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केरल में सतीशन सरकार का बड़ा एक्शन: सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, पहले से रहा विवादों में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 20 May 2026 12:47 PM IST
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सार
केरल की नई सरकार ने सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसला के साथ सरकार ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था।
वीडी सतीशन, केरल के मुख्यमंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केरल में नई सरकार के गठन के साथ ही बड़े फैसलों का सिलसिला शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद राज्य के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। अब इस नई सरकार ने विवादों में रहे सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना को भी रद्द कर दिया गया है।
सरकार ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की सिफारिश करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, युवाओं के लिए भी एक अच्छी खबर आई है। पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) की रैंक लिस्ट की वैधता अब 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट क्या है?
सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट पिछली पिनराई विजयन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी। इसकी अनुमानित लागत लगभग 64,000 करोड़ रुपये थी। पिछली सरकार का दावा था कि यह प्रोजेक्ट केरल के दो छोरों को जोड़ने का काम करेगा और राज्य के विकास के लिए जरूरी है। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा समेत कई विपक्षी दल और पर्यावरण प्रेमी इसका लगातार विरोध कर रहे थे।
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क्यों हो रहा था विरोध?
विरोध करने वालों में भाजपा, कांग्रेस दल के नेता समेत पर्यावरण संरक्षणकर्ता शामिल हैं। विरोध प्रदर्शन करने वालों का कहना थी कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा क्योंकि यह प्रोजेक्ट वेटलैंड्स, धान के खेत और केरल की पहाड़ियों से होकर गुजरेगा। इसलिए इस प्रोजेक्ट का बुरा असर पर्यावरण पर पड़ेगा। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट के कारण 20 हजार से लोग बेघर हो जाएंगे।
सरकार ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की सिफारिश करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, युवाओं के लिए भी एक अच्छी खबर आई है। पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) की रैंक लिस्ट की वैधता अब 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
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सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट क्या है?
सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट पिछली पिनराई विजयन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी। इसकी अनुमानित लागत लगभग 64,000 करोड़ रुपये थी। पिछली सरकार का दावा था कि यह प्रोजेक्ट केरल के दो छोरों को जोड़ने का काम करेगा और राज्य के विकास के लिए जरूरी है। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा समेत कई विपक्षी दल और पर्यावरण प्रेमी इसका लगातार विरोध कर रहे थे।
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क्यों हो रहा था विरोध?
विरोध करने वालों में भाजपा, कांग्रेस दल के नेता समेत पर्यावरण संरक्षणकर्ता शामिल हैं। विरोध प्रदर्शन करने वालों का कहना थी कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा क्योंकि यह प्रोजेक्ट वेटलैंड्स, धान के खेत और केरल की पहाड़ियों से होकर गुजरेगा। इसलिए इस प्रोजेक्ट का बुरा असर पर्यावरण पर पड़ेगा। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट के कारण 20 हजार से लोग बेघर हो जाएंगे।