सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   If you want to live country you will have to chant Vande Mataram Shubhendu government given orders

W. Bengal: 'देश में रहना है, तो वंदे मातरम, जन गण मन बोलना पड़ेगा', शुभेंदु सरकार ने सभी स्कूलों को दिया आदेश

एएनआई, कोलकाता Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 02 Jun 2026 05:58 PM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को सभी स्कूलों को आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश मे ंरहना है, तो वंदे मातरम और जन गण मन बोलना पड़ेगा। 

If you want to live country you will have to chant Vande Mataram Shubhendu government  given orders
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि देश में रहना है, तो वंदे मातरम, जनगण मन बोलना पड़ेगा। इसके आगे उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो 26 जनवरी और 15 अगस्त का सम्मान करना होगा।

उन्होंने आगे कहा ‘हर स्कूल में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य हो गया है। यह भारतीय संस्कृति है। यह सनातन संस्कृति है। भारत को हिंदुस्तान और इंडिया दोनों के नाम से जाना जाता है। यह देश किसी और के हाथ में नहीं जा सकता।’

विज्ञापन
विज्ञापन

यह भी पढ़ें- Kerala: जी सुधाकरण का विवादित बयान, बुद्धिजीवियों को बताया राजनीतिक दलों का तलवा चाटने वाला, छिड़ी नई बहस

विज्ञापन
Trending Videos

वंदे मातरम् गीत गाना अनिवार्य
हाल ही में बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान वंदे मातरम् गीत गाना अनिवार्य करने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक राज्य के सभी छात्रों को स्कूल शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत गाना होगा। विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा था।

यह भी पढ़ें-  Stray Dogs: अहमदाबाद में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए नगर निगम का अभियान, 1050 संस्थानों का सर्वे पूरा
अब तक राज्य के स्कूलों में गाए जाता था राष्ट्रगान
शुभेंदु सरकार के इस फैसले से पहले राज्य के स्कूलों में मुख्य रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया जाता था, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान टैगोर द्वारा लिखे गए ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में शामिल किया था। वहीं, अब नए सरकार के फैसले के अनुसार  बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भी प्रार्थना सभा का स्थायी हिस्सा बनेगा। 

शशि थरूर ने वंदे मातरम पर क्या बोला? 
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी पांच पदों को शुरुआत और अंत में अनिवार्य रूप से गाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इसे 'अनावश्यक और लोगों पर दबाव डालने वाला' बताया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है। जब यह गाया जाता है, तो लोग सम्मान में खड़े होते हैं। लेकिन इसके पूरे संस्करण को हर कार्यक्रम में अनिवार्य करना उचित नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed