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CAPF: सीएपीएफ के 11 लाख जवानों-परिजनों के लिए राहत, दिल्ली एम्स में इलाज कराने के लिए अब ये टीम करेगी मदद
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सार
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' के लगभग 11 लाख जवानों के लिए राहत की खबर है। जवानों और उनके परिजनों को 'अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली (एम्स) में इलाज कराना है तो उनकी पूरी मदद की जाएगी।
सीएपीएफ
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' के लगभग 11 लाख जवानों के लिए राहत की खबर है। जवानों और उनके परिजनों को 'अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली (एम्स) में इलाज कराना है तो उनकी पूरी मदद की जाएगी। इलाज के दौरान उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने इसके लिए एक टीम का गठन किया है। इस टीम में सीआरपीएफ के दो चीफ मेडिकल ऑफिसर 'सीएमओ' और छह अन्य कार्मिक शामिल हैं।
बता दें कि दिल्ली स्थित एम्स में इलाज कराना आसान नहीं है। ओपीडी में चेकअप कराना है या कोई सर्जरी करानी है तो उसके लिए कई महीनों की वेटिंग रहती है। अगर किसी का चेकअप हो गया है तो सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ड्यूटी पर तैनात सीएपीएफ अधिकारी या जवान के साथ कोई हादसा हो गया है, ऑपरेशनल ड्यूटी में घायल हुए हैं या किसी दुर्गम स्थान पर अचानक तबीयत बिगड़ गई है तो उस स्थिति के दौरान एम्स में तुरंत इलाज शुरू किया जाता है। सामान्य तौर पर अगर किसी जवान को खुद या अपने परिवार के सदस्य का चेकअप कराना है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एम्स में आसानी से इलाज शुरू नहीं होता।
सीएपीएफ कार्मिकों एवं उनके परिवार को एम्स दिल्ली में इलाज कराने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सीआरपीएफ महानिदेशक कार्यालय ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। इस सुविधा को लेकर महानिदेशक कार्यालय ने दूसरे बलों को सूचित किया है कि एम्स में बल की एक टीम को जिम्मेदारी दी गई है कि वह जवानों के इलाज में आने वाली परेशानी को दूर करे। न केवल ओपीडी में इलाज, बल्कि किसी भी तरह की इमरजेंसी में भर्ती कराने के लिए भी उक्त टीम, संबंधित कार्मिक की मदद करेगी। कोई भी जवान, एम्स में किसी भी तरह की मेडिकल सहायता के लिए इस टीम से संपर्क कर सकत है।
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इस टीम में सीआरपीएफ के सीएमओ डॉ. सन्जु सिंह, डॉ. अशरफ खान, हवलदार अरूण कुमार यादव, योगेश पाटिल, महेश, मिथिलेश शुक्ल, सिपाही राकेश कुमार और आशीष चतुर्वेदी शामिल हैं। सीएपीएफ कार्मिकों और उनके परिजनों के लिए यह टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। किसी भी तरह की इमरजेंसी में कोई भी जवान इस टीम से संपर्क कर सकता है। सभी यूनिटों में इस टीम के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। रोल कॉल एवं सैनिक सम्मेलन के जरिए टीम के मोबाइल नंबर, जवानों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।
बता दें कि दिल्ली स्थित एम्स में इलाज कराना आसान नहीं है। ओपीडी में चेकअप कराना है या कोई सर्जरी करानी है तो उसके लिए कई महीनों की वेटिंग रहती है। अगर किसी का चेकअप हो गया है तो सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ड्यूटी पर तैनात सीएपीएफ अधिकारी या जवान के साथ कोई हादसा हो गया है, ऑपरेशनल ड्यूटी में घायल हुए हैं या किसी दुर्गम स्थान पर अचानक तबीयत बिगड़ गई है तो उस स्थिति के दौरान एम्स में तुरंत इलाज शुरू किया जाता है। सामान्य तौर पर अगर किसी जवान को खुद या अपने परिवार के सदस्य का चेकअप कराना है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एम्स में आसानी से इलाज शुरू नहीं होता।
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सीएपीएफ कार्मिकों एवं उनके परिवार को एम्स दिल्ली में इलाज कराने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सीआरपीएफ महानिदेशक कार्यालय ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। इस सुविधा को लेकर महानिदेशक कार्यालय ने दूसरे बलों को सूचित किया है कि एम्स में बल की एक टीम को जिम्मेदारी दी गई है कि वह जवानों के इलाज में आने वाली परेशानी को दूर करे। न केवल ओपीडी में इलाज, बल्कि किसी भी तरह की इमरजेंसी में भर्ती कराने के लिए भी उक्त टीम, संबंधित कार्मिक की मदद करेगी। कोई भी जवान, एम्स में किसी भी तरह की मेडिकल सहायता के लिए इस टीम से संपर्क कर सकत है।
इस टीम में सीआरपीएफ के सीएमओ डॉ. सन्जु सिंह, डॉ. अशरफ खान, हवलदार अरूण कुमार यादव, योगेश पाटिल, महेश, मिथिलेश शुक्ल, सिपाही राकेश कुमार और आशीष चतुर्वेदी शामिल हैं। सीएपीएफ कार्मिकों और उनके परिजनों के लिए यह टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। किसी भी तरह की इमरजेंसी में कोई भी जवान इस टीम से संपर्क कर सकता है। सभी यूनिटों में इस टीम के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। रोल कॉल एवं सैनिक सम्मेलन के जरिए टीम के मोबाइल नंबर, जवानों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।