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गणतंत्र दिवस का गौरव बढ़ाएंगी झांकियां: इस साल कौन सा राज्य परेड में क्या दर्शाएगा, सेना क्या प्रस्तुति करेगी?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:57 PM IST
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सार
इस गणतंत्र दिवस परेड में भारत के कौन से राज्य और विभाग झांकियों की प्रस्तुति करने वाले हैं। इन झांकियों में क्या खास दिखेगा। आइये जानते हैं...
गणतंत्र दिवस 2026।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
26 जनवरी, 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने, भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम होने वाला है। दरअसल, 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर अलग-अलग झांकियों के जरिए देश की उपलब्धियों को चिह्नित किया जाना है। इसमें ऑपरेशन सिंदूर से लेकर आत्मनिर्भर भारत और वंदे मातरम के इतिहास से लेकर अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों को पेश किया जाएगा।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर इस गणतंत्र दिवस परेड में भारत के कौन से राज्य और विभाग झांकियों की प्रस्तुति करने वाले हैं। इन झांकियों में क्या खास दिखेगा। आइये जानते हैं...
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर इस गणतंत्र दिवस परेड में भारत के कौन से राज्य और विभाग झांकियों की प्रस्तुति करने वाले हैं। इन झांकियों में क्या खास दिखेगा। आइये जानते हैं...
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77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 17 और मंत्रालयों/विभागों/सेवाओं की 13 झांकियां होंगी। स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम' और 'समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक विषय के साथ, झांकी 150 वर्षों के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और देश की समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक विविधता में डूबी बढ़ती आत्मनिर्भरता के पीछे देश की तीव्र प्रगति को प्रदर्शित करेगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां (17)
असम: झांकी 'आशिरकंडी' नामक शिल्प गांव पर आधारित है, जो अपनी पारंपरिक कला को प्रदर्शित करेगी।छत्तीसगढ़: यह झांकी स्वतंत्रता के मंत्र के रूप में वंदे मातरम के महत्व को दर्शाएगी।
गुजरात: मुख्य आकर्षण स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम है, जो राज्य की देशभक्ति की भावना को पेश करेगा।
हिमाचल प्रदेश: इस झांकी का विषय है कि हिमाचल प्रदेश न केवल देवभूमि है, बल्कि उतनी ही महान वीरभूमि भी है।
जम्मू और कश्मीर: यहां की झांकी में केंद्र शासित प्रदेश के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और लोक नृत्यों की झलक देखने को मिलेगी।
केरल: यह झांकी वॉटर मेट्रो और 100% डिजिटल होने की उपलब्धि के माध्यम से आत्मनिर्भर केरल को प्रदर्शित करेगी।
महाराष्ट्र: यहां गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में दिखाया जाएगा।
मणिपुर: 'समृद्धि की ओर' विषय के साथ यह झांकी मणिपुर के उत्पादों की खेतों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक की यात्रा दिखाएगी।
नगालैंड: यहां प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव के माध्यम से संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का जश्न मनाया जाएगा।
ओडिशा: 'मिट्टी से सिलिकॉन तक' विषय के साथ यह झांकी परंपरा और नवाचार के संगम को दिखाएगी।
पुदुचेरी: यह अपनी समृद्ध शिल्प कला, सांस्कृतिक विरासत और 'ऑरोविल' के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।
महाराष्ट्र: यहां गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में दिखाया जाएगा।
मणिपुर: 'समृद्धि की ओर' विषय के साथ यह झांकी मणिपुर के उत्पादों की खेतों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक की यात्रा दिखाएगी।
नगालैंड: यहां प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव के माध्यम से संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का जश्न मनाया जाएगा।
ओडिशा: 'मिट्टी से सिलिकॉन तक' विषय के साथ यह झांकी परंपरा और नवाचार के संगम को दिखाएगी।
पुदुचेरी: यह अपनी समृद्ध शिल्प कला, सांस्कृतिक विरासत और 'ऑरोविल' के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।
राजस्थान: यहां की झांकी में ऊंट की खाल पर की गई कलाकारी और स्वर्ण कलाकृतियों का प्रदर्शन होगा।
तमिलनाडु: यह राज्य खुद को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माण केंद्र के रूप में पेश करेगा, जो समृद्धि का मंत्र है।
उत्तर प्रदेश: इस झांकी के माध्यम से बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल: यह झांकी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित होगी।
मध्य प्रदेश: यह झांकी पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और योगदान को समर्पित है।
पंजाब: यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को श्रद्धा के साथ दिखाया जाएगा।
तमिलनाडु: यह राज्य खुद को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माण केंद्र के रूप में पेश करेगा, जो समृद्धि का मंत्र है।
उत्तर प्रदेश: इस झांकी के माध्यम से बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल: यह झांकी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित होगी।
मध्य प्रदेश: यह झांकी पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और योगदान को समर्पित है।
पंजाब: यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को श्रद्धा के साथ दिखाया जाएगा।
मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां (13)
वायुसेना: यह एक 'वेटरन झांकी' होगी, जो युद्धों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों के योगदान को दिखाएगी।नौसेना: इसका विषय 'समुद्र से समृद्धि' है, जो समुद्री शक्ति के महत्व को उजागर करेगा।
सैन्य मामलों का विभाग: यह तीनों सेवाओं को दर्शाती झांकी है, जो ऑपरेशन सिंदूर और संयुक्त विजय को प्रदर्शित करेगी।
संस्कृति मंत्रालय: इसकी झांकी वंदे मातरम को 'एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार' के रूप में पेश करेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग: यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारतीय स्कूली शिक्षा की तेज प्रगति को दिखाएगी।
आयुष मंत्रालय: 'आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र' विषय के साथ यह पारंपरिक चिकित्सा पर केंद्रित होगी।
गृह मंत्रालय: यहां तीन नए कानूनों (2023) के माध्यम से जन केंद्रित न्याय प्रणाली को दिखाया जाएगा।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय: यह वंदे मातरम के 150 साल को समर्पित भव्य पुष्प चित्र होगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय: 'भारत कथा' के माध्यम से यह श्रुति, कृति और दृष्टि की भारतीय परंपरा को दर्शाएगी।
पंचायती राज मंत्रालय: यह 'स्वामित्व योजना' के जरिए आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध भारत की तस्वीर पेश करेगी।
विद्युत मंत्रालय: 'प्रकाश गंगा' विषय के साथ यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत को शक्ति प्रदान करने के प्रयासों को दिखाएगी।
कौशल विकास मंत्रालय: यह झांकी कौशल द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता और भविष्य की तैयारी की दिशा में भारत के पथ को प्रदर्शित करेगी।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय: यह वंदे मातरम के 150 साल को समर्पित भव्य पुष्प चित्र होगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय: 'भारत कथा' के माध्यम से यह श्रुति, कृति और दृष्टि की भारतीय परंपरा को दर्शाएगी।
पंचायती राज मंत्रालय: यह 'स्वामित्व योजना' के जरिए आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध भारत की तस्वीर पेश करेगी।
विद्युत मंत्रालय: 'प्रकाश गंगा' विषय के साथ यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत को शक्ति प्रदान करने के प्रयासों को दिखाएगी।
कौशल विकास मंत्रालय: यह झांकी कौशल द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता और भविष्य की तैयारी की दिशा में भारत के पथ को प्रदर्शित करेगी।