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राम मंदिर चंदा विवाद: रमेश बोले- भाजपा-आरएसएस का सपना, चंदे का माल अपना; पीएम मोदी को भी घेरा
Thu, 22 Oct 2026 02:51 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:51 PM IST
सार
राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और ट्रस्ट से जुड़े जमीन के सौदों को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमला बोला है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन पांच मिनट बाद ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेची गई और जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई। कांग्रेस ने चढ़ावे का पूरा हिसाब जारी करने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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जयराम रमेश, कांग्रेस सांसद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी ही नहीं हुई, बल्कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों लोगों से जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये के चंदे में भी हेराफेरी की गई। उन्होंने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद पर तंज कसते हुए कहा, ‘भाजपा, आरएसएस, वीएचपी का सपना, चंदे का माल अपना।’ कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री से हमारा सीधा सवाल है कि आपकी नाक के नीचे चंदे की यह चोरी हुई, तो आपने मौन सहमति देकर इस पाप में भागीदार बनना क्यों चुना?
'जमीन के सौदे में पांच मिनट के भीतर कीमत कैसे बढ़ी?'
जयराम रमेश ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन के सौदों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या यह सही नहीं है कि उस दिन शाम 7:10 बजे तिवारी और अंसारी ने कुसुम पाठक से जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके महज पांच मिनट बाद, शाम 7:15 बजे, उसी जमीन को ट्रस्ट ने चंपत राय के माध्यम से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया। रमेश ने सवाल किया कि आखिर पांच मिनट के भीतर जमीन की कीमत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हो गई? उन्होंने इसे कथित लूट बताते हुए इस सौदे पर जवाब मांगा।
जमीन की रजिस्ट्री पर रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता ने दोनों रजिस्ट्री के गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या दोनों दस्तावेजों में गवाह तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ही थे। रमेश ने यह भी सवाल किया कि 2021 की जांच रिपोर्ट पांच साल बाद भी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है। उन्होंने पूछा कि जमीन के इन सौदों की जांच कर रही विशेष जांच टीम के नतीजे आखिर कब सामने आएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने और भाजपा, आरएसएस तथा वीएचपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगने के बावजूद न तो जांच के नतीजे सामने आए और न ही कार्रवाई की गई।
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यह भी पढ़ें: दिल्ली को 43 परियोजनाओं की सौगात: विपक्ष पर बरसे अमित शाह, बोले- केजरीवाल ने यमुना में डुबकी का किया झूठा वादा
पीएम मोदी पर क्यों हमलावर है कांग्रेस?
कांग्रेस ने सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने कहा था कि सत्ता के अहंकार में चूर चंदा चोरों को सजा दिलाना देश के नागरिकों की जिम्मेदारी है। इससे पहले, इसी महीने कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को जांच में बचाया जा रहा है। पार्टी ने यह सवाल भी उठाया था कि चार जून को कथित चोरी की रकम से जुड़ा वीडियो चंपत राय तक पहुंचने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में 21 दिन की देरी क्यों हुई। कांग्रेस ने चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
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'जमीन के सौदे में पांच मिनट के भीतर कीमत कैसे बढ़ी?'
जयराम रमेश ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन के सौदों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या यह सही नहीं है कि उस दिन शाम 7:10 बजे तिवारी और अंसारी ने कुसुम पाठक से जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके महज पांच मिनट बाद, शाम 7:15 बजे, उसी जमीन को ट्रस्ट ने चंपत राय के माध्यम से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया। रमेश ने सवाल किया कि आखिर पांच मिनट के भीतर जमीन की कीमत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हो गई? उन्होंने इसे कथित लूट बताते हुए इस सौदे पर जवाब मांगा।
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जमीन की रजिस्ट्री पर रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता ने दोनों रजिस्ट्री के गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या दोनों दस्तावेजों में गवाह तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ही थे। रमेश ने यह भी सवाल किया कि 2021 की जांच रिपोर्ट पांच साल बाद भी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है। उन्होंने पूछा कि जमीन के इन सौदों की जांच कर रही विशेष जांच टीम के नतीजे आखिर कब सामने आएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने और भाजपा, आरएसएस तथा वीएचपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगने के बावजूद न तो जांच के नतीजे सामने आए और न ही कार्रवाई की गई।
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पीएम मोदी पर क्यों हमलावर है कांग्रेस?
कांग्रेस ने सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने कहा था कि सत्ता के अहंकार में चूर चंदा चोरों को सजा दिलाना देश के नागरिकों की जिम्मेदारी है। इससे पहले, इसी महीने कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को जांच में बचाया जा रहा है। पार्टी ने यह सवाल भी उठाया था कि चार जून को कथित चोरी की रकम से जुड़ा वीडियो चंपत राय तक पहुंचने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में 21 दिन की देरी क्यों हुई। कांग्रेस ने चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।