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सुरक्षित भुगतान के लिए AI कवच तैयार कर रहा RBI: स्वदेशी प्रणाली की जा रही विकसित, डाटा की भी होगी सुरक्षा

अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Wed, 03 Jun 2026 06:28 AM IST
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सार

भारतीय रिजर्व बैंक एआई आधारित एकीकृत प्लेटफॉर्म विकसित करेगा, जिससे भुगतान सुरक्षा, डाटा प्रबंधन और बैंकिंग कार्यों को मजबूती मिलेगी। डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म साइबर धोखाधड़ी पर नजर रखेगा। साथ ही सुरक्षित बैंकिंग डोमेन, स्वदेशी भुगतान प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक चेक और डिजिटल भुगतान क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

RBI preparing an AI shield for secure payments: Indigenous system is being developed, data will be protected
आरबीआई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक एआई के जरिये सुरक्षा कवच तैयार करेगा। इसके जरिये सभी तरह के भुगतान सुरक्षित करने , डाटा प्रबंधन की सुरक्षा व बैंको का काम आसान होगा। इसके लिए एकीकृत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। रिजर्व बैंक एक संस्थागत स्तर का एआई प्लेटफॉर्म विकसित करेगा, जिसमें बड़े और छोटे भाषा मॉडल सुरक्षित डाटा प्रबंधन व केंद्रीय बैंकिंग कार्यों के अनुरूप एआई आधारित समाधान उपलब्ध होंगे। विभिन्न पोर्टलों को एक मंच पर लाने के लिए एकीकृत वर्क पोर्टल विकसित होगा।


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डिजिटल वित्तीय सेवाओं में भरोसा और सुरक्षा बढ़ सके। bank.in विशेष डोमेन शुरू करने की पहल ने भारत को दुनिया का पहला देश बना दिया जिसने बैंकिंग प्रणाली के लिए सुरक्षित डोमेन को अनिवार्य किया। एक पूर्णतः स्वदेशी भुगतान प्रणाली विकसित हो रही है जिसमें मौजूदा केंद्रीकृत प्रणालियों की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। रिजर्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में आने वाली योजनाओं के बारे में बताया है।
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डिजिटल भुगतान  साइबर धोखाधड़ी पर कसेगी नकेल
संदिग्ध लेन-देन की समय पर पहचान के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफार्म बनाया गया है। पेमेंट विजन 2028 के तहत डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति मिलेगी। अब आने वाले वक्त में विभिन्न डिजिटल भुगतान साधनों में लेन-देन को सक्षम या अक्षम करने की सुविधा होगी। जोखिम से निपटने के लिए साझा उत्तरदायित्व ढांचा विकसित करना, जिसमें ग्राहक और लाभार्थी का बैंक दोनों उत्तरदायी होंगे।

नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्ड भुगतानों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा व इलेक्ट्रॉनिक चेक शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। डिजिटल भुगतानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली बैंकिंग संस्थाओं को नियामकीय दायरे में लाने पर विचार किया जाएगा।

यह होगी व्यवस्था
  • इलेक्ट्रॉनिक चेक शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
  • गैर-बैंक भुगतान प्रणाली संचालकों के लिए साइबर की रिस्क इंडीकेटर्स ढांचा लागू किया जाएगा।
  • डिजिटल भुगतानों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित अनुसंधान एवं प्रशिक्षण क्षमता विकसित की जाएगी।
  • डिजिटल भुगतानों में भूमिका निभाने वाली बैंकिंग संस्थाओं को नियामकीय दायरे में लाया जाएगा।
  • साइबर सुरक्षा क्षेत्र में के लिए उन्नत थ्रेट हंटिंग प्लेटफॉर्म लगाए जाएंगे।

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विदेशों में यूपीआई का किया जाएगा विस्तार
यूपीआई आधारित क्यूआर कोड भुगतान सुविधा वर्तमान में भुटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, यूएई आदि देशोंं में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त नाबीबिया व पेरू यूपीआई आधारित विकसित किया जा रहा है। मारीशस व यूएई में रुपे कार्ड प्रणाली का कार्यान्वयन पूरा हो चुका है।
 
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