सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Caste Census Row Congress Questions Modi Govt’s Intent on Caste Census 2027 Jairam Ramesh

जाति जनगणना: कांग्रेस ने मोदी सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, सभी दलों से बातचीत की मांग की

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 26 Jan 2026 04:01 PM IST
विज्ञापन
सार

कांग्रेस ने मोदी सरकार की जाति जनगणना की नीयत पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जनगणना के फॉर्म में ओबीसी का जिक्र न होना शक पैदा करता है। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रक्रिया तय करने से पहले सभी दलों और राज्यों से बात की जाए। 

Caste Census Row Congress Questions Modi Govt’s Intent on Caste Census 2027 Jairam Ramesh
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

कांग्रेस ने जाति जनगणना के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा हो। पार्टी ने कहा कि जनगणना के पहले चरण यानी मकानों की सूची बनाने (हाउसलिस्टिंग) के लिए जो सवाल तैयार किए गए हैं, वे सरकार की असली मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि जाति जनगणना की प्रक्रिया तय करने से पहले सरकार को राजनीतिक दलों, राज्यों और सामाजिक संगठनों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
Trending Videos


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जनगणना 2027 का काम काफी देरी से चल रहा है। इसका पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा। दूसरा चरण, जिसमें जनसंख्या की गिनती होगी, वह फरवरी 2027 में होगा। हालांकि, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे बर्फीले इलाकों में यह सितंबर 2026 में ही हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार के यू-टर्न और नीयत पर सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले जाति जनगणना का विरोध किया था। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने इसे शहरी नक्सली सोच बताया था। लेकिन बाद में राहुल गांधी और कांग्रेस के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा और उन्होंने इसे जनगणना 2027 में शामिल करने की बात मानी।

रमेश ने बताया कि सरकार ने मकानों की सूची बनाने के लिए जो फॉर्म जारी किया है, उसमें सवाल नंबर 12 चिंताजनक है। इसमें पूछा गया है कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या 'अन्य' श्रेणी से है। इसमें ओबीसी और सामान्य वर्ग के बारे में साफ तौर पर नहीं पूछा गया है। रमेश ने कहा कि यह तरीका बताता है कि सरकार निष्पक्ष जाति जनगणना के लिए गंभीर नहीं है।

तेलंगाना मॉडल अपनाने की सलाह
कांग्रेस नेता ने सुझाव दिया कि सरकार को तेलंगाना सरकार के 2025 के सर्वे (SEEEPC) से सीखना चाहिए। वहां शिक्षा, रोजगार और आय पर जाति-वार जानकारी जुटाई गई थी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए ऐसी जानकारी जरूरी है।

सरकार ने जारी किए 33 सवाल
सरकार ने जनगणना के पहले चरण के लिए 33 सवालों की अधिसूचना जारी की है। यह चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा। भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि अधिकारियों को लोगों से कई तरह की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है।

सर्वे में पूछे जाने वाले प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं-
  • घर के फर्श, दीवार और छत में कौन सी सामग्री लगी है?
  • घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं?
  • घर के मुखिया का नाम और लिंग क्या है?
  • परिवार किस तरह का अनाज खाता है?
  • घर में कौन सी आधुनिक सुविधाएं और वाहन मौजूद हैं?
  • घर के मुखिया की जाति (SC/ST या अन्य) और मकान के मालिकाना हक की जानकारी।

जनगणना का बजट
जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच होगा। हर राज्य अपने हिसाब से 30 दिनों का समय तय करेगा। लोगों के पास खुद जानकारी भरने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी होगा, जो सर्वे शुरू होने से 15 दिन पहले खुलेगा। इस पूरी कवायद पर 11,718 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed