{"_id":"6a1ec706bc71fdcabb0a6728","slug":"riju-dutta-claims-50-tmc-mlas-back-rebel-camp-says-we-are-the-real-trinamool-congress-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल में महाराष्ट्र जैसा खेला?: '50 विधायक हमारे साथ, हम असली तृणमूल कांग्रेस', रिजु दत्ता के दावे से हड़कंप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल में महाराष्ट्र जैसा खेला?: '50 विधायक हमारे साथ, हम असली तृणमूल कांग्रेस', रिजु दत्ता के दावे से हड़कंप
एएनआई, कोलकाता।
Published by: Rahul Kumar
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:41 PM IST
विज्ञापन
सार
बंगाल में चुनावी हार के बाद टीएमसी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। विरोध प्रदर्शन में आधे से ज्यादा विधायकों की गैरमौजूदगी ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच पार्टी से निकाले गए एक नेता ने दावा किया है कि पार्टी के पचास विधायक अलग होकर टीएमसी पर दावा ठोंक सकते हैं।
पार्टी से निकाले गए नेता रिजु दत्ता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। दो विधायकों को निष्कासन के अब ऐसे दावे किए जा रहे है कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर फूट पड़ सकती है। पार्टी से निकाले गए नेता रिजु दत्ता ने दावा किया कि 80 में से 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली तृणमूल बताने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि ये विधायक पार्टी पर अपना दावा ठोक सकते हैं।
मीडिया से बात करते हुए रिजु दत्ता ने दावा किया कि टीएमसी के दो विधायकों ऋतुब्रत बंदोपाध्याय और संदीपान साहा ने स्पीकर को एक चिट्ठी लिखकर दावा किया कि उनके दस्तखत नकली थे। जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों विधायकों को पार्टी से निकाल दिया। चूंकि मैंने भी कई वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस में काम किया है, इसलिए मुझे इस बारे में खबर मिली और कुणाल घोष ने भी प्रेस में बताया कि ऋतब्रत बंदोपाध्याय की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस के लगभग 50 विधायक एक होटल में मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंदोपाध्याय की उठी मांग- दत्ता
दत्ता ने आगे बताया, उन्होंने (विधायकों) फोन पर भी बात की और शाम को एमएलए हॉस्टल में कई विधायकों के साथ एक मीटिंग भी की। आज शायद दोपहर 1:00 या 2:00 बजे के आसपास, वे सब एक साथ मिलकर विधानसभा स्पीकर के पास जाएंगे और तीन मुख्य मुद्दे उठाएंगे। पहला, हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। लगभग 50 विधायक हमारे साथ हैं। हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। दूसरा, चूंकि हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं, इसलिए विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंदोपाध्याय होंगे, न कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय। तीसरा, हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए यह चुनाव चिह्न हमारा होना चाहिए।
Trending Videos
'टीएमसी नेता अभिषेक से नाराज हैं'
पूर्व टीएमसी नेता ने कहा कि इस समय बंगाल में शिवसेना महाराष्ट्र मॉडल लागू है। मैं दो बहुत ही जरूरी बातें कहना चाहता हूं। पहली- अभिषेक बनर्जी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी होगी। जिन-जिन लोगों को अभिषेक बनर्जी हाथ पकड़कर इस पार्टी में लाए थे, उन्हीं सबने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी... जो बातें मैंने 8 और 9 तारीख को कही थीं, आज वे लोग भी वही बातें कह रहे हैं। वे आईपैक से नाराज हैं। वे अभिषेक बनर्जी से नाराज हैं।
टीएमसी में टूट की चर्चा ने कब से पकड़ा जोर?
तृणमूल कांग्रेस में टूट और बगावत की चर्चा ने मुख्य रूप से 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद जोर पकड़ा। 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के साथ टीएमसी का राज्य पर 15 साल का शासन समाप्त हो गया और भाजपा ने बहुमत (208 सीटें) हासिल किया, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद से टीएमसी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लगातार इस हार के लिए शीर्ष नेतृत्व (ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी) के साथ चुनाव लड़ने वाले नेताओं को घेरा है।गुप्त बैठकें और असली तृणमूल गुट की तैयारी
ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित विधायकों- ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कोलकाता के ईएम बाईपास स्थित एक होटल में लगभग 50 बागी विधायकों के साथ कई गुप्त बैठकें की हैं। दावा किया जा रहा है कि यह बागी गुट खुद को असली तृणमूल के रूप में पेश करने और एक अलग धड़ा बनाने पर विचार कर रहा है। दल-बदल विरोधी कानून से अयोग्यता से बचने के लिए इन्हें 53 विधायकों (दो-तिहाई) के समर्थन की जरूरत है और वे कथित तौर पर इस आंकड़े को जुटाने की कोशिश में हैं।