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'साहब की कार' पर केंद्र की बंदिशें: अतिरिक्त प्रभार में नहीं मिलेगा वाहन, महीने में केवल 250 लीटर तेल मिलेगा

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:16 AM IST
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सार

केंद्र में सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग पर शिकंजा कसने जा रहा है। नए आदेश के अनुसार अगर अफसर के पास दो प्रभार हैं तो एक ही कार मिलेगी। इसके साथ ही अगर तय किलोमीटर से ज्यादा कार चली तो वसूली होगी। 

Centre imposes restrictions on Saheb's car: No additional charge for vehicle only 250 litres of fuel per month
सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग पर शिकंजा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

केंद्र सरकार में 'साहब' की 'स्टाफ कार' पर कई तरह के प्रतिबंध लग गए हैं। ऊर्जा संकट के बीच ऐसा निर्देश जारी होने के पीछे मुख्य कारण, सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग पर शिकंजा कसना है। केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि में स्टाफ कार के दुरुपयोग के मामले सामने आ रहे हैं। इसके चलते वित्त मंत्रालय ने व्यय विभाग की सहमति से स्टाफ कार के इस्तेमाल को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त प्रभार के दौरान अफसर को एक ही कार मिलेगी। दूसरा, सरकारी उपक्रमों की कारों का इस्तेमाल, अफसर खुद के लिए नहीं करेंगे। तय किलोमीटर से ज्यादा कार चली तो नियमानुसार संबंधित अफसर से वसूली की जाएगी। एक माह में स्टाफ कार 500 किमी ही चलेगी। 



वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं कार्यालयों में स्टाफ कारों के उपयोग को लेकर ये दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मंत्रालय ने सितंबर 2022 में स्टाफ कार बाबत जो नियम तय किए थे, उन्हीं में उक्त निर्देशों को शामिल किया गया है। अब स्टाफ कार के इस्तेमाल के लिए इन सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। इन निर्देशों में कहा गया है कि केंद्र सरकार में कोई अधिकारी, जो पहले से ही अपने नियमित पद के लिए अधिकृत कार का उपयोग कर रहा है, उसे किसी अन्य मंत्रालय/विभाग, संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों/स्वायत्त निकायों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि में किसी पद का अतिरिक्त प्रभार संभालते समय अतिरिक्त वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। ऐसी स्थिति में वहां पर जितने भी ऐसे वाहन होंगे, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए। 
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कर्मचारी की कार का इस्तेमाल नहीं होगा ... 
केंद्र सरकार के अधिकारी, सरकारी उपक्रमों या अर्ध सरकारी/स्वायत्त संगठनों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित कर्मचारियों की कारों को अपने उपयोग के लिए नहीं रखेंगे। हालांकि वे उक्त विभागों के दौरे पर हैं तो स्टाफ कार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पहले 2022 में वित्त मंत्रालय द्वारा स्टाफ कार को लेकर जारी आदेशों में कहा गया था है कि यदि स्टाफ कार, एक माह में तय किलोमीटर से ज्यादा चलती है तो उसकी वसूली होगी। स्टाफ कार तीस दिन में पांच सौ किलोमीटर ही चलेगी। इसके बाद जितने भी अतिरिक्त किलोमीटर निकलेंगे, संबंधित अधिकारी को उसके लिए 24 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से राशि जमा करानी होगी। एक माह में स्टाफ कार के लिए ढाई सौ लीटर से ज्यादा तेल नहीं मिलेगा। अब उक्त निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा। संबंधित अधिकारी, हर सप्ताह कार का रजिस्टर जांचेंगे।
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तय सीमा से ज्यादा तेल खपत हुई तो ...  
वित्त मंत्रालय द्वारा स्टाफ कार के लिए तेल की जितनी खपत तय की गई है, अगर उससे ज्यादा तेल इस्तेमाल होता है तो उसके लिए वित्तीय सलाहकार की सहमति से प्रशासनिक सचिव की मंजूरी लेनी होगी। सरकारी विभाग जब कभी किराए पर गाड़ी लें तो उसमें इलेक्ट्रॉनिक वाहन को वरियता दी जाएगी। केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव एवं उससे ऊपर के अधिकारियों, विभाग प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड व उससे अधिक वेतन वाले रैंक में शामिल अफसरों को स्टाफ कार की सुविधा मिलती है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने स्टाफ कार की खरीद और उसके संचालन के नियमों में भी बदलाव किया था। स्टाफ कार खरीदने की सीमा को बढ़ाया गया है। पहले यह सीमा पौने पांच लाख रुपये थी, चार साल पहले इसे छह लाख रुपये कर दिया गया था। 

'स्टाफ' कारों पर रहेगा नियंत्रण ...  
स्टाफ कार, अवर सचिव के पद से नीचे के प्रशासनिक अधिकारी के नियंत्रण में नहीं होगी। इस रैंक से बड़े अधिकारी के पास ही कार का नियंत्रण रहेगा। नियंत्रण अधिकारी, कार के उचित उपयोग, उसकी देखभाल व रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। नियंत्रण अधिकारी एक लॉग बुक मेनटेन रखेगा। उसमें मरम्मत और प्रतिस्थापन का रिकॉर्ड रहेगा। कौन सा स्पेयर पार्ट्स डाला गया है। पेट्रोल डीजल की लागत, ये सब लॉग बुक में लिखा जाएगा। स्टाफ कार के हकदार अधिकारियों द्वारा सीमित गैर-आधिकारिक उद्देश्य के लिए स्टाफ कार के उपयोग की अनुमति, रुपये के भुगतान पर 500 किलोमीटर तक है। एक महीने में 500 किमी से अधिक के उपयोग के लिए, 24 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त किलोमीटर का खर्च देय होगा। आदेशों में स्टाफ कारों की रनिंग कॉस्ट पर होने वाले खर्च को कम रखने पर बल दिया गया है। 

प्रामाणिक आधिकारिक उद्देश्य के लिए स्टाफ कार ... 
स्टाफ कारों का उपयोग, प्रामाणिक आधिकारिक उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा। वास्तविक आधिकारिक उद्देश्य, केंद्र सरकार के विभाग द्वारा निर्धारित होगा। सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बिना, मुख्यालय के बाहर आधिकारिक यात्रा के लिए स्टाफ कारों का उपयोग नहीं हो सकता। ड्यूटी यात्रा को गैर-ड्यूटी यात्राओं पर वरीयता दें। केंद्र सरकार के अधिकारी अपने निपटान में सरकारी उपक्रमों या अर्ध सरकारी/स्वायत्त संगठनों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित स्टाफ कारों को दौरे पर छोड़कर नहीं रखेंगे। 

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