सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RJD Leader Manoj Jha on Nitish Kumar, NDA and Opposition strategy; Khari Baat

Manoj Jha: राजद नेता बोले- नीतीश एनडीए में गए नहीं, ले जाये गए थे, अब मुद्दों पर आंदोलनात्मक तेवर अपनाने होंगे

Vinod Agnihotri विनोद अग्निहोत्री
Updated Thu, 04 Jun 2026 08:23 AM IST
विज्ञापन
RJD Leader Manoj Jha on Nitish Kumar, NDA and Opposition strategy; Khari Baat
डॉ. मनोज झा, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
विपक्षी इंडिया गठबंधन के सूत्रधार नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए में गए नहीं बल्कि ले जाये गए जिसकी सच्चाई वक्त आने पर जरूर सामने आएगी। विपक्षी नेता शायद इस साजिश को वक्त रहते समझ नहीं पाये कि पर्दे के पीछे क्या चल रहा है। ये दावा किया है राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. मनोज झा ने। उन्होंने इसके साथ ही कई अन्य मुद्दों पर अमर उजाला डिजिटल के कार्यक्रम खरी बात में खुलकर बात की।


मनोज झा ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का नारा नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान का मूल विचार और संदेश तो शानदार है और वो उससे पूरी तरह सहमत हैं लेकिन बाजार और दुकान शब्द जमते नहीं हैं। इनकी जगह कुछ और हो सकता था जैसे नफरत की खेती में मोहब्बत के बीज या नफरत की आंधी में मोहब्बत की बयार। झा से पूछा गया कि बिहार की सामाजिक परिस्थिति में उनका झुकाव आरजेडी जैसे दल की तरफ कैसे हुआ तो उन्होने कहा कि अमेरिका के संदर्भ में पढ़ी हुई एक किताब व्हाइट प्रिवलेज और अयोध्या आंदोलन से बने वातावरण में धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की विचारधारा ने उन्हें लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय जनता दल की तरफ आकर्षित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हार से आहत
मनोज झा कहते हैं कि बिहार चुनावों में राजद को मिली करारी हार ने उनकी पार्टी नेताओं के साथ आम लोगों को आहत किया क्योंकि राज्य में एक बड़ा वर्ग बदलाव चाहता था। भले ही हमारी सीटें बहुत कम रहीं पर हमारा जनाधार बढ़ा है और आज भी राजद ही बिहार में विकल्प है। चुनावी हार के लिए झा एसआईआर में काटे गए वोट, महिलाओं के खाते में डाले गए दस हजार और आगे दो लाख और देने के वादे को जिम्मेदार मानते हैं।
विज्ञापन
Trending Videos

हार

'अपनाने होंगे आंदोलनात्मक तेवर'
मनोज झा कहते हैं कि अब मुद्दों पर आंदोलनात्मक तेवर अपनाने होंगे। जैसे नीट पेपर लीक और सीबीएसई के गड़बड़झाले ने सरकार के सारे अवधारणा प्रबंधन को तार-तार कर दिया है। मुझे लगता है कि हमें और हमारे दल को तय करना होगा कि हमारी राजनीति चुनाव आयोग की घोषणा के बाद नहीं 24 घंटे करनी होगी। आम आदमी इस लड़ाई को पसंद करता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed