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Republic Day In Northeast: असम और सिक्किम में भी जश्न-ए-गणतंत्र, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने दिए ये संदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/गंगटोक
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:52 PM IST
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सार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गणतंत्र दिवस पर कहा कि जनता को वोट बैंक की राजनीति और विकास में से एक चुनना होगा। उन्होंने घुसपैठ और पहचान के संकट पर चिंता जताई। वहीं, सिक्किम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संविधान के आदर्शों पर चलने और राज्य की तरक्की पर बात की।
हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वोत्तर भारत में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर असम और सिक्किम के नेतृत्व ने जनता को कड़े संदेश दिए और भविष्य की योजनाओं पर बात की। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ में तिरंगा फहराने के बाद कहा कि अब लोगों को फैसला करना होगा। उन्हें तय करना है कि वे 'वोट बैंक की राजनीति' चाहते हैं या पिछले पांच वर्षों में सरकार की शुरू की गई विकास यात्रा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में चुनाव हैं। जनता को सोचना होगा कि क्या वे बांग्लादेशी मुसलमानों के सामने झुकना चाहते हैं या प्रगति का साथ देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 तक राज्य में पूर्वी बंगाल (बांग्लादेश) के मुसलमानों की आबादी 40 प्रतिशत होने का अनुमान है। राज्य के 12 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। घुसपैठियों ने करीब 63.58 लाख बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने अतिक्रमण हटाकर जमीन वापस लेने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पहचान सुरक्षित किए बिना विकास अधूरा है।
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सरमा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद अब जिला कमिश्नर घुसपैठियों को 24 घंटे के भीतर देश से बाहर भेज सकते हैं। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बाल विवाह और बहुविवाह रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। चाय बागान मजदूरों को जमीन का हक और सुविधाएं दी गई हैं। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की 'माटी' (जमीन), 'भेटी' (नींव), 'संस्कृति' (संस्कृति) और 'परिचय' (पहचान) की रक्षा करने और भविष्य की पीढ़ी के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आर्थिक मोर्चे पर क्या बोले असम के सीएम?
आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने कहा कि असम अब हिंसा और उग्रवाद से मुक्त होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य जल्द ही सेमीकंडक्टर के नक्शे पर होगा और छह महीने में 'मेड इन असम' चिप्स बनने लगेंगे। सरमा ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में, राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिससे विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है।
ये भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, इस्तीफे के बाद पहली बार बड़े मंच पर आए नजर
क्या बोले सिक्किम के राज्यपाल?
वहीं दूसरी ओर, सिक्किम की राजधानी गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने 77वें गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया। उन्होंने लोगों से संविधान के आदर्शों को बनाए रखने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि एक मजबूत और समृद्ध भारत बनाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान को याद किया और उनकी तारीफ की।
सीएम ने दिया संदेश
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एकता और आत्मविश्वास के साथ सिक्किम एक मॉडल राज्य बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य देश की तरक्की में अहम योगदान देता रहेगा।
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मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 तक राज्य में पूर्वी बंगाल (बांग्लादेश) के मुसलमानों की आबादी 40 प्रतिशत होने का अनुमान है। राज्य के 12 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। घुसपैठियों ने करीब 63.58 लाख बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने अतिक्रमण हटाकर जमीन वापस लेने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पहचान सुरक्षित किए बिना विकास अधूरा है।
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सरमा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद अब जिला कमिश्नर घुसपैठियों को 24 घंटे के भीतर देश से बाहर भेज सकते हैं। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बाल विवाह और बहुविवाह रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। चाय बागान मजदूरों को जमीन का हक और सुविधाएं दी गई हैं। सरमा ने कहा कि उनकी सरकार लोगों की 'माटी' (जमीन), 'भेटी' (नींव), 'संस्कृति' (संस्कृति) और 'परिचय' (पहचान) की रक्षा करने और भविष्य की पीढ़ी के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आर्थिक मोर्चे पर क्या बोले असम के सीएम?
आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने कहा कि असम अब हिंसा और उग्रवाद से मुक्त होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य जल्द ही सेमीकंडक्टर के नक्शे पर होगा और छह महीने में 'मेड इन असम' चिप्स बनने लगेंगे। सरमा ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में, राज्य ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिससे विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है।
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क्या बोले सिक्किम के राज्यपाल?
वहीं दूसरी ओर, सिक्किम की राजधानी गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने 77वें गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया। उन्होंने लोगों से संविधान के आदर्शों को बनाए रखने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि एक मजबूत और समृद्ध भारत बनाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान को याद किया और उनकी तारीफ की।
सीएम ने दिया संदेश
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एकता और आत्मविश्वास के साथ सिक्किम एक मॉडल राज्य बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य देश की तरक्की में अहम योगदान देता रहेगा।
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