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हादसा या साजिश: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता के घर लगी आग के पीछे कौन? सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर लगाए ये आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 24 Jan 2026 06:26 PM IST
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सार
बांकुड़ा में भाजपा नेता तपस बारिक के घर में आग लगने के बाद सियासत गरमा गई है। सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर साजिश और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक स्थानीय भाजपा नेता के घर में लगी आग ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का हाथ है। उन्होंने इसे विपक्षी आवाजों को दबाने की गहरी साजिश बताया और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
सुवेंदु अधिकारी बांकुड़ा के ओंदा पहुंचे और भाजपा के स्थानीय आईटी संयोजक तपस बारिक के जले हुए कच्चे घर का निरीक्षण किया। आग 22 जनवरी की तड़के करीब दो बजे लगी, जिसमें पूरा घर खाक हो गया। अधिकारी ने दावा किया कि यह हादसा नहीं, बल्कि जानलेवा हमला था, जिसका मकसद इलाके में भाजपा की बढ़ती संगठनात्मक पकड़ को कमजोर करना है।
आग हादसा या साजिश
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि तपस बारिक की सक्रियता से भाजपा का वोटबैंक मजबूत हो रहा था, जिससे टीएमसी घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और “सनातन संस्कृति” का समर्थन करने वाले 25 से 30 वर्ष के भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारी ने आशंका जताई कि प्रशासन इस आग को शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज बताकर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर सकता है।
जांच में लापरवाही के आरोप
पीएम आवास योजना और सुरक्षा का मुद्दा
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल के लिए लगभग 40 लाख घरों को मंजूरी दी थी, जिन पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन आज भी गरीब परिवार जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे राज्य सरकार की विफलता बताया और कहा कि यदि योजना सही से लागू होती तो यह परिवार सुरक्षित पक्के घर में रहता।
ये भी पढ़ें- बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बेची गई सीटें, ट्रस्ट के खाते रहे खाली, पैसा गया कहां?
भाजपा का भरोसा, परिवार को समर्थन
जिला नेताओं के साथ पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने तपस बारिक के परिवार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा घर की मरम्मत कराएगी, दुकान दोबारा शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देगी, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद बारिक गांव छोड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने सुरक्षा का भरोसा देकर उन्हें रुकने के लिए मनाया है।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि आग सुबह-सुबह लगी और उसके कारणों का अभी पता नहीं चला है। उन्होंने सवाल किया कि जब वजह साफ नहीं है तो टीएमसी को दोष क्यों दिया जा रहा है। चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने आवास के फंड नहीं रोके होते तो परिवार को पक्का घर मिल चुका होता। उधर, सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सुवेंदु अधिकारी बांकुड़ा के ओंदा पहुंचे और भाजपा के स्थानीय आईटी संयोजक तपस बारिक के जले हुए कच्चे घर का निरीक्षण किया। आग 22 जनवरी की तड़के करीब दो बजे लगी, जिसमें पूरा घर खाक हो गया। अधिकारी ने दावा किया कि यह हादसा नहीं, बल्कि जानलेवा हमला था, जिसका मकसद इलाके में भाजपा की बढ़ती संगठनात्मक पकड़ को कमजोर करना है।
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आग हादसा या साजिश
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि तपस बारिक की सक्रियता से भाजपा का वोटबैंक मजबूत हो रहा था, जिससे टीएमसी घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और “सनातन संस्कृति” का समर्थन करने वाले 25 से 30 वर्ष के भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारी ने आशंका जताई कि प्रशासन इस आग को शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज बताकर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर सकता है।
जांच में लापरवाही के आरोप
- फॉरेंसिक टीम कथित तौर पर घटना के करीब 48 घंटे बाद मौके पर पहुंची।
- आग लगने वाले दिन कोई ठोस प्रारंभिक जांच नहीं की गई।
- किसी सरकारी प्रतिनिधि ने परिवार को कंबल या तिरपाल जैसी बुनियादी राहत भी नहीं दी।
- पहले मिल चुकी धमकियों के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
- पुलिस पर टीएमसी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया गया।
पीएम आवास योजना और सुरक्षा का मुद्दा
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पश्चिम बंगाल के लिए लगभग 40 लाख घरों को मंजूरी दी थी, जिन पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन आज भी गरीब परिवार जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे राज्य सरकार की विफलता बताया और कहा कि यदि योजना सही से लागू होती तो यह परिवार सुरक्षित पक्के घर में रहता।
ये भी पढ़ें- बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बेची गई सीटें, ट्रस्ट के खाते रहे खाली, पैसा गया कहां?
भाजपा का भरोसा, परिवार को समर्थन
जिला नेताओं के साथ पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने तपस बारिक के परिवार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा घर की मरम्मत कराएगी, दुकान दोबारा शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देगी, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद बारिक गांव छोड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने सुरक्षा का भरोसा देकर उन्हें रुकने के लिए मनाया है।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि आग सुबह-सुबह लगी और उसके कारणों का अभी पता नहीं चला है। उन्होंने सवाल किया कि जब वजह साफ नहीं है तो टीएमसी को दोष क्यों दिया जा रहा है। चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने आवास के फंड नहीं रोके होते तो परिवार को पक्का घर मिल चुका होता। उधर, सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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