Republic Day 2026: सेना के शौर्य के अलावा गौरवशाली विरासत की झलकियां भी दिखेंगी, इस साल परेड में क्या है खास?
26 जनवरी को होने वाली परेड में भारतीय सेना अपनी परंपरा, शौर्य और आधुनिक ताकत का शानदार प्रदर्शन करेगी। इस बार बहु-पीढ़ी के अधिकारी पहली बार बैटल गियर में मार्च करेंगे, 61 कैवलरी, ब्रहमोस, आकाश मिसाइल, ड्रोन और जानवरों की विशेष यूनिट परेड में शामिल होंगी, जो दर्शकों के लिए यादगार अनुभव होगी।
विस्तार
26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। तैयारियों के आधार पर इस बात का आकलन किया जा सकता है कि इस बार की परेड भारतीय सेना की शौर्य, परंपरा और आधुनिक शक्ति का शानदार प्रदर्शन साबित होगी। खास बात यह है कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड पर कुछ ऐसा होने वाला है, जो कई परिवारों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा होगा। इस दौरान बहु-पीढ़ी के अधिकारी पहली बार बैटल गियर में मार्च करने वाले 61 कैवलरी के जवान, आधुनिक हथियार जैसे ब्रहमोस, आकाश और ड्रोन और जानवरों की विशेष यूनिट परेड का हिस्सा होंगी।
बता दें कि इस बार लेफ्टिनेंट अमित चौधरी, जो दूसरे पीढ़ी के आर्मी ऑफिसर हैं, आरुणाचल स्काउट्स की मिक्स्ड स्काउट्स कंटिंगेंट की कमान संभालेंगे। उनके लिए यह सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पिता की यादों का भी सम्मान है, जो 1990 में ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स की टीम का हिस्सा रहे थे।
लेफ्टिनेंट अमित और उनकी टीम का दिखा जोश
अमित और उनकी टीम शुक्रवार को परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में हिस्सा ले रहे थे। बारिश के बीच, उन्होंने अपने खास मल्टी-लेयर सूट, विशेष बूट और पोलराइज्ड सनग्लासेस पहने थे, जो कठिन इलाके और मौसम के लिए बनाए गए हैं। अमित ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बचपन में मैं हमेशा टीवी पर परेड देखता था और घर में ही कमरे में मार्च करता था। अब इस परेड में कदम रखना मेरे लिए बहुत खास है।
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परेड में सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि कई अन्य बहु-पीढ़ी के आर्मी ऑफिसरों को भी हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने बताया कि इस बार इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर पर आधारित विशेष आर्मी टेबुलो भी दिखाया जाएगा, जो ऑपरेशन सिंदूर और रणनीतिक योजना को दर्शाएगा।
कैप्टन आहान कुमार करेंगे टीम की अगुवाई
कैप्टन आहान कुमार 61 कैवेलरी की टीम की अगुवाई करेंगे और उनके साथ उनके घोड़े ‘रणवीर’ होंगे। यह उनके लिए नया अनुभव है क्योंकि इस बार वे युद्ध के गियर में होंगे। कैप्टन हर्षिता राघव, जो रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स की टीम की अगुवाई करेंगी, कहती हैं, "ये जानवर भी भारतीय सेना के सैनिक हैं। इन्हें ऑपरेशनल तैयार करना और उनकी जरूरतों को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। ये असली ‘साइलेंट वारियर्स’ हैं।
कैप्टन विकास तीसरी पीढ़ी, कैसी है तैयारी
कैप्टन विकास यादव, तीसरी पीढ़ी के आर्मी ऑफिसर, अपने कंटिंगेंट के साथ अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स (UGVs) दिखाएंगे, जो निगरानी, लॉजिस्टिक और खतरनाक मिशनों में इस्तेमाल होते हैं। इस साल कुल 18 मार्चिंग कंटिंगेंट और 13 बैंड परेड में हिस्सा लेंगे। परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी।
भारतीय सेना में चौथी पीढ़ी है कैप्टन समीरा
इस बार परेड में शामिल होनो वाली कैप्टन समीरा जि बुत्तर इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर कंटिंगेट की कमान संभालेंगी। इस बात को लेकर उन्होंने कहा कि मैं चौथी पीढ़ी की आर्मी ऑफिसर हूं। मेरे पिता, दादा और परदादा सभी आर्मी में रहे। इस बार परेड में हिस्सा लेना गर्व की बात है। उनके दादा ने 1965 की युद्ध में भाग लिया था और दो बहादुरी पुरस्कार भी जीते।
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इस परेड में मिश्रित स्काउट्स कंटिंगेंट में कौन-कौन?
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में मिश्रित स्काउट्स कंटिंगेंट भी हिस्सा लेगी। सेना की कई प्रमुख रेजिमेंटें परेड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी, जिनमें राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी और भैरव बटालियन शामिल हैं। परेड में देश की ताकतवर हथियार प्रणाली का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें ब्रहमोस, आकाश मिसाइल, MRSAM, ATAGS, धनुष तोप, दिव्यास्त्र बैटरी और सुर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियार शामिल होंगे।
परेड में जानवरों का भी होगा विशेष प्रदर्शन
इसके अलावा, 61 कैवेलरी के घुड़सवार सैनिक इस बार अपने युद्ध उपकरणों के साथ परेड में कदम रखेंगे। परेड में जानवरों का भी विशेष प्रदर्शन होगा। इसमें ट्रेन किए गए और जंगली जानवर जैसे ज़ांस्कर पोनीज़, बक्रियन ऊंट, बाज और सेना कुत्ते शामिल हैं, जिन्हें सेना के मिशनों में सहयोगी माना जाता है।