहे हैं। इस समय हमारी प्राथमिकता नेटवर्क की हर कड़ी की पहचान करना, उनकी भूमिका स्थापित करना और संदिग्ध गतिविधियों का सत्यापन करना है।' एसटीएफ अब इमरान से पूछताछ कर रही है और चल रही जांच के हिस्से के रूप में राउफ और अन्य लोगों के साथ उसके कथित संपर्कों की जांच कर रही है।