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SIR: 'न्यायिक अधिकारियों के काम में बाधा न हो', सुप्रीम कोर्ट ने दिए बंगाल सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Tue, 10 Mar 2026 01:12 PM IST
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सार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि न्यायिक अधिकारियों को सुचारू कार्य वातावरण दिया जाए। कोर्ट ने पोर्टल की तकनीकी समस्याएं तुरंत ठीक करने और अधिकारियों के लिए नए लॉग-इन आईडी जल्द बनाने को भी कहा। आइए विस्तार से जानते हैं। 

SC directed the Bengal government and the EC to ensure that the work of judicial officers is not obstructed
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग से कहा है कि न्यायिक अधिकारियों को अपना काम सुचारू रूप से करने के लिए उचित और निर्बाध परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं।

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तीन जजों की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल थे, ने कहा कि SIR प्रक्रिया में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने अब तक मतदाता सूची से हटाए जाने के खतरे का सामना कर रहे लोगों की 10.16 लाख आपत्तियों और दावों पर सुनवाई की है।

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कोर्ट ने क्या-क्या दिए निर्देश?

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि SIR प्रक्रिया में कोई भी नया अनिवार्य कदम तब तक लागू न किया जाए, जब तक उसे कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी न मिल जाए। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि चुनाव आयोग के पोर्टल में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे ऐसी समस्याएं न हों।


कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों के लिए नए लॉग-इन आईडी जल्द बनाए जाएं, ताकि मतदाता सूची के संशोधन का काम बिना बाधा जारी रह सके। साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों के फैसलों की समीक्षा चुनाव आयोग के किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा नहीं की जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपीलों की सुनवाई के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की एक पीठ गठित कर सकते हैं। अदालत ने चुनाव आयोग को इस संबंध में अपीलीय प्राधिकरण बनाने के लिए अधिसूचना जारी करने का भी निर्देश दिया।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट यह सुनवाई पश्चिम बंगाल में जारी SIR प्रक्रिया से जुड़े कई याचिकाओं के समूह पर कर रहा था।

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