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Manipur: मणिपुर में बड़ा तनाव टला, सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोका; इंफाल पश्चिम में खाली पड़े घरों में आगजनी
Sat, 11 Jul 2026 06:02 PM IST
Pavan
पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल
Published by: Pavan
Updated Sat, 11 Jul 2026 06:02 PM IST
सार
इंफाल पश्चिम में इश घटना के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े और हल्का लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों की सतर्कता से एक बड़ा सांप्रदायिक टकराव टल गया। पुलिस के अनुसार, करीब 600 लोगों की भीड़ कांतो सबाल इलाके की ओर बढ़ रही थी। सुरक्षा बलों ने समय रहते उन्हें रोक दिया, जिससे संभावित हिंसक झड़प टल गई। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने खाली पड़े मकानों में आग लगाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया और किसी तरह की जनहानि नहीं होने दी। फिलहाल मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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कांगपोकपी जिले की ओर से आए लोगों ने की आगजनी
वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि कांगपोकपी जिले की ओर से आए लोगों ने कांतो सबाल इलाके में मैतेई समुदाय के कम से कम तीन खाली पड़े घरों में आग लगा दी। उनके अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्र से घाटी की ओर आए और आगजनी की घटना को अंजाम देकर वापस लौट गए। बताया गया कि जिन घरों में आग लगाई गई, वे मैतेई समुदाय के थे और मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से खाली पड़े थे। यह इलाका घाटी के किनारे स्थित है और कुकी बहुल कांगपोकपी जिले से सटा हुआ है।
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मैतेई समुदाय के खाली पड़े घरों में लगाई आग
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कांतो सबाल की ओर बढ़ने लगे। हालांकि सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इससे स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कांतो सबाल की निवासी थोकचोम रेबुबाला देवी ने आरोप लगाया कि 500 से अधिक कुकी लोग रैली के रूप में इलाके में पहुंचे और खाली पड़े मैतेई समुदाय के घरों में आग लगा दी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर जाना चाहते थे तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया।
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आम जनता से पुलिस-प्रशासन ने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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कांगपोकपी जिले की ओर से आए लोगों ने की आगजनी
वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि कांगपोकपी जिले की ओर से आए लोगों ने कांतो सबाल इलाके में मैतेई समुदाय के कम से कम तीन खाली पड़े घरों में आग लगा दी। उनके अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्र से घाटी की ओर आए और आगजनी की घटना को अंजाम देकर वापस लौट गए। बताया गया कि जिन घरों में आग लगाई गई, वे मैतेई समुदाय के थे और मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से खाली पड़े थे। यह इलाका घाटी के किनारे स्थित है और कुकी बहुल कांगपोकपी जिले से सटा हुआ है।
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मैतेई समुदाय के खाली पड़े घरों में लगाई आग
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कांतो सबाल की ओर बढ़ने लगे। हालांकि सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इससे स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कांतो सबाल की निवासी थोकचोम रेबुबाला देवी ने आरोप लगाया कि 500 से अधिक कुकी लोग रैली के रूप में इलाके में पहुंचे और खाली पड़े मैतेई समुदाय के घरों में आग लगा दी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर जाना चाहते थे तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया।
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आम जनता से पुलिस-प्रशासन ने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।