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Sanjay Raut: ‘जब हमारा समय आएगा, तो दिखाएंगे कि पार्टियां कैसे बंटती हैं’, शिवसेना (UBT) की टूट पर बोले राउत

पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 16 Jun 2026 05:09 PM IST
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सार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पार्टी में टूट और सांसदों के एनडीए में जाने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई संकट नहीं है। सभी सांसद मजबूती से साथ हैं। 

Sanjay Raut ‘When our time comes, we will show how parties split  Raut on the split in Shiv Sena (UBT).
संजय राउत, शिवसेना (यूबीटी) नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने अपनी पार्टी में नए विभाजन खबरों पर एक बयान दिया हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दिन जब आएगा, हम दिखाएंगे पार्टी कैसे तोड़ी जाती है। राज्यसभा सांसद राउत ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ लोकसभा सांसद सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।

अतीत में कई उतार-चढ़ाव देखे
उन्होंने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा ‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कोई संकट नहीं है। अगर कोई संकट आता है, तो हम उससे निपटेंगे।’ राउत ने कहा कि उनकी पार्टी की 60 साल पुरानी विरासत है। विभिन्न मुद्दों के लिए आंदोलन चलाने का उसका लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमने अतीत में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं पर आधारित है।'

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सभी सांसद पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े
उन्होंने कहा, 'विधायक और सांसद आते हैं और चले जाते हैं लेकिन पार्टी बनी रहती है। 'हमारा दिन जब आएगा, हम दिखाएंगे पार्टी कैसे तोड़ी जाता है' (जब हमारे दिन आएंगे तो हम दिखाएंगे कि पार्टियां कैसे विभाजित होती हैं)।' शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय देशमुख की प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की खबरों पर राउत ने कहा कि मुलाकात की गलत तस्वीर पेश की जा रही है। इसके साथ ही जोर देकर कहा कि सभी सांसद पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।

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अनिल देसाई ने भी किया खारिज
शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने भी इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उनके कुछ सहयोगी एक अलग समूह बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। उद्धव ठाकरे जी ने पिछले डेढ़ साल में कई बैठकें आयोजित की हैं। सभी (सांसदों) ने उनमें भाग लिया है। देसाई ने इस बात पर जोर देते हुए कहा, 'पिछली बैठक में हम चार लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। वहीं, उनमें से पांच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। वे मुंबई के मातोश्री में नहीं आ सके क्योंकि उनके अपने-अपने कार्यक्रम थे, जो बहुत पहले से तय थे।' उन्होंने यह भी दोहराया कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसद एक साथ थे।

क्या है पूरा मामला?
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना द्वारा पार्टी सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना का शुभंकर पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे द्वारा बनाया गया बाघ था। रविवार को उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई। नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल चार - अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल - व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हुए। वहीं, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन शामिल हुए।

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